बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर एक बार फिर अपने पुराने ‘पद्मावत’ और जौहर से जुड़े बयान को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर उनके एक पुराने वीडियो की क्लिप वायरल हो रही है, जिसके आधार पर दावा किया जा रहा है कि उन्होंने रानी पद्मावती और जौहर करने वाली महिलाओं को ‘कायर’ बताया था। अब स्वरा भास्कर ने एक नया वीडियो शेयर कर अपने बयान का संदर्भ स्पष्ट किया है। स्वरा का कहना है कि उनके पुराने बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और उसका ऐसा अर्थ निकाला जा रहा है, जो उन्होंने कहा ही नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी रानी पद्मावती या जौहर करने वाली महल की अन्य महिलाओं को कायर नहीं कहा।
स्वरा ने बताया, आखिर उन्होंने क्या कहा था?
अपने वीडियो में स्वरा ने अपने पुराने बयान के अलग-अलग हिस्सों का हिंदी में अर्थ समझाया। उन्होंने कहा कि उनके बयान का गलत अनुवाद कर सोशल मीडिया पर एक अलग कहानी बनाई जा रही है। एक्ट्रेस ने कहा कि अगर किसी को उनकी बात समझ नहीं आई थी, तो उन्हें पहले यह जानने की कोशिश करनी चाहिए थी कि उन्होंने वास्तव में क्या कहा था। उन्होंने ट्रोलिंग को लेकर भी कहा कि लोग उन्हें गाली देना चाहते हैं तो दें, लेकिन कम से कम सही बात के लिए दें। स्वरा ने बताया कि ‘पद्मावत’ का क्लाइमेक्स देखने के दौरान उनके मन में एक विचार आया था। उन्होंने कहा कि अगर भगवान न करे वह खुद कभी रेप की शिकार होतीं, तो उस स्थिति में शायद उन्हें इस बात का अपराधबोध होता कि उन्होंने अपनी जान नहीं ली। उनके मुताबिक, यह बात उन्होंने जौहर करने वाली महिलाओं को कायर बताने के लिए नहीं कही थी, बल्कि उस सामाजिक सोच पर सवाल उठाने के लिए कही थी, जिसमें महिलाओं की जिंदगी और उनकी शारीरिक ‘पवित्रता’ को अलग-अलग तरीके से देखा जाता है।
‘क्या रेप सर्वाइवर के लिए जिंदा रहना गलत है?’
स्वरा ने अपने बयान को रेप कल्चर और महिलाओं के खिलाफ हिंसा से जोड़ते हुए कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि समाज में यौन हिंसा को लेकर गंभीर चिंता है और ऐसे माहौल में फिल्मों से मिलने वाले संदेश पर भी सवाल किया जाना चाहिए। उन्होंने ‘पद्मावत’ के संदर्भ में सवाल उठाया कि क्या ऐसी कहानी का संदेश यह होना चाहिए कि किसी महिला की शारीरिक पवित्रता उसकी जिंदगी से ज्यादा महत्वपूर्ण है? उन्होंने यह भी सवाल किया कि अगर कोई महिला रेप की शिकार होती है और जिंदा बच जाती है, तो क्या उसे यह संदेश दिया जाना चाहिए कि उसकी जिंदगी खत्म हो जाना बेहतर था? स्वरा ने इसी संदर्भ में निर्भया केस का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की जीने की इच्छा को कभी कम करके नहीं आंकना चाहिए।
दिल्ली-NCR की घटना का भी किया जिक्र
स्वरा ने अपने वीडियो में दिल्ली-NCR में एक महिला के साथ कथित तौर पर करीब 47 किलोमीटर तक रेप किए जाने की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने इस तरह की घटनाओं का उदाहरण देते हुए महिलाओं की सुरक्षा और समाज की सोच पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा के बीच यह समझना जरूरी है कि किसी महिला के साथ यौन हिंसा होने के बाद उसकी जिंदगी की अहमियत खत्म नहीं हो जाती।
सोशल मीडिया पोस्ट के कैप्शन में मीडिया पर निशाना
स्वरा ने वीडियो के साथ लिखे कैप्शन में भी अपने पुराने बयान को लेकर चल रहे विवाद पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि उनके वीडियो की एक छोटी क्लिप वायरल कर उसके आधार पर गलत नैरेटिव तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि रानी पद्मावती या जौहर करने वाली कोई महिला कायर थी। एक्ट्रेस ने मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया यूजर्स पर भी गलत दावे फैलाने का आरोप लगाया। स्वरा ने अपनी पोस्ट के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि किसी महिला के साथ रेप होने के बाद भी उसे सम्मान के साथ जीने का पूरा अधिकार है।
‘पद्मावत’ रिलीज के बाद भी दिया था बयान
बता दें कि संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ की रिलीज के बाद स्वरा भास्कर ने फिल्म को लेकर एक ओपन लेटर लिखा था। उस समय फिल्म के क्लाइमेक्स और जौहर के चित्रण को लेकर उनकी टिप्पणी काफी चर्चा में आई थी। स्वरा ने बाद में बताया था कि फिल्म में जौहर का दृश्य देखने के बाद वह काफी विचलित हो गई थीं। उन्होंने महिलाओं को केवल उनकी शारीरिक पहचान तक सीमित किए जाने की सोच पर सवाल उठाया था। अब पुराने वीडियो की क्लिप दोबारा वायरल होने के बाद स्वरा ने सफाई देते हुए कहा है कि उनके बयान का मूल संदर्भ समझे बिना उसे ‘पद्मावती को कायर कहने’ के रूप में पेश किया जा रहा है।
