Skip to main content
Follow Us On
Hindi News, India News in Hindi, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi, ताजा ख़बरें, News9india

वैभव सूर्यवंशी से शमी तक, इन खिलाड़ियों पर रहेगी नजर; जानिए पूरा शेड्यूल और क्यों खास है टूर्नामेंट |

by पूजा झा

भारतीय घरेलू क्रिकेट के नए सीजन का आगाज रविवार, 23 अगस्त से दलीप ट्रॉफी 2026-27 के साथ होने जा रहा है। इस बार टूर्नामेंट अपने पारंपरिक इंटर-जोनल फॉर्मेट में वापसी कर रहा है। छह टीमें—नॉर्थ जोन, साउथ जोन, ईस्ट जोन, वेस्ट जोन, सेंट्रल जोन और नॉर्थ ईस्ट जोन—खिताब के लिए मैदान में उतरेंगी। सभी मुकाबले शुरुआत में बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेले जाएंगे। इस टूर्नामेंट की सबसे बड़ी सुर्खियों में 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी शामिल हैं। आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी प्रतिभा की झलक दिखा चुके वैभव अब रेड-बॉल क्रिकेट में खुद को साबित करने उतरेंगे। वह ईस्ट जोन टीम के उप-कप्तान बनाए गए हैं, जबकि टीम की कप्तानी विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन करेंगे। ईस्ट जोन का पहला मुकाबला 23 अगस्त से नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ बेंगलुरु के CoE ग्राउंड-2 में होगा।

वैभव के लिए बड़ी परीक्षा

वैभव सूर्यवंशी ने हाल के समय में सफेद गेंद के क्रिकेट में काफी सुर्खियां बटोरी हैं। अब दलीप ट्रॉफी उनके लिए एक अलग तरह की चुनौती लेकर आई है। चार दिवसीय फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में बल्लेबाज की तकनीक, धैर्य और लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहने की क्षमता की परीक्षा होती है। वैभव के साथ ईस्ट जोन की टीम में मोहम्मद शमी, अभिमन्यु ईश्वरन, मुकेश कुमार, शाहबाज अहमद और कुमार कुशाग्र जैसे अनुभवी और प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी मौजूद हैं। ऐसे में युवा वैभव के पास अनुभवी खिलाड़ियों के साथ रेड-बॉल क्रिकेट का अनुभव हासिल करने का शानदार मौका होगा। हाल ही में वैभव को ईस्ट जोन का उप-कप्तान बनाए जाने से भी उनकी बढ़ती जिम्मेदारी का अंदाजा लगाया जा सकता है। यह उनकी जोनल रेड-बॉल क्रिकेट में पहली बड़ी नेतृत्व भूमिका है।

मोहम्मद शमी की भी होगी परीक्षा

ईस्ट जोन के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक मोहम्मद शमी भी इस टूर्नामेंट में नजर आएंगे। 35 साल के शमी लंबे समय से भारतीय टेस्ट टीम में वापसी की कोशिश कर रहे हैं और घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन इस दिशा में अहम हो सकता है। दलीप ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन शमी को चयनकर्ताओं के रडार पर बनाए रखने में मदद कर सकता है। खासकर रेड-बॉल क्रिकेट में उनकी गति, अनुभव और गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की क्षमता टीम इंडिया के लिए अब भी उपयोगी साबित हो सकती है। ईस्ट जोन की आधिकारिक टीम में शमी के साथ मुकेश कुमार और सुरज सिंधु जायसवाल जैसे गेंदबाज भी शामिल हैं।

जम्मू-कश्मीर के छह खिलाड़ी नॉर्थ जोन में

इस बार नॉर्थ जोन की टीम भी खास है। जम्मू-कश्मीर के छह खिलाड़ियों को टीम में जगह मिली है। इनमें कप्तान कन्हैया वाधवान, क्यूमरान इकबाल, अब्दुल समद, आबिद मुश्ताक, सुनील कुमार और युद्धवीर सिंह शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर के लिए यह प्रतिनिधित्व इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि टीम ने हाल ही में अपना पहला रणजी ट्रॉफी खिताब जीता है। उस सफलता के बाद राज्य के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के घरेलू क्रिकेट में ज्यादा अवसर मिलने की उम्मीद बढ़ी है। क्यूमरान इकबाल और युद्धवीर सिंह जैसे खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी नजर रहेगी। वहीं नॉर्थ जोन की टीम में भारत के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह भी शामिल हैं। ऐसे में नॉर्थ जोन का गेंदबाजी आक्रमण काफी मजबूत दिखाई देता है।

