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सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर बुलडोजर कार्रवाई, इकरा हसन हाउस अरेस्ट; मायावती ने उठाए सवाल

by न्यूज डेस्क

सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को लेकर शनिवार को माहौल गरमा गया। प्रशासन ने तड़के मस्जिद के निर्माण को हटाने की कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित निर्माण को सरकारी जमीन पर अवैध माना गया था और इस संबंध में न्यायिक प्रक्रिया भी पूरी की जा चुकी है। कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल और आरआरएफ की कंपनियां तैनात रहीं। इसी बीच सहारनपुर जाने की कोशिश कर रहीं कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन को उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर दिया गया। सांसद ने इसे लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए और कहा कि वह मामले को लेकर अधिकारियों से मुलाकात करना चाहती थीं।

तड़के शुरू हुई मस्जिद हटाने की कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार देर रात से ही कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। शनिवार सुबह करीब 4 बजे प्रशासन ने मस्जिद को हटाने की प्रक्रिया शुरू की। इसके करीब दो घंटे बाद यानी सुबह 6 बजे चार बुलडोजरों की मदद से निर्माण को गिराने की कार्रवाई शुरू हुई। लेक्ट्रेट परिसर के प्रमुख प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए और बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। बुलडोजर से निर्माण का मलबा हटाकर नगर निगम की गाड़ियों के जरिए बाहर ले जाया गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।

प्रशासन ने क्या कहा?

सहारनपुर मंडल के डीआईजी अभिषेक सिंह के मुताबिक, मस्जिद के निर्माण को लेकर प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने निर्माण को सरकारी भूमि पर अवैध माना था। इसके बाद मस्जिद कमेटी की ओर से की गई पहली अपील भी खारिज हो गई। डीआईजी ने कहा कि नोटिस और अपील समेत निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई कानून के मुताबिक की गई है।

त्योहारों को देखते हुए सुरक्षा बढ़ाई गई

प्रशासन ने मौजूदा स्थिति को देखते हुए सहारनपुर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, अतिरिक्त पुलिस बल के साथ पांच कंपनियां आरआरएफ की तैनात की गई हैं। संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पुलिस की फुट पेट्रोलिंग के साथ फ्लैग मार्च भी किया जा रहा है। पुलिस सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली सूचनाओं पर भी नजर रख रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी या अफवाह पर भरोसा न करें। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

सहारनपुर जाने से पहले इकरा हसन को रोका गया

मस्जिद पर कार्रवाई की खबर के बाद कैराना की सपा सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की तैयारी में थीं। इसी दौरान पुलिस उनके आवास पर पहुंची और उन्हें बाहर जाने से रोक दिया। बाद में सांसद को हाउस अरेस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई। इकरा हसन ने कहा कि वह सहारनपुर जाकर अधिकारियों से मुलाकात करना चाहती थीं और स्थानीय लोगों से जुड़े मुद्दे को प्रशासन के सामने रखना चाहती थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि को अपनी जनता से जुड़े मामले में अधिकारियों से मिलने से रोकना उचित है या नहीं। सांसद ने कहा कि जनप्रतिनिधि जनता की समस्याएं सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने के लिए चुने जाते हैं। उनका आरोप है कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोकने के लिए घर पर ही नजरबंद किया गया।

मायावती ने कार्रवाई पर जताई आपत्ति

सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद समेत धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों को लेकर बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने भी सरकार पर सवाल उठाए हैं। मायावती ने कहा कि किसी धार्मिक स्थल को अवैध घोषित किए जाने के बाद कार्रवाई करते समय जल्दबाजी से बचना चाहिए और ऐसे मामलों में कानून के तहत उचित प्रक्रिया का पालन होना जरूरी है। उन्होंने धार्मिक स्थलों को लेकर हो रही कार्रवाई पर रोक लगाने और विवादों का समाधान दूसरे संवैधानिक रास्तों से तलाशने की मांग की। मायावती ने आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर उसके परिवार को बेघर करना उचित नहीं है। उन्होंने सरकार और न्यायपालिका से ऐसे मामलों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। फिलहाल सहारनपुर में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी है। कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास पुलिस बल की तैनाती के साथ संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाई गई है। प्रशासन की ओर से लोगों से शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है।


मथुरा में जन्माष्टमी पर सीएम योगी का बड़ा संदेश, बोले- ब्रजभूमि को संवारने में नहीं छोड़ेंगे कोई कसर

by न्यूज डेस्क

मथुरा: देशभर में आज भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी की धूम है। कृष्ण जन्मभूमि मथुरा में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक दिन पहले ही मथुरा पहुंचे थे। जन्माष्टमी के मौके पर उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मभूमि पहुंचकर पूजा-अर्चना की और भगवान के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने ब्रजवासियों और देशभर से आए श्रद्धालुओं को संबोधित किया। सीएम योगी ने कहा कि ब्रजभूमि के विकास और उसकी धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने में सरकार कोई कमी नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि भारत ने इतिहास में कई आक्रमण झेले हैं, लेकिन सनातन परंपरा और आस्था को खत्म करने की हर कोशिश नाकाम रही। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने सनातन आस्था को मिटाने का प्रयास किया, आज उनका अस्तित्व इतिहास में ही सिमटकर रह गया है।

अयोध्या की तरह भव्य बनेगा ब्रज क्षेत्र

मुख्यमंत्री ने अयोध्या में हो रहे विकास कार्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। सामान्य दिनों में करीब एक लाख लोग दर्शन के लिए आते हैं, जबकि रामनवमी और दीपावली जैसे बड़े पर्वों पर यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। योगी ने कहा कि इसके बावजूद अयोध्या में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहां अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, फोर लेन सड़कें और रेलवे की डबल लाइन जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। अयोध्या धाम अब एक नए और भव्य स्वरूप में नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि इसी तरह मथुरा-वृंदावन और पूरे ब्रज क्षेत्र के विकास पर भी सरकार का विशेष ध्यान है। ब्रज तीर्थ विकास परिषद के माध्यम से यहां धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को विकसित किया जा रहा है।

1528 का जिक्र कर बोले योगी- आस्था को खत्म करने की कोशिश नाकाम हुई

सीएम योगी ने अपने संबोधन में करीब 500 साल पुराने इतिहास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 1528 में विदेशी आक्रांताओं ने भारतीय आस्था और धार्मिक स्थलों को खत्म करने का प्रयास किया था। योगी ने कहा कि उस दौर में जिन लोगों को लगता था कि वे कभी पराजित नहीं होंगे, आज उनका कोई अस्तित्व नहीं है। वहीं अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अयोध्या में हुए बदलाव से खुश नहीं हैं और इसी वजह से शहर को बदनाम करने का प्रयास करते हैं।