कैरेक्टर पर सवाल उठाने वालों पर भड़कीं कंगना रनौत, कहा- मेरे राजनीति में आने से इनको धक्का लगा
बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाने के बाद राजनीति में कदम रखने वाली अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत एक बार फिर अपने आलोचकों के निशाने पर हैं। अपने बेबाक अंदाज के लिए जानी जाने वाली कंगना ने अब उन लोगों को जवाब दिया है, जो उनकी राजनीतिक भूमिका और निजी चरित्र को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। कंगना ने कहा कि राजनीति में आने के बाद भी उन्हें ‘आउटसाइडर’ होने का एहसास कराया जाता है। उनके मुताबिक, कई लोगों को उनका राजनीति में आना पसंद नहीं आया और उनकी उपलब्धियों को कमतर दिखाने की लगातार कोशिश की जाती है।
‘मेरे राजनीति में आने से बहुत लोगों को धक्का लगा’
डीडी न्यूज को दिए इंटरव्यू में कंगना ने कहा कि वह आए दिन सोशल मीडिया पर अपने खिलाफ बनाए गए वीडियो और पोस्ट देखती हैं। उनका दावा है कि इन कंटेंट में उनके बारे में तरह-तरह की आपत्तिजनक और व्यक्तिगत बातें कही जाती हैं। कंगना ने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा दुख इस बात से होता है कि लोग यह सवाल उठाते हैं कि वह इस मुकाम तक कैसे पहुंचीं। उन्होंने आलोचकों को जवाब देते हुए कहा कि इस स्थिति तक पहुंचने के पीछे उनकी वर्षों की मेहनत और संघर्ष है। अभिनेत्री ने कहा कि उन्होंने अपने दम पर इंडस्ट्री में जगह बनाई और अब राजनीति में भी अपनी जगह बनाने के लिए मेहनत कर रही हैं। उनका कहना है कि उन्हें अपनी मौजूदा स्थिति पर किसी तरह की सफाई देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उन्होंने यह मुकाम अपनी मेहनत और योग्यता से हासिल किया है।
आलोचनाओं से दुखी हैं कंगना
कंगना ने यह भी माना कि लगातार होने वाली व्यक्तिगत टिप्पणियों से उन्हें फर्क पड़ता है। उन्होंने कहा कि किसी के विचारों से असहमति होना अलग बात है, लेकिन किसी महिला के चरित्र को लेकर आपत्तिजनक बातें करना बेहद दुखद है। उनके मुताबिक, राजनीति में आने के बाद उनके खिलाफ आलोचनाओं का एक अलग स्तर देखने को मिला है। कंगना का मानना है कि उनकी राजनीतिक सक्रियता से कुछ लोग असहज हुए हैं और इसी वजह से उनके खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाता है।
‘कॉकरोच को चप्पल से ही मारोगे...’
इंटरव्यू के दौरान कंगना ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कॉकरोच को कोई हाथ में नहीं उठाता, बल्कि उसे चप्पल से मारता है। वहीं, तितली के साथ लोग तस्वीरें खिंचवाते हैं। कंगना का यह बयान उनके पुराने विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दिपके के साथ कंगना का सोशल मीडिया पर पहले भी विवाद हो चुका है। नीट प्रोटेस्ट के दौरान दोनों के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बहस देखने को मिली थी।कंगना ने एक पुरानी पोस्ट में अभिजीत की अंग्रेजी को लेकर भी टिप्पणी की थी। अब इंटरव्यू में दिए गए इस बयान के बाद एक बार फिर दोनों के बीच पुराने विवाद की चर्चा तेज हो गई है। कंगना रनौत इससे पहले भी अपने बेबाक बयानों और राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर राय रखने को लेकर सुर्खियों में रही हैं। इस बार भी उनके बयान ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है।
'टॉक्सिक' ने पहले दिन लगाई सेंचुरी, बंपर ओपनिंग के बावजूद 'धुरंधर 2' का रिकॉर्ड नहीं टूटा
मुंबई: रॉकिंग स्टार यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'टॉक्सिक' ने बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार शुरुआत की है। फिल्म को समीक्षकों और दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिलने के बावजूद पहले दिन इसकी कमाई ने 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया। हालांकि, शानदार ओपनिंग के बाद भी यश की फिल्म रणवीर सिंह की 'धुरंधर 2' के पहले दिन के कलेक्शन का रिकॉर्ड नहीं तोड़ सकी।
पहले दिन 101 करोड़ से ज्यादा की नेट कमाई
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'टॉक्सिक' ने रिलीज के पहले दिन भारत में करीब 101.10 करोड़ रुपये की नेट कमाई की। फिल्म की ग्रॉस कमाई करीब 120.75 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जबकि दुनियाभर में इसका ग्रॉस कलेक्शन करीब 140.75 करोड़ रुपये तक पहुंचने का दावा किया गया है। फिल्म की सबसे ज्यादा कमाई हिंदी वर्जन से हुई।
भाषा के हिसाब से कथित कलेक्शन इस प्रकार रहा
हिंदी: करीब 55 करोड़ रुपये
कन्नड़: करीब 23 करोड़ रुपये
तेलुगू: करीब 16 करोड़ रुपये
तमिल: करीब 5.50 करोड़ रुपये
मलयालम: करीब 1.30 करोड़ रुपये
रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म को देशभर में हजारों शोज में रिलीज किया गया था और एडवांस बुकिंग से ही इसकी मजबूत ओपनिंग के संकेत मिल गए थे। 'टॉक्सिक' की ओपनिंग भले ही शानदार रही हो, लेकिन यह साल 2026 की सबसे बड़ी ओपनिंग का रिकॉर्ड अपने नाम नहीं कर सकी। इस साल मार्च में रिलीज हुई रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर 2' ने कथित तौर पर पहले दिन करीब 103 करोड़ रुपये की नेट कमाई की थी। इस तरह 'धुरंधर 2' फिलहाल 2026 की सबसे बड़ी ओपनिंग करने वाली फिल्मों में आगे बनी हुई है।
KGF 2 के आंकड़े से भी पीछे रहे यश
यश की पिछली ब्लॉकबस्टर फिल्म 'KGF Chapter 2' ने भी पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त प्रदर्शन किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फिल्म ने भारत में करीब 116 करोड़ रुपये की नेट कमाई की थी। यानी 'टॉक्सिक' 100 करोड़ का आंकड़ा पार करने के बावजूद यश की पिछली फिल्म के पहले दिन के रिकॉर्ड को पीछे नहीं छोड़ पाई।
असली परीक्षा वीकेंड के बाद
अब बॉक्स ऑफिस की नजरें फिल्म के पहले वीकेंड और उसके बाद के दिनों की कमाई पर टिकी हैं। फिल्म को लेकर सोशल मीडिया और समीक्षकों की प्रतिक्रियाएं काफी अलग-अलग रही हैं। कुछ दर्शकों ने फिल्म के एक्शन और विजुअल्स की तारीफ की है, जबकि कुछ ने इसकी कहानी और प्रस्तुति पर सवाल उठाए हैं। फिल्म की शुरुआती कमाई में एडवांस बुकिंग का भी अहम योगदान माना जा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि दर्शकों की प्रतिक्रिया और वर्ड ऑफ माउथ के बाद 'टॉक्सिक' बॉक्स ऑफिस पर अपनी रफ्तार बरकरार रख पाती है या नहीं। यश ने करीब चार साल बाद बड़े पर्दे पर वापसी की है। 'KGF 2' की ऐतिहासिक सफलता के बाद उनके अगले प्रोजेक्ट को लेकर दर्शकों में काफी उत्साह था। अब 'टॉक्सिक' की आगे की कमाई ही तय करेगी कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कितनी लंबी रेस तय करती है।
'दखल मत दो, हम खुद देख लेंगे', डॉन-3 विवाद पर रणवीर सिंह का सख्त रुख, 45 करोड़ के दावे पर भी घमासान
मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह और फिल्म 'डॉन 3' के निर्माताओं के बीच विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब रणवीर सिंह ने कथित तौर पर साफ कर दिया है कि उनके और फिल्म के निर्माताओं फरहान अख्तर व रितेश सिधवानी के बीच चल रहे इस विवाद में किसी इंडस्ट्री संस्था को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। रणवीर का पक्ष है कि यह मामला मूल रूप से कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े पक्षों के बीच का है और इसका समाधान भी आपसी बातचीत या कानूनी प्रक्रिया के जरिए होना चाहिए। दूसरी ओर, फिल्म निर्माता इस विवाद को इंडस्ट्री संस्थाओं के सामने ले जा चुके हैं और कथित तौर पर करीब 45 करोड़ रुपये के नुकसान का दावा कर रहे हैं।
IMPPA से दूरी रखने की मांग
मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, रणवीर सिंह अपने इस रुख पर कायम हैं कि इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) या दूसरी इंडस्ट्री संस्थाओं को इस विवाद का फैसला नहीं करना चाहिए। यह घटनाक्रम रणवीर के पिता जगजीत सिंह भवनानी की IMPPA के अधिकारियों से मुलाकात के बाद सामने आया। उन्होंने कथित तौर पर एक्सेल एंटरटेनमेंट की ओर से किए गए 45 करोड़ रुपये के दावे का विरोध करते हुए अपना पक्ष रखा और दस्तावेज जमा किए। फिलहाल IMPPA दोनों पक्षों की ओर से पेश किए गए दस्तावेजों की जांच कर रही है। इसके बाद ही संस्था आगे की कार्रवाई या किसी फैसले पर विचार करेगी।
रणवीर के वकीलों ने भी उठाए सवाल
सूत्रों के अनुसार, रणवीर सिंह के कानूनी प्रतिनिधियों का तर्क है कि इस तरह के कॉन्ट्रैक्ट विवाद में FWICE या IMPPA के अधिकार क्षेत्र को लेकर सवाल उठते हैं। उनका मानना है कि विवाद को संबंधित पक्षों के बीच ही सुलझाया जाना चाहिए। हालांकि, फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों और निर्माताओं के बीच विवादों को सुलझाने के लिए विभिन्न एसोसिएशन और संस्थाएं लंबे समय से मध्यस्थ की भूमिका निभाती रही हैं। ऐसे में रणवीर के इस रुख ने विवाद को एक नया मोड़ दे दिया है।
IMPPA अध्यक्ष ने क्या कहा?
IMPPA के अध्यक्ष अभय सिन्हा ने संस्था की भूमिका का बचाव करते हुए कहा कि एसोसिएशन अपने नियमों और अधिकार क्षेत्र के अनुसार ही काम कर रही है। उनका कहना है कि दोनों पक्षों के वकीलों और कानूनी टीम द्वारा दस्तावेजों की जांच के बाद ही संस्था किसी निष्कर्ष पर पहुंच सकेगी। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन एसोसिएशन तय प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रही है।
कैसे शुरू हुआ 'डॉन 3' विवाद?