बड़े नामों से सजी है वेस्ट जोन की टीम

दूसरे क्वार्टर फाइनल में नॉर्थ जोन का सामना वेस्ट जोन से होगा। वेस्ट जोन की कप्तानी रुतुराज गायकवाड़ करेंगे। टीम में पृथ्वी शॉ, शार्दुल ठाकुर, मुशीर खान, तुषार देशपांडे और तनुष कोटियन जैसे नाम शामिल हैं। खास तौर पर पृथ्वी शॉ की वापसी पर भी नजर रहेगी। उनके लिए घरेलू फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना बेहद महत्वपूर्ण होगा।

इस बार क्यों खास है दलीप ट्रॉफी?

दलीप ट्रॉफी को भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे महत्वपूर्ण फर्स्ट-क्लास टूर्नामेंटों में गिना जाता है। यह टूर्नामेंट युवा खिलाड़ियों को बड़े स्तर पर खुद को साबित करने का मौका देता है और अनुभवी खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय टीम में वापसी का रास्ता भी खोल सकता है। इस बार टूर्नामेंट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारतीय क्रिकेट का नया घरेलू सीजन शुरू हो रहा है और चयनकर्ताओं की नजर कई खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर होगी। एक तरफ वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी हैं, जो रेड-बॉल क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने की कोशिश करेंगे। दूसरी तरफ मोहम्मद शमी और पृथ्वी शॉ जैसे अनुभवी खिलाड़ी हैं, जो अपने प्रदर्शन के जरिए टीम इंडिया की चयन चर्चा में जगह बनाने की कोशिश करेंगे।

दलीप ट्रॉफी का नया फॉर्मेट

पिछले कुछ वर्षों में दलीप ट्रॉफी के फॉर्मेट में बदलाव हुए थे। अब 2026-27 में यह टूर्नामेंट फिर से छह जोन वाले इंटर-जोनल फॉर्मेट में खेला जा रहा है। 23 अगस्त से दो क्वार्टर फाइनल मुकाबले शुरू होंगे। पहले मैच में ईस्ट जोन का सामना नॉर्थ ईस्ट जोन से होगा, जबकि दूसरे मुकाबले में नॉर्थ जोन और वेस्ट जोन आमने-सामने होंगे। इसके बाद 30 अगस्त से दो सेमीफाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। फाइनल को बेंगलुरु से चेन्नई शिफ्ट किया गया है ताकि दर्शक स्टेडियम में बैठकर इस बड़े घरेलू मुकाबले को देख सकें। BCCI के मुताबिक टूर्नामेंट के बाकी मुकाबले तय कार्यक्रम के अनुसार बेंगलुरु में ही होंगे।

कुल मिलाकर, दलीप ट्रॉफी 2026-27 भारतीय घरेलू क्रिकेट के लिए सिर्फ नए सीजन की शुरुआत नहीं है। यह युवा प्रतिभाओं के लिए खुद को साबित करने, अनुभवी खिलाड़ियों के लिए वापसी का दावा मजबूत करने और चयनकर्ताओं का ध्यान खींचने का बड़ा मंच है। सबसे ज्यादा नजर 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर रहेगी, लेकिन उनके साथ मोहम्मद शमी, अर्शदीप सिंह, पृथ्वी शॉ, रुतुराज गायकवाड़ और जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी आने वाले घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए अहम हो सकता है।


हार्दिक पंड्या की गुजरात वापसी पर लगा ब्रेक! कप्तानी की शर्त बनी रोड़ा |

मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या के आईपीएल भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, हार्दिक की गुजरात टाइटंस में वापसी की संभावना पर बातचीत हुई थी, लेकिन कप्तानी को लेकर उनकी शर्त के चलते यह मामला आगे नहीं बढ़ सका। रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात टाइटंस हार्दिक को दोबारा टीम में शामिल करने के लिए तैयार थी। इस संभावित वापसी को लेकर मौजूदा कप्तान शुभमन गिल से भी बात की गई थी। हालांकि, जब हार्दिक की ओर से कप्तानी को लेकर शर्त सामने आई तो फ्रेंचाइजी ने इसे स्वीकार नहीं किया।