कंस और योगमाया का प्रसंग भी सुनाया

मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से जुड़े प्रसंग का जिक्र करते हुए कहा कि जब कंस योगमाया का दर्शन कर रहा था, उसी समय योगमाया प्रकट हुईं और उन्होंने कंस के अहंकार को चुनौती दी। योगी ने कहा कि यही शक्ति बाद में विंध्यवासिनी के रूप में प्रकट हुई। उन्होंने बताया कि जब भी वे मथुरा आते थे, उन्हें विंध्यवासिनी धाम की याद आती थी। आज वहां भी श्रद्धा और आस्था के अनुरूप भव्य धार्मिक परिसर विकसित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि मथुरा-वृंदावन में भी अयोध्या और काशी की तर्ज पर ऐसा भव्य धार्मिक परिसर विकसित हो, जहां देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

'अर्जुन, तुम सिर्फ निमित्त हो... कर्म करते रहो'

गीता का संदर्भ देते हुए सीएम योगी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कर्म और कर्तव्य का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि इंसान को अपने कर्तव्य पर ध्यान देना चाहिए और परिणाम की चिंता नहीं करनी चाहिए। योगी ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति ईमानदारी और निष्काम भाव से अपना काम करता है तो उसके परिणाम भी बेहतर होते हैं। उन्होंने लोगों से देश, समाज और परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारियां ईमानदारी से निभाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश आगे बढ़ रहा है। युवाओं के लिए नए अवसर बन रहे हैं, महिलाओं को सुरक्षा का भरोसा मिला है और कामगारों व कारीगरों के लिए भी बेहतर माहौल तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि त्योहार समाज को जोड़ने और एक-दूसरे के करीब लाने का काम करते हैं। योगी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संदेश साफ है—कर्म करते रहिए और अपने कर्तव्य के रास्ते पर आगे बढ़िए, बाकी चिंता कृष्ण कन्हैया पर छोड़ दीजिए।

पिछली सरकारों पर भी साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकारों के समय नेता जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा आने से बचते थे। उन्होंने दावा किया कि इसकी वजह वोट बैंक की राजनीति का डर था। योगी ने जवाहर बाग की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि अब ब्रजभूमि की पहचान ऐसी घटनाओं से नहीं, बल्कि जन्मोत्सव, रंगोत्सव और वैष्णव कुंभ जैसे धार्मिक आयोजनों से हो रही है। उन्होंने कहा कि ब्रज में अब श्रद्धालु नई ऊर्जा और विश्वास के साथ पर्व मना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि भगवान श्रीकृष्ण के संदेश को अपने जीवन में उतारें और देश, समाज तथा परिवार के लिए ईमानदारी से काम करें। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत को विकसित राष्ट्र और उत्तर प्रदेश को विकसित प्रदेश बनाने के लक्ष्य को हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता।

रात 12 बजे होगा कान्हा का जन्म, जानिए कब खुलेंगे कपाट

श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर जन्माष्टमी का मुख्य आयोजन आधी रात को होगा। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इससे कुछ मिनट पहले रात 11:55 बजे करीब पांच मिनट के लिए गर्भगृह के कपाट बंद रहेंगे। इस दौरान पर्दे के पीछे भगवान श्रीकृष्ण को विशेष पंचरत्नी पीतांबरी पोशाक पहनाई जाएगी। रत्नों से जड़े मुकुट और आभूषणों से उनका श्रृंगार किया जाएगा। रात 12 बजे जन्म के बाद पर्दा हटाया जाएगा और भगवान की आरती होगी। इसके बाद प्रतिमा को गर्भगृह से बाहर लाकर श्रद्धालुओं को दर्शन कराए जाएंगे। भगवान का अभिषेक सोने से सजी चांदी की कामधेनु के दूध से किया जाएगा। इसके बाद चांदी के कमल पर भगवान को विराजमान कर पंचामृत स्नान कराया जाएगा। रात करीब 12:45 बजे शयन आरती के बाद प्रतिमा को दोबारा गर्भगृह में विराजमान कराया जाएगा और मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे।


‘हथकड़ी लगाओ, बेड़ियां बांधो, लेकिन जान बचाओ…’ यूपी पुलिस की कस्टडी से क्यों डरा गैंगस्टर राकेश पंपू?

by न्यूज डेस्क

उत्तर प्रदेश के शामली में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस ने इस हत्याकांड की साजिश में करनाल जेल में बंद गैंगस्टर राकेश उर्फ पंपू, तिहाड़ जेल में बंद रोहित मोई और कनाडा के टोरंटो में बैठे भोलू साहापुरिया को मुख्य साजिशकर्ताओं के तौर पर चिन्हित किया है। मामले की जांच यूपी पुलिस और एसटीएफ कर रही है। इसी बीच राकेश पंपू की एक चिट्ठी चर्चा में है। गैंगस्टर ने शामली के एसपी और उत्तर प्रदेश के डीजीपी को चार पन्नों का पत्र भेजकर अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उसने मांग की है कि अगर उसे प्रोडक्शन वारंट पर यूपी लाया जाता है तो उसकी आवाजाही पुलिस वाहन से कराई जाए और उसके हाथ-पैर में हथकड़ी व बेड़ियां लगाई जाएं। साथ ही पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने की मांग भी की गई है।

एनकाउंटर का डर या गैंगवार की आशंका?

राकेश पंपू पर आरोप है कि उसने जेल के भीतर से अंकित बालियान की हत्या की साजिश को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई। पुलिस के मुताबिक, उसने कथित तौर पर शूटरों को फंडिंग और हथियार उपलब्ध कराने में मदद की। शूटरों के एनकाउंटर के बाद शामली पुलिस ने पंपू का नाम सामने रखा था। इसके बाद अब पुलिस उससे पूछताछ के लिए रिमांड लेने की तैयारी कर रही है। इसी को लेकर पंपू ने अपनी सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को पत्र लिखा है। पत्र में उसने आशंका जताई है कि यूपी पुलिस की कस्टडी में उसके साथ कुछ अनहोनी हो सकती है। उसे कथित तौर पर एनकाउंटर के अलावा रास्ते में वाहन पलटने या जेल में विरोधी गैंग के हमले का भी डर है। इसी वजह से उसने कस्टडी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम और हर गतिविधि की रिकॉर्डिंग कराने की मांग की है।

18 राउंड फायरिंग में हुई थी अंकित की हत्या

शामली में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान पर दो मोटरसाइकिलों से आए चार हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। हमलावरों ने करीब 18 राउंड गोलियां चलाईं। इस दौरान एक गोली अंकित के सिर में लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद सोशल मीडिया पर गोगी गैंग की ओर से हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा करने वाली पोस्ट भी सामने आई थी। पुलिस इस पोस्ट और हत्याकांड के बीच संबंध की जांच कर रही है।

जेल से बैठकर फंडिंग और लोकेशन ट्रैक करने का आरोप

जांच में पुलिस को यह भी पता चला है कि हत्याकांड के लिए कथित तौर पर फंडिंग राकेश पंपू ने की थी। आरोप है कि उसने शूटरों को पैसे और हथियार उपलब्ध कराए। पुलिस के मुताबिक, फरार शूटर सत्यम कादयान पंपू का करीबी रिश्तेदार है। आरोप है कि सत्यम ने अंकित की गाड़ी में जीपीएस डिवाइस लगाया था और मोबाइल के जरिए उसकी लोकेशन पर नजर रखी जा रही थी। इससे हमलावरों को अंकित की गतिविधियों की जानकारी मिलती रही।