यह विवाद शुरुआत में रणवीर सिंह के फिल्म से अलग होने तक सीमित था, लेकिन धीरे-धीरे यह बॉलीवुड के बड़े इंडस्ट्री विवादों में शामिल हो गया। साल 2023 में रणवीर सिंह को मशहूर 'डॉन' फ्रेंचाइजी की तीसरी फिल्म के लिए मुख्य भूमिका में चुना गया था। फिल्म का निर्देशन फरहान अख्तर को करना था, जबकि इसका निर्माण फरहान और रितेश सिधवानी की कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले किया जाना था। हालांकि, बाद में रणवीर सिंह इस प्रोजेक्ट से अलग हो गए। उनके फिल्म से बाहर होने की वजहों को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि रणवीर ने रचनात्मक मतभेद, स्क्रिप्ट और प्रोडक्शन में देरी जैसी वजहों से फिल्म से दूरी बनाई। वहीं, अभिनेता के करीबी सूत्रों का दावा रहा कि रणवीर ने फिल्म खुद नहीं छोड़ी, बल्कि कुछ मुद्दों पर मतभेद के बाद उन्हें प्रोजेक्ट से अलग कर दिया गया।
45 करोड़ रुपये के दावे से बढ़ा विवाद
विवाद उस समय और गंभीर हो गया जब एक्सेल एंटरटेनमेंट की ओर से कथित तौर पर यह दावा किया गया कि फिल्म की प्री-प्रोडक्शन प्रक्रिया पर करीब 45 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके थे। इन खर्चों में विदेशी लोकेशन की तलाश, यात्रा, होटल बुकिंग, तकनीकी तैयारियां और बड़े क्रू से जुड़ी व्यवस्थाएं शामिल होने की बात कही गई। निर्माताओं का दावा है कि रणवीर के प्रोजेक्ट से अलग होने के बाद उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ। इसके बाद कथित तौर पर रणवीर सिंह से इस नुकसान की भरपाई की मांग की गई।
क्या हुआ था समझौते का प्रस्ताव?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला इंडस्ट्री संस्थाओं तक पहुंचने से पहले दोनों पक्षों के बीच निजी स्तर पर समझौते की कोशिश भी की गई थी। रणवीर के पक्ष की ओर से कथित तौर पर 10 करोड़ रुपये तत्काल देने और भविष्य में एक्सेल एंटरटेनमेंट के साथ किसी प्रोजेक्ट में 25 करोड़ रुपये की छूट देने का प्रस्ताव रखा गया था। इस तरह प्रस्तावित समझौते की कुल कीमत करीब 35 करोड़ रुपये बताई गई। हालांकि, रिपोर्ट्स के अनुसार निर्माताओं ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया और विवाद आगे बढ़ता गया।
कई सितारों ने कराई सुलह की कोशिश
मामला बाद में प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया तक पहुंचा, जहां दोनों पक्षों के बीच समझौते के लिए कई दौर की बातचीत और मध्यस्थता की कोशिश हुई। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि इंडस्ट्री के कई बड़े सितारों और फिल्मकारों ने भी दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने की कोशिश की। हालांकि, तमाम बैठकों और बातचीत के बावजूद 45 करोड़ रुपये से जुड़े विवाद का कोई अंतिम समाधान नहीं निकल सका।
FWICE ने जारी किया था नॉन-कोऑपरेशन निर्देश
विवाद बढ़ने के बाद मामला विभिन्न फिल्म इंडस्ट्री संस्थाओं तक पहुंचा। रिपोर्ट्स के अनुसार, मई में फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी किया था। हालांकि, इसे कई जगह रणवीर पर 'बैन' के रूप में पेश किया गया, लेकिन FWICE ने स्पष्ट किया था कि यह औपचारिक प्रतिबंध नहीं बल्कि नॉन-कोऑपरेशन से जुड़ा निर्देश था। इसके बाद रणवीर सिंह ने FWICE को कानूनी नोटिस भेजकर इस कार्रवाई और विवाद में संस्था के हस्तक्षेप के अधिकार पर सवाल उठाए।
बाद में वापस लिया गया निर्देश
जून में IMPPA, प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया और CINTAA के हस्तक्षेप के बाद FWICE ने अपना नॉन-कोऑपरेशन निर्देश वापस ले लिया। संस्था की ओर से कहा गया कि इसका उद्देश्य दोनों पक्षों को बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने का मौका देना था। हालांकि, निर्देश वापस लिए जाने के बावजूद 45 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय विवाद का समाधान नहीं हो सका।
अब IMPPA के सामने मामला
FWICE का निर्देश वापस लिए जाने के बाद निर्माता फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी ने IMPPA के सामने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। निर्माताओं ने अपने कथित 45 करोड़ रुपये के नुकसान से जुड़े दस्तावेज भी संस्था को सौंपे। इसके बाद IMPPA ने रणवीर सिंह से अपना पक्ष रखने को कहा। रणवीर के पिता जगजीत सिंह भवनानी ने एसोसिएशन से मुलाकात कर निर्माताओं के दावे का विरोध किया। अब IMPPA की कानूनी टीम दोनों पक्षों के दस्तावेजों और दावों की जांच कर रही है।
'डॉन 3' से आगे बढ़ चुके हैं रणवीर?
इस पूरे विवाद के बीच रणवीर सिंह अपने नए प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह अपनी आगामी फिल्मों और प्रोडक्शन योजनाओं पर फोकस कर रहे हैं। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या रणवीर सिंह और एक्सेल एंटरटेनमेंट आपसी बातचीत से इस विवाद को खत्म करेंगे या 45 करोड़ रुपये का मामला कानूनी और संस्थागत लड़ाई में और लंबा खिंचेगा? 'डॉन 3' की कास्टिंग से शुरू हुआ विवाद अब सिर्फ एक फिल्म का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह बॉलीवुड में कॉन्ट्रैक्ट, कलाकारों की जिम्मेदारी और इंडस्ट्री संस्थाओं की भूमिका को लेकर भी बड़ी बहस बन चुका है।