कप्तानी पर अटकी वापसी

बताया जा रहा है कि हार्दिक चाहते थे कि अगर वह गुजरात टाइटंस में लौटते हैं तो उन्हें एक बार फिर टीम की कप्तानी सौंपी जाए। फ्रेंचाइजी ने इस शर्त को मानने से इनकार कर दिया और शुभमन गिल के नेतृत्व में आगे बढ़ने का फैसला किया। हालांकि, गुजरात टाइटंस की ओर से इस मामले पर आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। वहीं, हार्दिक के प्रवक्ता ने दावा किया कि हार्दिक ने किसी भी फ्रेंचाइजी से ट्रेड या ट्रांसफर को लेकर सीधे बातचीत नहीं की है। अगर उन्हें लेकर कोई संपर्क हुआ है तो वह मुंबई इंडियंस के माध्यम से हुआ है।

मुंबई इंडियंस में भी कप्तानी पर सवाल

हार्दिक को लेकर यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब मुंबई इंडियंस में उनकी कप्तानी और टीम में भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आईपीएल 2026 में मुंबई का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। टीम ने 14 में से 10 मुकाबले गंवाए और 8 अंकों के साथ नौवें स्थान पर रही। इसके साथ ही मुंबई का खिताबी सूखा छह साल तक पहुंच गया। सीजन के आखिरी मैच में राजस्थान रॉयल्स से हार के बाद मुंबई के कोचिंग स्टाफ ने सीनियर खिलाड़ियों के साथ बैठक की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, खिलाड़ियों से कोचिंग स्टाफ की रणनीति और डेटा के आधार पर दिए गए निर्देशों को गंभीरता से लागू करने की अपेक्षा जताई गई थी। इसके बाद हार्दिक की कप्तानी और टीम में उनकी भूमिका को लेकर समीक्षा की खबरें सामने आईं।

ऑरेंज-पर्पल कैप की दौड़ में भी नहीं रहा MI का कोई खिलाड़ी

मुंबई इंडियंस के खराब प्रदर्शन का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि 2026 सीजन में टीम का कोई खिलाड़ी ऑरेंज या पर्पल कैप की दौड़ में शीर्ष स्तर पर नहीं पहुंच सका। टीम के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रयान रिकेल्टन रन स्कोरर्स की सूची में 17वें स्थान पर रहे, जबकि गेंदबाजों में अल्लाह गजनफर 14वें नंबर पर रहे। 
गुजरात के लिए कप्तान के तौर पर सफल रहे थे हार्दिक

हार्दिक पंड्या का गुजरात टाइटंस के साथ पिछला कार्यकाल बेहद सफल रहा था। मुंबई इंडियंस से रिलीज होने के बाद वह 2022 में गुजरात की नई फ्रेंचाइजी से जुड़े और पहले ही सीजन में टीम को अपनी कप्तानी में आईपीएल चैंपियन बनाया। इसके बाद 2024 में हार्दिक की मुंबई इंडियंस में वापसी हुई और उन्हें रोहित शर्मा की जगह कप्तानी सौंपी गई। हालांकि, मुंबई में उनका पहला सीजन खराब रहा और टीम अंक तालिका में आखिरी स्थान पर रही। 2025 में टीम ने प्लेऑफ तक पहुंचकर कुछ सुधार किया, लेकिन 2026 का खराब प्रदर्शन एक बार फिर हार्दिक की कप्तानी को सवालों के घेरे में ले आया।

अब हार्दिक का अगला ठिकाना क्या?

फिलहाल हार्दिक पंड्या के मुंबई इंडियंस से अलग होने या किसी दूसरी फ्रेंचाइजी में जाने को लेकर कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है। गुजरात टाइटंस में वापसी की रिपोर्ट के बाद आईपीएल 2027 से पहले ट्रेड को लेकर अटकलें जरूर तेज हो गई हैं। इतना साफ है कि अगर हार्दिक किसी नई टीम में जाते हैं तो कप्तानी उनकी प्राथमिक शर्त होगी या नहीं, यह उनके भविष्य के फैसले में अहम भूमिका निभा सकता है। वहीं गुजरात टाइटंस फिलहाल शुभमन गिल के नेतृत्व में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।