दो फरार शूटरों पर एक-एक लाख का इनाम

हत्याकांड में शामिल दो आरोपी शूटर अभी फरार हैं। पुलिस ने आर्यन और सत्यम कादयान पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद दोनों आरोपी राकेश पंपू के सिवाह गांव पहुंचे थे और वहां से फरार हो गए। बताया जा रहा है कि एनकाउंटर में मारे गए सुमित और मोहित के साथ आर्यन और सत्यम भी बैकअप टीम का हिस्सा थे। अब यूपी पुलिस की नजर राकेश पंपू पर है। उसकी रिमांड के दौरान पुलिस जेल से चलाए जा रहे कथित नेटवर्क, शूटरों से संपर्क, फंडिंग और हत्याकांड में शामिल अन्य लोगों की भूमिका को लेकर पूछताछ कर सकती है। दूसरी ओर, पंपू की चिट्ठी ने उसकी सुरक्षा को लेकर एक नया सवाल खड़ा कर दिया है—क्या उसे वाकई यूपी पुलिस की कस्टडी से एनकाउंटर का डर है?


फर्रुखाबाद पहुंचे योगी आदित्यनाथ, बाढ़ प्रभावित 1,000 परिवारों को राहत किट; 31 बेघर लोगों को आवासीय पट्टा

by न्यूज डेस्क

फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को फर्रुखाबाद के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस लाइन मैदान में आयोजित कार्यक्रम में बाढ़ पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और राहत सामग्री वितरित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रदेश सरकार प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने गंगा की बाढ़ से प्रभावित 1,000 परिवारों को 26 तरह की जरूरी सामग्री से तैयार राहत किट वितरित की। इसके अलावा बाढ़ में अपना घर गंवाने वाले 31 लोगों को आवासीय भूमि का पट्टा दिया गया। इन लाभार्थियों को मकान बनाने के लिए 1.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक भी सौंपे गए।

हवाई सर्वेक्षण कर जानी बाढ़ की स्थिति

योगी आदित्यनाथ ने हेलीकॉप्टर से गंगा की बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जलभराव और बाढ़ से प्रभावित गांवों की स्थिति का जायजा लिया। सर्वेक्षण के बाद पुलिस लाइन मैदान में आयोजित जनसभा में उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा के दौरान सरकार की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और उन्हें समय पर राहत पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव अभियान में तेजी बनाए रखने और प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए।

70 गांव बाढ़ से प्रभावित

प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, फर्रुखाबाद में गंगा की बाढ़ से करीब 70 गांव प्रभावित हुए हैं। इन गांवों में लगभग 19,295 परिवारों के 78,671 लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं। बाढ़ के पानी से करीब 7,200 हेक्टेयर फसल को नुकसान पहुंचा है, जबकि 127 ग्रामीणों के बेघर होने की जानकारी सामने आई है।

पहले भी दी गई आर्थिक मदद और जमीन

प्रशासन के अनुसार, प्रभावित परिवारों को राहत देने का सिलसिला पहले से जारी है। अब तक 96 ग्रामीणों को मकान निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। वहीं 67 लोगों को आवासीय भूमि के पट्टे भी दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत के मुताबिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।


UP में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए योगी सरकार का बड़ा फैसला, मानदेय में 100% तक बढ़ोतरी; अब वेतन से कटौती नहीं कर सकेंगी कंपनियां

by न्यूज डेस्क

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सरकारी विभागों और संस्थानों में काम कर रहे करीब 3.50 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए योगी सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCAS) की शुरुआत करते हुए कहा कि अब आउटसोर्सिंग कंपनियां कर्मचारियों के तय वेतन या मानदेय में किसी तरह की कटौती नहीं कर सकेंगी। कंपनियों को दिया जाने वाला सर्विस चार्ज सरकार की ओर से अलग से भुगतान किया जाएगा। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था से आउटसोर्स कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी कई सुविधाएं भी मिलेंगी। इनमें EPF, ESI, कैशलेस इलाज और दुर्घटना बीमा जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

वेतन कटौती पर लगेगी रोक

अब तक आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति और भुगतान में एजेंसियों की भूमिका को लेकर कई बार सवाल उठते रहे हैं। कर्मचारियों की शिकायत रहती है कि उन्हें तय मानदेय का पूरा हिस्सा नहीं मिल पाता और एजेंसियां अलग-अलग मदों के नाम पर रकम काट लेती हैं। योगी सरकार की नई व्यवस्था में इसी समस्या को खत्म करने का दावा किया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी के लिए निर्धारित मानदेय से आउटसोर्स कंपनी कोई रकम नहीं काट सकेगी। एजेंसी को मिलने वाला सर्विस चार्ज सरकार अलग से वहन करेगी।

3.50 लाख कर्मचारियों को फायदा

उत्तर प्रदेश सरकार के मुताबिक प्रदेश में करीब 3.50 लाख आउटसोर्स कर्मचारी विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। नई व्यवस्था का मकसद इन कर्मचारियों को बेहतर भुगतान, सामाजिक सुरक्षा और अधिक पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि UPCAS के जरिए आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति और भुगतान की प्रक्रिया को व्यवस्थित किया जा सकेगा और एजेंसियों की मनमानी पर भी लगाम लगेगी।

मानदेय में 100% तक बढ़ोतरी का दावा

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में 100 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। सरकार के मुताबिक इस फैसले से कर्मचारियों को पहले की तुलना में बेहतर आर्थिक लाभ मिलेगा। इसके साथ ही सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। EPF और ESI के अलावा कैशलेस उपचार और दुर्घटना बीमा जैसी सुविधाओं का प्रावधान कर्मचारियों के लिए अहम माना जा रहा है।

सरकार का दावा- व्यवस्था में आएगी पारदर्शिता

योगी सरकार का कहना है कि UPCAS के जरिए आउटसोर्स कर्मचारियों और सेवा प्रदाता कंपनियों के बीच मौजूदा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा। खासतौर पर वेतन भुगतान में होने वाली कटौती और कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं को दूर करने पर फोकस रहेगा। अब देखना होगा कि नई व्यवस्था जमीन पर किस तरह लागू होती है और करीब 3.50 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को इसका वास्तविक लाभ कब से मिलना शुरू होता है।


मूंछों पर ताव देने वाले मैनपुरी CO पर अखिलेश यादव का पलटवार, बोले- हम निलंबन की मांग नहीं करेंगे, क्योंकि...

by न्यूज डेस्क

मैनपुरी में सीओ सिटी अशोक सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सियासी विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो मैनपुरी के पोस्टमार्टम हाउस का बताया जा रहा है, जहां एलाऊ थाना क्षेत्र में हुई हत्या के बाद पुलिस अधिकारी मृतक के परिजनों से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनका वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वीडियो बनाने से मना करने के बाद भी जब लोग नहीं रुके तो सीओ नाराज हो गए और कथित तौर पर मूंछों पर ताव देते हुए कहा कि वीडियो बनाकर अखिलेश यादव को भेज देना। वीडियो सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे लेकर पुलिस अधिकारी पर तीखा हमला बोला है।

अखिलेश यादव ने एक्स पर क्या लिखा?