अक्षय खन्ना का नया अवतार, ‘महाकाली’ में बने शुक्राचार्य; 24 अगस्त को आएगी पहली झलक
बॉलीवुड अभिनेता अक्षय खन्ना इन दिनों अपने दमदार किरदारों को लेकर लगातार चर्चा में हैं। अब वह फिल्ममेकर प्रशांत वर्मा की माइथोलॉजिकल फिल्म ‘महाकाली’ में एक बिल्कुल अलग अवतार में नजर आने वाले हैं। फिल्म में अक्षय खन्ना असुरों के गुरु शुक्राचार्य का किरदार निभा रहे हैं। मेकर्स ने ऐलान किया है कि फिल्म की पहली झलक 24 अगस्त को जारी की जाएगी।
नए लुक में पहचानना मुश्किल
‘महाकाली’ में अक्षय खन्ना का लुक सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर चर्चा हो रही है। लंबे बाल, घनी दाढ़ी, माथे पर तिलक और साधु जैसी वेशभूषा में अभिनेता का लुक काफी अलग नजर आ रहा है। उनका यह अवतार फिल्म में शुक्राचार्य के रहस्यमयी और प्रभावशाली किरदार की झलक देता है। ‘महाकाली’ प्रशांत वर्मा के Prasanth Varma Cinematic Universe (PVCU) का हिस्सा है। इस यूनिवर्स की शुरुआत ‘हनुमान’ से हुई थी। फिल्म का निर्देशन पूजा अपर्णा कोल्लुरु कर रही हैं, जबकि प्रशांत वर्मा ने इसकी कहानी और स्क्रीनप्ले तैयार किया है। फिल्म को RKD Studios के बैनर तले बनाया जा रहा है।
तेलुगु सिनेमा में अक्षय खन्ना का डेब्यू
‘महाकाली’ अक्षय खन्ना के तेलुगु सिनेमा डेब्यू के तौर पर भी खास है। फिल्म में उनके साथ भूमि शेट्टी और रोहित सराफ भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। भूमि शेट्टी फिल्म में महाकाली की भूमिका निभा रही हैं। मेकर्स ने सोशल मीडिया पर “24th August – The End Begins” के साथ फिल्म की पहली झलक की घोषणा की है। यानी 24 अगस्त को दर्शकों को ‘महाकाली’ की दुनिया और अक्षय खन्ना के शुक्राचार्य अवतार की एक और झलक देखने को मिलेगी। फिल्म की रिलीज डेट का आधिकारिक ऐलान अभी बाकी है। अक्षय खन्ना के इस ट्रांसफॉर्मेशन ने फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता जरूर बढ़ा दी है। अब नजर 24 अगस्त पर है, जब ‘महाकाली’ की पहली झलक सामने आएगी।
विजय-तृषा के रिश्ते पर DMK हमलावर, बकायदा लेख लिखकर कहा- बेशर्मी की हद है
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता से नेता बने विजय की करीबी दोस्त तृषा को लेकर सियासी विवाद एक बार फिर गरमा गया है। डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन की तृषा पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद शुरू हुआ विवाद अभी पूरी तरह थमा भी नहीं था कि अब डीएमके के मुखपत्र Murasoli ने विजय पर निशाना साधा है। पार्टी के संपादकीय में 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान तृषा की मौजूदगी और विजय के साथ उनके व्यवहार को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर सवाल
Murasoli के संपादकीय में कहा गया कि फोर्ट सेंट जॉर्ज में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान तृषा को पहली कतार में बैठाया गया था। तृषा को विजय के माता-पिता के साथ बैठे देखा गया। समारोह के दौरान जब विजय ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड का निरीक्षण किया, तब तृषा की ओर से उन्हें सलामी किए जाने की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए। संपादकीय में विजय के इस व्यवहार की आलोचना करते हुए इसे उनकी सार्वजनिक गरिमा के अनुरूप नहीं बताया गया। इसमें सवाल उठाया गया कि मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर रहते हुए एक अभिनेत्री को इस तरह पहली पंक्ति में बैठाना और उनके साथ सार्वजनिक रूप से सलामी का आदान-प्रदान करना उचित था या नहीं। Murasoli ने यह भी लिखा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अवसर पर मुख्यमंत्री के व्यवहार में मर्यादा दिखाई देनी चाहिए थी। संपादकीय के मुताबिक, विजय के इस व्यवहार को उनके समर्थकों और उन्हें वोट देने वाले लोगों के एक वर्ग के लिए भी स्वीकार करना मुश्किल था।
पहले शपथ ग्रहण समारोह में भी पहुंची थीं तृषा
तृषा की विजय के सार्वजनिक कार्यक्रमों में मौजूदगी को लेकर पहले भी चर्चा होती रही है। मई में विजय के शपथ ग्रहण समारोह में भी तृषा शामिल हुई थीं। उस दौरान वह भावुक नजर आई थीं। स्वतंत्रता दिवस समारोह में उनकी मौजूदगी के बाद दोनों की दोस्ती को लेकर चल रही चर्चाओं ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया। हालांकि, विजय और तृषा के रिश्ते को लेकर लंबे समय से तरह-तरह की अटकलें लगती रही हैं, लेकिन दोनों की ओर से अपने निजी रिश्ते को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई स्पष्ट पुष्टि नहीं की गई है।
विजय की पत्नी के तलाक की अर्जी भी चर्चा में
विजय की निजी जिंदगी को लेकर भी पिछले कुछ समय से चर्चाएं होती रही हैं। उनकी पत्नी संगीता ने फरवरी 2026 में तलाक के लिए अर्जी दाखिल की थी। रिपोर्टों में तलाक की याचिका में मानसिक प्रताड़ना और भावनात्मक उपेक्षा जैसे आधारों का उल्लेख किया गया था। हालांकि, अगस्त की शुरुआत में तलाक की अर्जी वापस लिए जाने की जानकारी सामने आई। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस समारोह में विजय और तृषा की साथ मौजूदगी की तस्वीरों और वीडियो ने सोशल मीडिया पर एक बार फिर बहस छेड़ दी।
उदयनिधि के बयान से शुरू हुआ था विवाद