अभिषेक पोरेल गिरफ्तार, शादी का झांसा देकर यौन संबंध बनाने के आरोप में हुई कार्रवाई

by न्यूज डेस्क

नई दिल्ली: दिल्ली कैपिटल्स के विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हुगली पुलिस ने मंगलवार सुबह उन्हें हिरासत में लेकर कई घंटे पूछताछ की। इसके बाद उन्हें औपचारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई एक मेडिकल छात्रा की शिकायत से जुड़े मामले में हुई है, जिसमें पोरेल पर शादी का झांसा देकर यौन संबंध बनाने का आरोप लगाया गया है। गिरफ्तारी के बाद अभिषेक पोरेल का मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद उन्हें चिनसुराह कोर्ट में पेश किया गया। मामले में मंगलवार को ही अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई भी निर्धारित थी। इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने पुलिस को पोरेल को गिरफ्तार करने का आदेश दिया था।

मेडिकल छात्रा ने लगाए गंभीर आरोप

मामला हुगली के मोगरा थाने में दर्ज शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता मेडिकल छात्रा ने आरोप लगाया है कि अभिषेक पोरेल ने शादी का वादा करके उसके साथ यौन संबंध बनाए। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि पोरेल ने दोनों के निजी पलों को रिकॉर्ड किया था। महिला के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच शादी को लेकर बातचीत भी हुई थी। हालांकि, बाद में उसे पोरेल के अन्य महिलाओं के साथ कथित संबंधों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

FIR में 19 धाराओं का जिक्र

मामले की FIR में कुल 19 धाराओं का उल्लेख किया गया है। FIR के मुताबिक, कथित घटना 2 अप्रैल 2026 को दिल्ली में हुई थी। शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि पोरेल ने उसे कथित तौर पर गैरकानूनी तरीके से अपने पास रखा और खाना तक नहीं दिया। FIR में यह भी दावा किया गया है कि उसे जानबूझकर अलग-थलग रखा गया, जिससे उसकी शारीरिक स्थिति बिगड़ गई और वह ठीक से चलने की स्थिति में नहीं रही।  शिकायत के मुताबिक, फ्लाइट होने के बावजूद कथित चोटों के कारण उसे तत्काल मेडिकल मदद लेनी पड़ी।

इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त करने का निर्देश

मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी के निर्देश के साथ शिकायतकर्ता की तस्वीरों के प्रसार को रोकने के लिए भी निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने मोगरा पुलिस को अभिषेक पोरेल के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त करने का आदेश दिया है। पुलिस ने मंगलवार को पहले पोरेल को हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया और फिर चिनसुराह कोर्ट में पेश किया गया। महत्वपूर्ण: मामले में लगाए गए आरोप फिलहाल शिकायत और FIR में दर्ज दावों पर आधारित हैं। आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगा।

कैसा रहा है अभिषेक पोरेल का क्रिकेट करियर?

23 वर्षीय अभिषेक पोरेल घरेलू क्रिकेट में बंगाल के लिए खेलते हैं। वह 2023 में ऋषभ पंत के रिप्लेसमेंट के तौर पर दिल्ली कैपिटल्स से जुड़े थे। IPL में पोरेल ने दिल्ली कैपिटल्स के लिए 35 मैचों में 769 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 145 से ज्यादा का रहा है। दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 2026 सीजन के लिए 4 करोड़ रुपये में रिटेन किया था। घरेलू क्रिकेट में पोरेल के नाम 32 फर्स्ट क्लास मैचों में 1,408 रन हैं, जिसमें एक शतक शामिल है। 23 लिस्ट-ए मैचों में उन्होंने 833 रन बनाए हैं, जिसमें दो शतक शामिल हैं। वहीं, 61 टी20 मैचों में उनके नाम 1,590 रन हैं।