अखिलेश यादव ने वायरल वीडियो को अपने एक्स अकाउंट पर साझा करते हुए सीओ पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी के सिर पर ‘सत्ता-सजातीय’ हाथ होने की वजह से उनकी मूंछों पर ताव है। अखिलेश ने आगे लिखा कि ऐसे लोगों से इंसाफ की उम्मीद नहीं की जा सकती, लेकिन अब यह स्थिति ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाली, क्योंकि बदलाव दस्तक दे रहा है... अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा...

“सिर पर ‘सत्ता-सजातीय’ हाथ है
इसीलिए इनकी मूंछों पर ताव है
ऐसे लोगों से क्या होना इंसाफ़ है
पर अब ये कुछ दिनों की बात है
क्योंकि दस्तक दे रहा बदलाव है...”

पोस्ट के आखिर में उन्होंने लिखा, “हम निलंबन की मांग नहीं करेंगे...हत्या के बाद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा था शव.........दरअसल, एलाऊ थाना क्षेत्र के संतोष नगर गांव में शराब के ठेके के सामने एक ट्रक को रोककर फायरिंग की घटना हुई थी। हमले में ट्रक कंडक्टर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक घायल हो गया। घटना के बाद मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए मैनपुरी लाया गया था...इसी दौरान सीओ सिटी अशोक सिंह परिजनों से बातचीत कर रहे थे। बताया जा रहा है कि इसी समय कुछ लोग उनका वीडियो बनाने लगे और वीडियो बनाने को लेकर विवाद की स्थिति बनी।

जून में औरैया से मैनपुरी हुआ था तबादला

अशोक सिंह मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले बताए जाते हैं। जून 2026 में उनका तबादला औरैया से मैनपुरी किया गया था। अब वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है और विपक्षी दल की ओर से भी पुलिस अधिकारी के व्यवहार पर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, वायरल वीडियो को लेकर सामने आ रहे दावों और राजनीतिक आरोपों के बीच पुलिस या प्रशासन की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक कार्रवाई या विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आती है तो तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।


राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, ऑपरेशन सिंदूर से भी रहा कनेक्शन

by न्यूज डेस्क

अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के प्रशासन को अधिक व्यवस्थित और पेशेवर बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। ट्रस्ट ने बुधवार को सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया। उनकी नियुक्ति अयोध्या में हुई ट्रस्ट की बैठक में की गई। जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के अनुभवी अधिकारियों में शामिल रहे हैं। वह फाइटर पायलट, कॉम्बैट लीडर और टेस्ट पायलट के तौर पर काम कर चुके हैं। उन्हें वायुसेना की वेस्टर्न एयर कमांड का एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ भी बनाया गया था। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी पश्चिमी वायु कमान की कमान उनके पास थी। इस भूमिका के लिए उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया गया।

करीब चार दशक का सैन्य अनुभव

जितेंद्र मिश्रा ने 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फ्लाइंग ब्रांच में पायलट के रूप में कमीशन हासिल किया था। करीब चार दशक के सैन्य करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वह एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, एयर यूनिवर्सिटी, अमेरिका के पूर्व छात्र भी रहे हैं। अब राम मंदिर ट्रस्ट में उनकी भूमिका पूरी तरह अलग होगी। CEO के तौर पर उनके सामने मंदिर परिसर के प्रशासन, संचालन, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय जैसी जिम्मेदारियां होंगी।

ट्रस्ट में तीन नए सदस्य भी शामिल

CEO की नियुक्ति के साथ ट्रस्ट ने तीन नए सदस्यों को भी शामिल किया है। इनमें मदन मोहन पांडेय, महेश भागचंदका और निर्मला यादव शामिल हैं। ट्रस्ट की संरचना में रिक्त पदों को भरने के लिए ये नियुक्तियां की गई हैं। बता दे कि राम मंदिर ट्रस्ट में CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया काफी पहले शुरू की गई थी। पद के लिए 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। इसके बाद चयन प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग और इंटरव्यू किए गए तथा अंतिम चरण में नामों का पैनल ट्रस्ट के सामने रखा गया। आखिरकार ट्रस्ट ने जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगा दी।

CEO के पास क्या होंगी जिम्मेदारियां?

राम मंदिर परिसर में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या और विस्तार से जुड़ी व्यवस्थाओं को देखते हुए ट्रस्ट में एक पेशेवर प्रशासनिक प्रमुख की जरूरत महसूस की जा रही थी। नए CEO के जिम्मे मंदिर की दैनिक प्रशासनिक व्यवस्था, संचालन, श्रद्धालु सुविधाओं, वित्तीय एवं वैधानिक मामलों तथा अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय जैसे काम रहेंगे। CEO ट्रस्ट के महामंत्री को रिपोर्ट करेंगे और उनके अधिकार व जिम्मेदारियां ट्रस्ट के नियमों के तहत तय की जाएंगी। ट्रस्ट की ओर से यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब राम मंदिर परिसर के साथ-साथ अयोध्या में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के मद्देनजर प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

अखिलेश यादव ने उठाए सवाल

राम मंदिर ट्रस्ट में CEO की नियुक्ति पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राम मंदिर से जुड़े चंदे और जमीन के पुराने विवादों का जिक्र करते हुए ट्रस्ट की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। यादव ने उम्मीद जताई कि मंदिर से जुड़े धन के इस्तेमाल में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। वहीं, देवरिया के भाजपा विधायक शलभमणि त्रिपाठी ने जितेंद्र मिश्रा को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी और इसे पूर्वांचल के लिए गौरव का विषय बताया। कुल मिलाकर, राम मंदिर ट्रस्ट में पहली बार CEO की नियुक्ति को प्रशासनिक ढांचे को अधिक संस्थागत और पेशेवर बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि सैन्य क्षेत्र में लंबे अनुभव वाले जितेंद्र मिश्रा मंदिर प्रशासन की इस नई भूमिका को किस तरह आगे बढ़ाते हैं।


अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों की एंट्री, CEO के नाम पर भी जल्द फैसला

by न्यूज डेस्क

अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। अयोध्या में बुधवार को हुई अहम बैठक में ट्रस्ट के तीन नए सदस्यों के नामों पर मुहर लगाई गई है। इनमें निर्मला यादव, एम. भागचंदका और मदन पांडे शामिल हैं। वहीं, ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO के नाम का ऐलान भी जल्द होने की उम्मीद है।

कौन बने नए ट्रस्टी?