तृषा को लेकर डीएमके और विजय की पार्टी टीवीके के बीच विवाद की शुरुआत इसी महीने हुई थी। 4 अगस्त को डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन की तृषा को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया था। टीवीके की ओर से इसका तीखा विरोध किया गया और मामला गिरफ्तारी तक पहुंच गया। हालांकि, गिरफ्तारी के बाद उदयनिधि को उसी दिन जमानत मिल गई। अब डीएमके के मुखपत्र के ताजा संपादकीय को इसी राजनीतिक टकराव की अगली कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। संपादकीय के जरिए विजय की सार्वजनिक छवि और उनके राजनीतिक आचरण पर सवाल उठाए गए हैं।
अन्नामलाई ने भी साधा निशाना
इस पूरे विवाद के बीच बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई की हालिया टिप्पणी भी चर्चा में आ गई है। चेन्नई में आयोजित इंडिया टुडे तमिलनाडु राउंडटेबल में अन्नामलाई ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल अब भी अपने विरोधियों से राजनीतिक बदला लेने के लिए पुराने तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ दल राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में गाली-गलौज करने, किसी महिला या मां को विवाद के बीच लाने जैसी राजनीति पर निर्भर हैं। अन्नामलाई ने बिना नाम लिए उदयनिधि स्टालिन समेत वंशवादी राजनीति करने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें यह समझने की जरूरत है कि जमीनी राजनीतिक परिस्थितियां बदल चुकी हैं। इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि विजय और डीएमके के बीच राजनीतिक टकराव अब व्यक्तिगत और सार्वजनिक छवि से जुड़े मुद्दों तक भी पहुंचता दिखाई दे रहा है। तृषा को लेकर जारी विवाद आने वाले दिनों में तमिलनाडु की राजनीति में और कितना असर डालता है, यह देखने वाली बात होगी।
गोविंदा-सुनीता विवाद के बीच सोमी अली ने किया एक्टर का सपोर्ट, बोलीं- टैलेंट की कोई एक्सपायरी डेट नहीं
बॉलीवुड के 90 के दशक के मशहूर अभिनेता गोविंदा इन दिनों अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। पत्नी सुनीता आहूजा की ओर से अभिनेता के काम और उनकी महिला को-स्टार को लेकर की गई टिप्पणियों के बाद मामला सुर्खियों में है। इसी बीच सलमान खान की एक्स-गर्लफ्रेंड और अभिनेत्री सोमी अली ने गोविंदा के समर्थन में सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट शेयर किया है। सोमी अली ने गोविंदा के साथ अपनी पुरानी तस्वीरों का एक कोलाज इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया। उन्होंने अभिनेता के साथ अपने व्यक्तिगत और पेशेवर अनुभव का जिक्र करते हुए उनकी जमकर तारीफ की। सोमी ने गोविंदा को फिल्म इंडस्ट्री के बेहतरीन और प्रतिभाशाली कलाकारों में से एक बताया और कहा कि वह उनके स्वभाव को भी अच्छी तरह जानती हैं।
‘टैलेंट की कोई एक्सपायरी डेट नहीं’
सोमी अली ने अपने पोस्ट में उम्र को लेकर होने वाली आलोचना पर सवाल उठाया। उनका कहना है कि किसी अभिनेता को कम उम्र की अभिनेत्री के साथ काम करने के लिए सिर्फ उम्र के आधार पर जज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कलाकार की काबिलियत उसकी उम्र या उसके को-स्टार की उम्र से तय नहीं होती, बल्कि उसके टैलेंट और प्रोफेशनलिज्म से होती है। सोमी के मुताबिक, जब किसी कलाकार के लिए इंडस्ट्री में काम हासिल करना मुश्किल हो, तब भी काम करते रहने का फैसला सम्मान की बात है। सोमी ने यह भी कहा कि किसी अभिनेता की उम्र को उसके खिलाफ हथियार की तरह इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, हर कलाकार को यह साबित करने का मौका मिलना चाहिए कि उसके अंदर अभी भी बहुत कुछ देने की क्षमता है।
गोविंदा और सुनीता के बीच क्या है विवाद?
दरअसल, गोविंदा अपनी कमबैक फिल्म ‘रूपा’ को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म में उनके साथ अभिनेत्री कोमल रानी स्वर्णकार नजर आने वाली हैं, जिनकी उम्र अभिनेता से काफी कम बताई जा रही है। हाल ही में गोविंदा और कोमल को एक साथ देखे जाने के बाद सुनीता आहूजा ने मीडिया से बातचीत में इस पर नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कथित तौर पर गोविंदा और उनकी को-स्टार के बीच उम्र के अंतर को लेकर टिप्पणी की थी। इसके बाद गोविंदा ने भी अपनी पत्नी की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दी। अभिनेता ने कहा कि वह सिर्फ अपने काम पर ध्यान दे रहे हैं और उनके बारे में इस तरह की बातें नहीं की जानी चाहिए।
वायरल हुआ सोमी अली का पोस्ट
अब इस पूरे विवाद के बीच सोमी अली का गोविंदा के समर्थन में सामने आना चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने कहा कि वह गोविंदा और सुनीता दोनों का सम्मान करती हैं, लेकिन किसी कलाकार के काम करने के फैसले को उम्र के आधार पर गलत ठहराना उचित नहीं है। सोमी के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई यूजर्स उनके समर्थन में नजर आ रहे हैं, जबकि गोविंदा और सुनीता के रिश्ते को लेकर पहले से चल रही चर्चाओं के बीच यह विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
‘बैन करना है तो करो, मेरी कमाई क्यों रोकना?’ विमल इलायची विवाद के बीच शाहरुख खान का पुराना बयान वायरल
बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ इन दिनों विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के निशाने पर हैं। FDA ने तीनों अभिनेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा है। इसी बीच शाहरुख खान का करीब दो दशक पुराना एक बयान सोशल मीडिया पर फिर वायरल हो गया है, जिसमें वह कहते नजर आए थे कि अगर कोई प्रोडक्ट नुकसानदेह है तो सरकार को उसे प्रतिबंधित कर देना चाहिए, लेकिन किसी अभिनेता की कमाई रोकने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
महाराष्ट्र FDA ने आरोप लगाया है कि विमल इलायची के विज्ञापन के जरिए राज्य में प्रतिबंधित विमल पान मसाला का अप्रत्यक्ष प्रचार किया जा रहा है। विभाग ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ से इस विज्ञापन और संबंधित ब्रांड के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस में कथित तौर पर यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि विमल इलायची वास्तव में एक स्वतंत्र उत्पाद है या फिर प्रतिबंधित पान मसाला और तंबाकू उत्पादों के प्रचार के लिए इस्तेमाल किया जा रहा एक सरोगेट या ब्रांड-एक्सटेंशन विज्ञापन है। FDA ने तीनों कलाकारों से विज्ञापन के प्रसारण और प्रकाशन से जुड़ी जानकारी के साथ-साथ ब्रांड के साथ उनके कमर्शियल और कानूनी समझौते से संबंधित दस्तावेज भी मांगे हैं। उन्हें नोटिस मिलने के 15 दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है।
वायरल हो रहा शाहरुख का पुराना बयान
इस विवाद के बीच शाहरुख खान का 2006 में पत्रकार करण थापर को दिए गए एक इंटरव्यू का वीडियो फिर चर्चा में है। उस समय उनसे सॉफ्ट ड्रिंक के विज्ञापन को लेकर सवाल किया गया था। सवाल था कि अगर कोई उत्पाद बच्चों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह है तो क्या किसी बड़े अभिनेता को उसका विज्ञापन करना चाहिए? जवाब में शाहरुख ने कहा था कि अगर सरकार किसी उत्पाद को नुकसानदेह मानती है तो उसे बनाने और बेचने पर ही रोक लगा देनी चाहिए। उन्होंने सिगरेट और सॉफ्ट ड्रिंक का उदाहरण देते हुए कहा था कि अगर कोई चीज बच्चों के लिए खराब है तो उसे बाजार में उपलब्ध नहीं होना चाहिए। इसी दौरान शाहरुख ने कहा था कि सरकार को नुकसानदेह उत्पादों पर कार्रवाई करनी चाहिए, न कि अभिनेता की कमाई रोकने की कोशिश करनी चाहिए। उनके इसी पुराने बयान का हिस्सा—“Don’t stop my revenue. I’m an actor”—अब मौजूदा विमल इलायची विवाद के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
पुराने बयान को मौजूदा विवाद से जोड़कर देखा जा रहा
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि शाहरुख खान का यह बयान विमल इलायची विवाद के जवाब में दिया गया नया बयान नहीं है। यह 2006 के एक पुराने इंटरव्यू से जुड़ा है, जिसमें वह सॉफ्ट ड्रिंक के विज्ञापन को लेकर अपनी राय रख रहे थे। मौजूदा FDA नोटिस और उस पुराने बयान के बीच सीधे तौर पर कोई नया जवाब सामने नहीं आया है।अब देखना होगा कि FDA के नोटिस पर शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ क्या जवाब देते हैं और क्या वे विमल इलायची को एक स्वतंत्र उत्पाद साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेज विभाग के सामने पेश करते हैं।
‘रामायण’ के ट्रेलर से इंप्रेस नहीं हुए गजेंद्र चौहान, कैकेयी की ड्रेसिंग पर उठाए सवाल
नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ का ट्रेलर रिलीज होने के बाद इसे लेकर दर्शकों के बीच चर्चा तेज है। रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश जैसे सितारों से सजी इस फिल्म के विजुअल्स और VFX की जहां काफी तारीफ हो रही है, वहीं कुछ दर्शकों और कलाकारों ने इसे लेकर सवाल भी उठाए हैं। अब बीआर चोपड़ा की ‘महाभारत’ में युधिष्ठिर का किरदार निभा चुके अभिनेता गजेंद्र चौहान ने भी ट्रेलर पर अपनी राय रखी है।
गजेंद्र चौहान बोले- ट्रेलर देखकर इंप्रेस नहीं हुआ
गजेंद्र चौहान ने एक इंटरव्यू में कहा कि ट्रेलर देखने के बाद वह खास तौर पर प्रभावित नहीं हुए। उन्होंने इसकी तुलना पुराने दौर की पौराणिक फिल्मों और टीवी धारावाहिकों से करते हुए कहा कि उस समय दृश्यों में वास्तविकता और भावनाओं पर ज्यादा जोर दिया जाता था। अभिनेता ने खास तौर पर कैकेयी और दशरथ के प्रसंग का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बीआर चोपड़ा की ‘रामायण’ में दशरथ की भूमिका निभाते हुए उन्होंने इस तरह के दृश्यों की शूटिंग का अनुभव किया था और उस समय कलाकारों की भावनाओं पर काफी काम किया जाता था।
कैकेयी के लुक पर भी उठाया सवाल
गजेंद्र चौहान को फिल्म में कैकेयी का लुक भी पसंद नहीं आया। उन्होंने कहा कि ट्रेलर में कैकेयी की ड्रेसिंग उन्हें काफी आधुनिक लगी। उनके मुताबिक, पौराणिक किरदारों के लुक में उस दौर और कथा की भावनात्मकता दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने VFX को लेकर भी अपनी राय रखी। गजेंद्र चौहान का कहना है कि फिल्म पर काफी पैसा खर्च किया गया है और मेकर्स ने बड़े स्तर पर प्रोजेक्ट तैयार करने की कोशिश की है, लेकिन ट्रेलर में इस्तेमाल किए गए ग्राफिक्स उन्हें उतने प्रभावशाली नहीं लगे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूरी फिल्म देखे बिना अंतिम फैसला देना सही नहीं होगा।
रणबीर कपूर की कास्टिंग पर क्या बोले?