15 साल के वैभव सूर्यवंशी को उपकप्तान बनाने पर विवाद, पूर्व कप्तान ने उठाए सवाल

नई दिल्ली: दलीप ट्रॉफी 2026 शुरू होने से पहले भारतीय क्रिकेट में 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। ईस्ट जोन टीम का उपकप्तान बनाए जाने के फैसले पर पूर्व क्रिकेटर और गुजरात के पूर्व कप्तान प्रियंक पांचाल ने सवाल उठाते हुए इसे जल्दबाजी बताया है। दलीप ट्रॉफी के लिए ईस्ट जोन की कप्तानी ईशान किशन को सौंपी गई है, जबकि वैभव सूर्यवंशी को उपकप्तान बनाया गया है। हैरानी की बात यह है कि वैभव ने अब तक सिर्फ 8 फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं, जबकि टीम में 113 फर्स्ट क्लास मुकाबलों का अनुभव रखने वाले अभिमन्यु ईश्वरन जैसे वरिष्ठ खिलाड़ी भी मौजूद हैं। हाल ही में जिम्बाब्वे दौरे पर वैभव सूर्यवंशी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 151 रन बनाए थे। तीसरे और निर्णायक मुकाबले में उनकी 81 रन की विस्फोटक पारी ने भारत को सीरीज जिताने में अहम भूमिका निभाई। उन्हें 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' भी चुना गया था। इसी प्रदर्शन के बाद चयनकर्ताओं ने उन्हें नेतृत्व की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपने का फैसला किया।

प्रियंक पांचाल ने क्या कहा?

प्रियंक पांचाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि इतनी कम उम्र में उपकप्तानी देना युवा खिलाड़ी पर अनावश्यक दबाव डाल सकता है। उनके अनुसार, वैभव को पहले रेड बॉल क्रिकेट में खुद को पूरी तरह स्थापित करने का मौका मिलना चाहिए, उसके बाद नेतृत्व की जिम्मेदारी देना अधिक उचित होगा। पांचाल की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई। कई क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव की प्रतिभा पर कोई सवाल नहीं है, लेकिन नेतृत्व की भूमिका के लिए अभी थोड़ा इंतजार बेहतर होता।

चयन समिति ने किया फैसले का बचाव

हालांकि, ईस्ट जोन चयन समिति ने अपने फैसले का बचाव किया है। चयनकर्ता मनीष वर्धन ने कहा कि यह निर्णय केवल मौजूदा टूर्नामेंट के लिए नहीं, बल्कि वैभव के लंबे क्रिकेट करियर को ध्यान में रखकर लिया गया है। उनके मुताबिक, पकप्तान बनने से युवा खिलाड़ी कप्तान के साथ मिलकर टीम प्रबंधन और नेतृत्व की बारीकियां सीखता है। इससे भविष्य में उसके विकास को गति मिलेगी।

कब शुरू होगी दलीप ट्रॉफी?

दलीप ट्रॉफी 2026 का 63वां संस्करण 23 अगस्त से बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेला जाएगा। पहले दौर में ईस्ट जोन का मुकाबला नॉर्थ-ईस्ट जोन से होगा, जबकि वेस्ट जोन की टक्कर नॉर्थ जोन से होगी। सेमीफाइनल 30 अगस्त और फाइनल मुकाबला 5 सितंबर को खेला जाएगा।


15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास! ऑरेंज कैप जीतकर तोड़ा शुभमन गिल-साई सुदर्शन का महारिकॉर्ड

by newsdesk

IPL 2026 में एक अनोखा और अविश्वसनीय रिकॉर्ड बन गया है। राजस्थान रॉयल्स के मात्र 15 वर्षीय सनसनीखेज ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने इस सीजन की ऑरेंज कैप अपने नाम कर ली है।

इस उपलब्धि के साथ उन्होंने शुभमन गिल और साई सुदर्शन का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है।

वैभव का कमाल

  • कुल रन: 712
  • मैच: 16
  • शतक: 4
  • अर्धशतक: 3
  • स्ट्राइक रेट: 162.78

वैभव सूर्यवंशी अब IPL इतिहास के सबसे कम उम्र में ऑरेंज कैप जीतने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड शुभमन गिल के नाम था।

राजस्थान रॉयल्स में जश्न

राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ने वैभव की तारीफ करते हुए कहा, “वैभव सिर्फ 15 साल का है, लेकिन उसकी मैच्योरिटी और आक्रामकता देखकर लगता है कि वह भारतीय क्रिकेट का भविष्य है।”

कोचिंग स्टाफ और टीम के साथी खिलाड़ियों ने भी इस युवा प्रतिभा को बधाई दी।

विशेषज्ञों की राय

क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि वैभव सूर्यवंशी में विराट कोहली और शुभमन गिल दोनों की छाप दिखती है। उनकी तकनीक, फुटवर्क और पावरहिटिंग लाजवाब है।