ट्रस्ट में खाली हुई जगहों को भरने के लिए तीन नए सदस्यों की नियुक्ति की गई है। ये पद पहले ट्रस्ट सदस्य विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन और पूर्व महासचिव चंपत राय तथा सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद खाली हुए थे। इस बैठक में ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने से जुड़े कई अहम फैसले लिए जा रहे हैं। मंदिर के बढ़ते संचालन और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए ट्रस्ट में पेशेवर प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने पर जोर है।

5,585 आवेदन, 16 उम्मीदवारों तक पहुंची प्रक्रिया

राम मंदिर ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक CEO के चयन की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। CEO पद के लिए देशभर से 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। स्क्रीनिंग के बाद 16 उम्मीदवारों के साथ विस्तृत चर्चा और इंटरव्यू किए गए। इसके बाद चयन समिति ने तीन नामों का अंतिम पैनल ट्रस्ट को सौंप दिया है। CEO चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई थी, जिसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली ने की। समिति में रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल वी.के. चतुर्वेदी और परमाणु वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावरे भी शामिल थे। चयन प्रक्रिया में तकनीक आधारित स्क्रीनिंग के साथ मैनुअल मूल्यांकन भी किया गया।

CEO की जिम्मेदारी क्यों अहम?

राम मंदिर के निर्माण के साथ अब मंदिर परिसर के संचालन, प्रशासन, सुरक्षा, वित्तीय प्रबंधन और श्रद्धालुओं से जुड़ी व्यवस्थाएं भी बड़े स्तर पर संचालित हो रही हैं। ऐसे में पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति को ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, CEO पद के लिए तीन नामों का पैनल ट्रस्ट के सामने है। हालांकि, अंतिम नाम पर फैसला ट्रस्ट ही करेगा। इसलिए आधिकारिक घोषणा होने तक किसी एक नाम को निश्चित CEO बताना जल्दबाजी होगी।

आज हो सकता है बड़ा ऐलान

ट्रस्ट की बैठक में तीन नए सदस्यों की नियुक्ति के बाद अब सभी की नजर CEO के नाम पर है। ट्रस्ट की ओर से पहले ही कहा गया था कि 5,585 आवेदनों की समीक्षा के बाद तीन योग्य उम्मीदवारों का अंतिम पैनल तैयार किया गया है। अब ट्रस्ट इन नामों पर अंतिम निर्णय लेकर मंदिर के पहले पूर्णकालिक CEO की घोषणा कर सकता है।


श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर CM योगी की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं, बोले- समरसता और समानता आज के समाज की जरूरत

by न्यूज डेस्क

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर उत्तर प्रदेश की जनता को शुभकामनाएं दीं। अपने संदेश में उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के सत्य, धर्म, कर्म और लोककल्याण से जुड़े आदर्शों को जीवन में अपनाने की अपील की। साथ ही प्रदेश को विकसित, समृद्ध और गौरवशाली बनाने के लिए सामूहिक रूप से संकल्प लेने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि योगेश्वर श्रीकृष्ण का जीवन लोककल्याणकारी शासन की मूल भावना से प्रेरणा देता है। इसी सोच के साथ प्रदेश सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सम्मान और सुरक्षा देने, गरीबी कम करने, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने, किसानों को सहयोग देने और बेटियों को समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।

श्रीकृष्ण ने दिया समरसता और समानता का संदेश

सीएम योगी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण केवल किसी एक वर्ग के नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और समानता के प्रतीक हैं। उन्होंने समाज के अलग-अलग वर्गों के साथ आत्मीय संबंध स्थापित कर समानता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का उदाहरण देते हुए कहा कि सच्चे रिश्ते पद, प्रतिष्ठा या आर्थिक स्थिति से नहीं, बल्कि आत्मीयता से बनते हैं। उनके अनुसार आज के समाज में भी समरसता, समानता और आपसी आत्मीयता की उतनी ही आवश्यकता है।

श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं में छिपे हैं जीवन के संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब समाज में असत्य और अन्याय का अंधकार बढ़ा, तब भगवान श्रीकृष्ण ने सत्य और धर्म के प्रकाश का मार्ग दिखाया। उनकी बाल लीलाएं केवल धार्मिक कथाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनमें जीवन से जुड़े गहरे संदेश भी मिलते हैं। उन्होंने कहा कि माखन चोरी की लीला सहजता और निश्छलता का प्रतीक है, जबकि गोप-गोपियों के साथ श्रीकृष्ण का आत्मीय संबंध प्रेम और सामाजिक समरसता का संदेश देता है। इसी तरह कालिय नाग के दमन की लीला को उन्होंने अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक बताया।

गोवर्धन पूजा से सामूहिक एकजुटता की प्रेरणा

सीएम योगी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन यह संदेश देता है कि समाज की वास्तविक शक्ति एकजुटता और सामूहिक सहयोग में होती है। गोवर्धन पर्वत धारण करने की लीला के माध्यम से उन्होंने प्रकृति, पशुधन और कृषि आधारित जीवन के संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा सामूहिक शक्ति और सहयोग के जरिए बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना करने की प्रेरणा देती है।

कर्म, ज्ञान और कर्तव्य का मार्ग दिखाते हैं श्रीकृष्ण

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने मानवता को कर्म, ज्ञान और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उनका संदेश हर दौर में व्यक्ति और समाज को सही दिशा देने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की धरती भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से गहराई से जुड़ी हुई है। मथुरा, गोकुल, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना और नंदगांव आज भी प्रदेश की सनातन सांस्कृतिक चेतना के प्रमुख केंद्र हैं। मुख्यमंत्री ने जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेशवासियों से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को जीवन में अपनाने और सामाजिक एकता, समरसता तथा लोककल्याण की भावना के साथ प्रदेश के विकास में योगदान देने की अपील की।


शामली में पुलिस का बड़ा एक्शन, अंकित बालियान हत्याकांड के 2 आरोपी एनकाउंटर में मारे गए

by न्यूज डेस्क

शामली: हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड में यूपी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार सुबह पुलिस मुठभेड़ में हत्या के आरोपी दो शूटर सुमित और मोहित मारे गए। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी बाइक से शामली से हरियाणा के सोनीपत की ओर भागने की कोशिश कर रहे थे। शामली के एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, पुलिस को मुखबिर से दोनों के इलाके में होने की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने उनका पीछा कर घेराबंदी की। पुलिस के मुताबिक, खुद को घिरा देखकर आरोपियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की। दोनों पक्षों के बीच करीब 20 राउंड गोलियां चलीं। मुठभेड़ के दौरान सुमित और मोहित को गोली लगी। पुलिस दोनों को इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दोनों आरोपी सोनीपत के रहने वाले थे। पुलिस के मुताबिक, सुमित की उम्र 24 साल और मोहित की 22 साल थी। सुमित के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज बताया गया है, जबकि मोहित पर 15 मुकदमे दर्ज थे। पुलिस का दावा है कि दोनों ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर अंकित बालियान की हत्या को अंजाम दिया था। मामले में सत्यम और आर्यन नाम के दो आरोपी अभी फरार हैं।

जिम से निकलते ही अंकित पर बरसाई थीं गोलियां

अंकित बालियान की हत्या 26 अगस्त की शाम शामली में हुई थी। 32 वर्षीय सिंगर जिम से बाहर निकले ही थे कि हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने करीब 18 राउंड गोलियां चलाईं। गंभीर रूप से घायल अंकित को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।