रणबीर कपूर को भगवान राम के रूप में कास्ट किए जाने पर गजेंद्र चौहान ने कहा कि आज के दौर में हर बड़े अभिनेता की एक अलग स्क्रीन इमेज बन चुकी है। ऐसे में किसी स्टार को पौराणिक किरदार में स्वीकार करने में दर्शकों को समय लग सकता है। हालांकि, उन्होंने रणबीर कपूर के लुक की तारीफ करते हुए कहा कि वह अपने किरदार में अच्छे लग रहे हैं। लेकिन भगवान राम की पारंपरिक छवि के साथ उनकी तुलना करना फिल्म रिलीज होने के बाद ही सही तरीके से किया जा सकेगा। गजेंद्र चौहान ने फिल्म में अरुण गोविल की कास्टिंग की खास तौर पर तारीफ की है। अरुण गोविल ने 1987 के लोकप्रिय टीवी धारावाहिक ‘रामायण’ में भगवान राम की भूमिका निभाई थी। अब नितेश तिवारी की फिल्म में वह राजा दशरथ के किरदार में नजर आएंगे। गजेंद्र चौहान ने कहा कि अरुण गोविल को दशरथ के रूप में देखना उन्हें अच्छा लगा और यह फिल्म की खास कास्टिंग में से एक है।
नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही ‘रामायण’ दो भागों में रिलीज होगी। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी सीता, यश रावण, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में नजर आएंगे। पहला भाग दिवाली 2026 के दौरान सिनेमाघरों में रिलीज होने वाला है। फिल्म का बजट करीब 4,000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। फिल्म के ट्रेलर को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाओं के बीच अब दर्शकों की नजर इस बात पर है कि बड़े पर्दे पर ‘रामायण’ की कहानी और किरदारों को किस तरह पेश किया जाता है।
थलापति विजय और पत्नी संगीता के तलाक मामले में बड़ा यू-टर्न, कोर्ट से वापस ली याचिका
चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उनकी पत्नी संगीता के बीच चल रहे तलाक मामले में बड़ा मोड़ आ गया है। लंबे समय से दोनों के अलग होने की चर्चाओं के बीच संगीता ने चेंगलपट्टू कोर्ट में दायर अपनी तलाक की याचिका वापस ले ली है। इसके साथ ही अदालत ने मामले को बंद कर दिया है। 7 अगस्त को हुई सुनवाई के दौरान संगीता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश हुईं। उन्होंने जज से कहा कि वह अब इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहतीं। उनकी बात सुनने के बाद अदालत ने याचिका को 'विथड्रॉन' (वापस ली गई) मानते हुए केस समाप्त कर दिया।
फरवरी 2026 में दायर की थी तलाक की अर्जी
संगीता ने फरवरी 2026 में स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत चेंगलपट्टू कोर्ट में तलाक की याचिका दाखिल की थी। उन्होंने दावा किया था कि पति-पत्नी के रिश्ते में सुधार की कोई संभावना नहीं बची है और शादी पूरी तरह टूट चुकी है। याचिका में संगीता ने मुख्यमंत्री विजय पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर, मानसिक क्रूरता, उपेक्षा और परिवार से दूरी बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि 2021 में उन्हें विजय के कथित अफेयर की जानकारी मिली थी। आरोप था कि रिश्ता खत्म करने का आश्वासन मिलने के बावजूद स्थिति नहीं बदली, जिससे उन्हें मानसिक तनाव झेलना पड़ा। संगीता ने यह भी आरोप लगाया था कि विजय धीरे-धीरे परिवार से दूर हो गए और उन्हें सार्वजनिक व निजी कार्यक्रमों से अलग कर दिया। साथ ही भावनात्मक, शारीरिक और आर्थिक सहयोग भी बंद कर दिया।
विजय और संगीता की शादी 1998 में यूनाइटेड किंगडम में रजिस्टर्ड हुई थी। इसके बाद 1999 में चेन्नई में पारंपरिक रीति-रिवाजों से विवाह संपन्न हुआ। दोनों के दो बच्चे हैं
बेटा जेसन संजय और बेटी दिव्या साशा। सार्वजनिक कार्यक्रमों में संगीता की गैरमौजूदगी के बाद से दोनों के रिश्ते में दरार की अटकलें लग रही थीं। तलाक की याचिका दाखिल होने के बाद इन चर्चाओं को बल मिला था। हालांकि अब याचिका वापस लेने के फैसले के साथ इस कानूनी विवाद का फिलहाल अंत हो गया है।
Seeti Maar Song Out: रिलीज होते ही धमाल मचा रहा 'राधे' फिल्म का गाना, डांस करने पर हो जाएंगे मजबूर
'राधे: योर मोस्ट वांटेड भाई' के ट्रेलर रिलीज के बाद से ही गाना 'सिटी मार' (Seeti Maar Song Out) खूब सुर्खियां बटोर रहा है और सोशल मीडिया पर यह ट्रैक अपनी रिलीज के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है. ऐसे में आज, मेगास्टार सलमान खान (Salman Khan) ने बहुप्रतीक्षित डांस नंबर रिलीज कर दिया है और हर फिल्म में सलमान के आइकोनिक गानों के ट्रैक रिकॉर्ड को ध्यान में रखते हुए, सिटी मार पहले से ही साल का सबसे बड़ा चार्टबस्टर बनने की राह पर है.
इस गाने को कमाल खान (Kamal Khan)और इयूलिया वंतूर ने अपनी आवाज दी है और शब्बीर अहमद ने गाने के बोल लिखे हैं. ट्रैक के लिए म्यूजिक रॉकस्टार संगीतकार देवी श्री प्रसाद (डीएसपी) द्वारा कंपोज किया गया है, जो इससे पहले सलमान के साथ सेंसेशनल हिट 'ढिंका चिका' में कॉलेब्रेट कर चुके हैं.
PHOTOS: एक्ट्रेस जेनिफर लोपेज को फॉलो कर रही हैं नोरा फतेही, पहनी Same To Same ड्रेस
मुंबई. नोरा फतेही (Nora Fatehi) आज अपने डांस और खूबसूरत अदाओं के चलते फैंस के दिलों पर राज करती हैं. वे बॉलीवुड की उभरती हुईं स्टार हैं. आज फैंस उनकी हर अपडेट पर नजर रखते हैं. फैंस नोरा के इंस्टाग्राम (Nora Fatehi Instagram) पर उनकी पोस्ट का बेसब्री से इंतजार करते रहते हैं. हाल में एक्ट्रेस ने अपनी कई तस्वीरें पोस्ट की हैं जिसमें उनकी तुलना हॉलीवुड एक्ट्रेस जेनिफर (Jennifer Lopez) लोपेज से की जा रही है. फोटो साभार: @NoraFatehi/इंस्टाग्राम
2019 में हॉलीवुड एक्ट्रेस जेनिफर (Jennifer Lopez) लोपेज ने न्यू यॉर्क के इंवेंट में वन शोल्डर स्लीव ड्रेस पहनी थीं. इस ड्रेस में लोपेज अपने कर्वस को फ्लॉन्ट करती नजर आईं थीं. इस ऑरेंज कलर की बॉडी कॉन ड्रेस में एक्ट्रेस बेहद खूबसूरत लग रही थीं. फोटो साभार: Social मीडिया