पिता बोले- दो आरोपी मारे गए, लेकिन इंसाफ अभी पूरा नहीं

एनकाउंटर की खबर सामने आने के बाद अंकित के पिता सतबीर ने पुलिस की कार्रवाई पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि दो आरोपियों के मारे जाने से उन्हें राहत मिली है, लेकिन उनके बेटे की हत्या में शामिल बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही उन्हें पूरी तरह न्याय मिलने का एहसास होगा। सतबीर के मुताबिक, घटना के बाद पिछले कुछ दिनों से परिवार कार्रवाई का इंतजार कर रहा था। उन्होंने कहा कि पुलिस की इस कार्रवाई के बाद उनका भरोसा दोबारा मजबूत हुआ है। अब उनकी मांग है कि फरार दोनों आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाए और मामले में सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।


ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 72,000 वर्गमीटर जमीन आवंटन मामले में 11 लोगों पर FIR, CRC ग्रुप के निदेशक भी नामजद!

by पूजा झा

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में करीब 72,000 वर्गमीटर भूमि के आवंटन और उसके बाद सब-लीज से जुड़े करोड़ों रुपये के कथित फर्जीवाड़े के मामले में नोएडा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कोर्ट के आदेश के बाद थाना सेक्टर-20 में ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) के पूर्व महाप्रबंधक रविन्द्र तोंगड़, उनकी पत्नी कुशल सिंह और रियल एस्टेट कंपनी CRC ग्रुप के ३ निदेशकों समेत कुल 11 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है। सूत्रों के मुताबिक मामले में आरोप लगाया गया है कि GNIDA के पूर्व महाप्रबंधक रविन्द्र तोंगड़ ने अपने पद का कथित रूप से दुरुपयोग करते हुए नियमों को दरकिनार कर अपने रिश्तेदारों से जुड़ी बेनामी कंपनियों को फायदा पहुंचाया। आरोपों के अनुसार, जमीन के आवंटन और सब-लीज की प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं की गईं और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंकों से करोड़ों रुपये का लोन लिया गया। 

निर्धारित रकम के भुगतान के बिना अधिकार देने का आरोप

सूत्रों की ओर से बताया गाया कि शिकायतकर्ता की ओर से दावा किया गया है कि जमीन से जुड़ी निर्धारित रकम का पूरा भुगतान किए बिना ही भूमि पर अधिकार और उससे संबंधित प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया गया। मामले में कंपनी की बैलेंस शीट, सब-लीज डीड और प्राधिकरण से संबंधित फाइलों की विस्तृत जांच की मांग की गई है। शिकायत में जमीन के आवंटन से लेकर सब-लीज और वित्तीय लेनदेन तक की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच से पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

कोर्ट के आदेश पर जुलाई में दर्ज हुई थी FIR

सूत्रों के मुताबिक इस मामले में एसीपी प्रवीण कुमार सिंह ने मीडिया को बताया कि जुलाई महीने में न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब मामले से जुड़े जमीन के दस्तावेज, सब-लीज रिकॉर्ड, कंपनियों के दस्तावेज और बैंक लेनदेन की जांच कर रही है। जांच के दौरान संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

राजनीतिक रूप से भी चर्चा में मामला

यह मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में है, क्योंकि FIR में आरोपी बनाई गईं कुशल सिंह दादरी विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी  टिकट की दावेदारी कर रही हैं। ऐसे में जमीन आवंटन और कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा यह मामला राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



बीजेपी सरकार पर भड़के अखिलेश, कहा- जो किसान बाजार के साथ किया, वही जेपी एनआईसी के साथ कर रहे

by पूजा झा

उत्तर प्रदेश सरकार ने जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर यानी जेपीएनआईसी को लीज पर देने के लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के प्रस्ताव पर मोहर लगा दी है. जेपीएनआईसी को 30 साल के लिए रॉकवुड होटल्स एंड रिजॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और वृंदावन बॉटलर्स को लीज पर दिया जाएगा. यूपी सरकार के इस फैसले को लेकर विपक्षी समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तीखा हमला बोला है. 
अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि किसान बाजार के साथ भी इन्होंने यही किया. उन्होंने कहा कि किसान बाजार में भी शानदार जगह बनाई गई थी. इन लोगों ने होटल के रूप में उसे भी अपने स्वजातीय लोगों को बेच दिया. ऊंची सी बिल्डिंग दिखती होगी. अखिलेश यादव ने कहा कि जो किसान बाजार के साथ किया, वही अब जेपीएनआईसी के साथ भी कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि बीजेपी ने जेपी बेच दिया है. उनका बस चले तो बीजेपी बेच दें. अखिलेश ने कहा कि आप जेपीएनआईसी देख रहे हैं, जब इसका शिलान्यास हुआ था तब नेताजी मौजूद थे. उस समय जो सपना देखा था, जो नेताओं ने कहा था कि जय प्रकाश नारायण से लोग जो एसोसिएट करते हैं, इमारत उनको लेकर मैसेज दे. उन्होंने कहा कि युवाओं को जगाने का काम किया था. उनकी संपूर्ण क्रांति ने देश में बदलाव लाने का काम किया था.
अखिलेश यादव ने कहा कि हमारी कोशिश थी कि बिल्डिंग सबसे बेहतर जगह पर बने, जो जनता को सुविधा दे. उन्होंने कहा कि 18 से 20 एकड़ में जनता के पैसे से यह इमारत बनी. सवाल ये नहीं है कि किस पर बनी और किसने बनाई. क्या कारण है कि निजी हाथों में दे रहे हैं, बीजेपी ने अपने गठन के समय पर जय प्रकाश नारायण के काम का इस्तेमाल किया था. अखिलेश ने कहा कि बीजेपी के पास कोई सोशलिस्ट नेता नहीं था.

उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश अध्यक्ष जब बीजेपी के बने थे, तब जय प्रकाश नारायण की तस्वीर लगा रखी थी. अखिलेश ने कहा कि जो पी से पाकिस्तान करते हैं, इनके गठन में उसका कनेक्शन भी सामने आया था. जेपीएनआईसी में काम पूरा नहीं होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ये चाहते तो काम हो जाता. 10 साल में भी काम पूरा नहीं किया गया. ठेकेदारों को पूरा पेमेंट किया गया था. मुख्य ठेकेदार के अलावा और ठेकेदारों को भी पूरा पेमेंट दिया गया था. अखिलेश यादव ने दावा किया कि उनसे लिखवा लिया गया है कि हमने काम पूरा किया और भविष्य में हम कोर्ट नहीं जाएंगे. उन्होंने कहा कि कोई कमी थी, तो 10 साल तक क्या काम करते रहे ये लोग. इनके एक मंत्री थे, वो जब टॉप फ्लोर पर पहुंचे तो बोले हेलीपैड की जरूरत क्या थी. अखिलेश यादव ने कहा कि आरोप इसलिए लगाते हैं, क्योंकि यह जनता के पैसे से बनी संपत्ति को बेचना चाहते हैं, अपनों को देना चाहते हैं, उन्होंने पलासियो मॉल का उल्लेख करते हुए कहा कि ये भी सपा के समय मिला था. आर्किटेक्चर में ऐसा मॉल आपको देखने को नहीं मिलेगा. अखिलेश यादव ने कहा कि जब उसे बेचा गया, उस समय डिप्टी सीएम ने पत्र लिखा था कि इसमें भ्रष्टचार हुआ है. आरोप लगे कि सत्ता की डकैती का उदाहरण, बेचने वाले भूल गए अब. उन्होंने कहा कि 30 साल की लीज में बेच दिया, मार्केट रेट इसका क्या होगा यह खुद सोचिए. 

पूर्व सीएम अखिलेश ने आरोप लगाया कि दिल्ली का बड़ा इंजन बड़ी चीजें बेच रहा है और यूपी का छोटा इंजन छोटा बेच रहा है. उन्होंने कहा कि बीजेपी बीजेपी सरकार नहीं दुकानदार है. यह सरकार नहीं चला रहे हैं. अखिलेश यादव ने कहा कि कोई खरीदार नहीं मिल रहा, वरना ये बीजेपी को ही बेच दें. उन्होंने कहा कि समय आने पर जिन अधिकारियों ने यह बड़ा घपला किया है, उनकी जांच होगी.


योगी या अखिलेश… यूपी की जनता किसे देखना चाहती है अगला सीएम? सर्वे ने चौंकाया

by पूजा झा

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो चुकी है। बीजेपी अपने सहयोगी दलों के साथ चुनावी तैयारियों में जुटी है, वहीं समाजवादी पार्टी भी अपनी रणनीति मजबूत करने में लगी है। इस बीच एक सर्वे में यूपी की जनता के मूड को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। सर्वे में लोगों से पूछा गया कि वे 2027 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर किसे देखना चाहते हैं।

योगी आदित्यनाथ पहली पसंद

वोट वाइब के ‘स्टेट वाइब सर्वे’ के मुताबिक, मुख्यमंत्री की पसंद को लेकर पूछे गए सवाल में योगी आदित्यनाथ सबसे आगे नजर आए। सर्वे में 43.4 फीसदी लोगों ने कहा कि वे योगी आदित्यनाथ को एक बार फिर मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभालते देखना चाहते हैं। वहीं, 35.5 फीसदी लोगों ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अपनी पसंद बताया। यानी सीएम की पसंद के मामले में योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच करीब 8 प्रतिशत का अंतर देखने को मिला। 
सर्वे के अनुसार, 5.9 फीसदी लोगों ने मायावती को अगला मुख्यमंत्री देखने की इच्छा जताई, जबकि 3 फीसदी लोगों ने प्रियंका गांधी को अपनी पसंद बताया। इसके अलावा करीब 6 फीसदी लोगों ने दिए गए विकल्पों में से किसी को भी अपनी पसंद नहीं चुना। वहीं 6.3 फीसदी लोगों ने कहा कि वे इस समय इस सवाल का जवाब नहीं दे सकते।

सरकार बनाने के सवाल पर NDA को बढ़त

सर्वे में लोगों से यह भी पूछा गया कि अगर अभी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए मतदान हो तो वे किस पार्टी या गठबंधन को समर्थन देंगे। इस सवाल के जवाब में 41.8 फीसदी लोगों ने बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन पर भरोसा जताया। वहीं, 38.7 फीसदी लोगों ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन को समर्थन देने की बात कही। इसके अलावा 5.2 फीसदी लोगों ने बहुजन समाज पार्टी के पक्ष में अपनी राय रखी। करीब 4 फीसदी लोगों ने अन्य दलों को अपनी पसंद बताया, जबकि लगभग 10 फीसदी लोगों ने कहा कि वे फिलहाल कुछ नहीं कह सकते।

आंकड़े किस ओर इशारा कर रहे हैं?

सर्वे के आंकड़ों को देखें तो मुख्यमंत्री की पसंद के मामले में योगी आदित्यनाथ को अखिलेश यादव पर बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। वहीं, गठबंधन के स्तर पर भी बीजेपी नेतृत्व वाला एनडीए विपक्षी इंडिया गठबंधन से आगे नजर आ रहा है। हालांकि, विधानसभा चुनाव अभी दूर हैं और चुनावी माहौल बनने के साथ जनता की राय में बदलाव भी संभव है। ऐसे में इन आंकड़ों को फिलहाल सर्वे के रुझान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए, न कि चुनाव के अंतिम नतीजे के तौर पर।


अंकित बालियान की हत्या के बाद परिजनों का फूटा गुस्सा, कहा- आंखों के सामने शूटरों का एनकाउंटर करो

by पूजा झा

शामली: उत्तर प्रदेश के शामली में सिंगर अंकित बालियान की सरेआम गोली मारकर हत्या के बाद परिवार में मातम और आक्रोश का माहौल है। अंकित के परिजन आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मृतक की चाची ने पुलिस से शूटरों को जल्द गिरफ्तार करने और सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। अंकित की चाची ने भावुक होते हुए कहा कि जिस तरह उनके परिवार ने अपने बेटे को खोया है, उसी तरह हत्यारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि दूसरे राज्य से आए बदमाश वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए और पुलिस उन्हें रोक नहीं सकी।

मां का रो-रोकर बुरा हाल, घर में पसरा मातम

अंकित बालियान की मां का रो-रोकर बुरा हाल बताया जा रहा है। परिवार के मुताबिक, वह बेटे की मौत के सदमे में हैं और बार-बार बेसुध हो जा रही हैं। परिवार अब सिर्फ यही मांग कर रहा है कि अंकित के हत्यारों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। परिजनों का कहना है कि रक्षाबंधन जैसे त्योहार से पहले घर में खुशियों की जगह मातम पसर गया। अंकित का अंतिम संस्कार किया जाना है और इलाके में तनाव को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

पुलिस पर लापरवाही का आरोप

अंकित की चाची ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि हरियाणा से बदमाश शामली तक पहुंचे और हत्या कर फरार हो गए। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि वारदात के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया और परिवार को समय पर जानकारी नहीं दी गई। परिजनों के मुताबिक, अंकित जिला पंचायत का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था और परिवार का दावा है कि उसकी किसी से कोई निजी दुश्मनी नहीं थी। ऐसे में परिवार हत्या के पीछे की वजह और हमलावरों की पहचान को लेकर सवाल उठा रहा है।

सरेआम गोलियां बरसाकर की गई हत्या

पुलिस के अनुसार, बीती शाम शामली के सदर कोतवाली क्षेत्र के नालापटरी आर्यपुरी इलाके में हमलावरों ने अंकित बालियान पर गोलियां चला दीं। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया। आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद जाम खोल दिया गया।

सोशल मीडिया पोस्ट में गैंग का दावा, जांच में जुटी पुलिस

इस बीच अंकित बालियान की हत्या को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी वायरल हो रहा है। इस पोस्ट में हरियाणा की कथित गोगी गैंग के नाम से हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है। वायरल पोस्ट में अंकित पर गैंग के विरोधियों के संपर्क में होने और गैंग से जुड़े एक मामले पर गाना बनाने जैसे आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अब हत्या के पीछे के मकसद, हमलावरों की पहचान और वायरल सोशल मीडिया पोस्ट की सत्यता समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि हत्या के पीछे वास्तव में कौन लोग थे और वारदात की वजह क्या थी।


यूपी की 50 हजार छात्राओं को स्कूटी देगी योगी सरकार, 60+ महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा का ऐलान

by पूजा झा

उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बेटियों को लेकर योगी सरकार ने बुधवार को कई बड़े ऐलान किए। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की 50 हजार छात्राओं को स्कूटी देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं के केंद्र में बेटियां हैं। उनका दावा है कि बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान को प्राथमिकता देते हुए योजनाएं तैयार की जा रही हैं। योगी ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार ने व्यवस्था और तकनीक आधारित सिस्टम तैयार किया है।

50 हजार छात्राओं को मिलेगी स्कूटी

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि प्रदेश की 50 हजार छात्राओं को स्कूटी दी जाएगी। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को शिक्षा के लिए बेहतर आवागमन की सुविधा देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मदद करना है। योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले बेटियों की सुरक्षा को लेकर असुरक्षा का माहौल था, जबकि अब सरकार सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दे रही है।

60 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा

मुख्यमंत्री ने ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना की शुरुआत भी की। इसके तहत उत्तर प्रदेश की 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। सरकार के मुताबिक, इस योजना से रोजाना करीब 88,438 महिला यात्रियों को लाभ मिलने का अनुमान है। पात्र महिलाओं की पहचान और मुफ्त यात्रा की सुविधा को आसान बनाने के लिए परिवहन निगम की ओर से विशेष स्मार्ट कार्ड जारी किए जाएंगे।

रक्षाबंधन पर सहयात्री के साथ भी मुफ्त यात्रा

मुख्यमंत्री ने बताया कि रक्षाबंधन के मौके पर 27, 28 और 29 अगस्त को महिलाओं को एक सहयात्री के साथ मुफ्त बस यात्रा की सुविधा दी जाएगी। इसके बाद 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा नियमित रूप से उपलब्ध रहेगी। योगी आदित्यनाथ ने योजना का नाम लोकमाता अहिल्याबाई के नाम पर रखने की वजह बताते हुए कहा कि अहिल्याबाई साहस और स्वाभिमान की प्रतीक थीं। सरकार का दावा है कि इस योजना से बुजुर्ग महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन अधिक सुलभ होगा। महिलाओं के लिए इन घोषणाओं को उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सरकार के महिला-केंद्रित एजेंडे के तौर पर भी देखा जा रहा है।


योगी सरकार के मुकाबले सपा का महिला कार्ड, डिंपल ने किया ₹40 हजार सालाना सहायता का ऐलान

by पूजा झा

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले महिला मतदाताओं को लेकर सियासी मुकाबला तेज होता नजर आ रहा है। बीजेपी सरकार की महिला-केंद्रित योजनाओं के बीच समाजवादी पार्टी ने भी बड़ा चुनावी वादा किया है। लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा सांसद डिंपल यादव ने ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ शुरू करने का ऐलान किया। अखिलेश यादव की मौजूदगी में डिंपल यादव ने कहा कि अगर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो इस योजना के तहत महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सहायता की राशि भविष्य में हर साल बढ़ाई जाएगी।

महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने का दावा

डिंपल यादव ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक तौर पर सशक्त किए बिना प्रदेश के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने सपा के PDA फॉर्मूले का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें ‘A’ का अर्थ ‘आधी आबादी’ यानी महिलाओं से भी है। इस ऐलान को बीजेपी की महिला केंद्रित योजनाओं के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। सत्तारूढ़ बीजेपी की ओर से वरिष्ठ महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को वित्तीय सहायता देने जैसी योजनाओं पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में सपा के सालाना 40 हजार रुपये देने के वादे ने चुनावी बहस को और तेज कर दिया है।

महिला आरक्षण को लेकर बीजेपी पर निशाना

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने भी महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र की बीजेपी सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि संसद से महिला आरक्षण कानून पारित होने के बावजूद इसे लागू करने में देरी क्यों हो रही है। अखिलेश ने कहा कि सरकार को इसे जल्द लागू करना चाहिए। उन्होंने बीजेपी के ‘नारी वंदन’ अभियान पर भी सवाल उठाए और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार को घेरा। अखिलेश ने हाथरस की घटना का जिक्र करते हुए बीजेपी पर महिला सुरक्षा के मुद्दे पर घेरने की कोशिश की।
समाजवादी पार्टी का यह ऐलान ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल धीरे-धीरे गर्म हो रहा है। ऐसे में महिलाओं के लिए सीधे आर्थिक लाभ वाली योजनाएं आने वाले चुनाव में राजनीतिक दलों के बीच एक अहम मुद्दा बन सकती हैं।


UP कैबिनेट की बैठक आज, 19 से ज्यादा प्रस्तावों पर लगेगी मुहर? भर्ती नियमों से लेकर एक्सप्रेसवे तक बड़े फैसलों पर नजर

by पूजा झा

उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक मंगलवार, 25 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होगी। शाम 4 बजे प्रस्तावित इस बैठक में 19 से अधिक महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है। बैठक में रोजगार, पुलिस भर्ती, परिवहन, औद्योगिक विकास और एक्सप्रेसवे से जुड़े कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं। 
मुख्य सचिव एसपी गोयल की ओर से कैबिनेट बैठक का एजेंडा जारी किया गया है। इसमें युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर देने से लेकर पुलिस विभाग में भर्ती और वाहनों की खरीद तक कई प्रस्ताव शामिल हैं।

सिपाही भर्ती के नियमों में बदलाव पर फैसला संभव

कैबिनेट बैठक में मृतक आश्रित कोटे के तहत सिपाही भर्ती से शारीरिक दक्षता परीक्षा हटाने के प्रस्ताव पर फैसला हो सकता है। इसके अलावा पुलिस में कुशल खिलाड़ियों की भर्ती और पदोन्नति से जुड़े नियमों में संशोधन का प्रस्ताव भी रखा गया है। यूपी पुलिस की जिला इकाइयों के लिए 1,323 नए वाहन खरीदने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है।

4 हजार करोड़ की इलेक्ट्रिक बसों का प्रस्ताव

परिवहन विभाग के बेड़े को मजबूत करने के लिए करीब 4,000 करोड़ रुपये की लागत से नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने का प्रस्ताव भी एजेंडे में है। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर राज्य के सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा सकता है।

एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर भी बड़ा फैसला

कैबिनेट में कई सड़क और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं से जुड़े प्रस्ताव भी रखे गए हैं। सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास 27,225.33 लाख रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक क्लस्टर स्थापित करने का प्रस्ताव शामिल है। इसके अलावा झांसी लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना को मंजूरी देने और गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तार देने के प्रस्ताव पर भी निर्णय संभव है।

युवाओं और रोजगार से जुड़े प्रस्ताव

कैबिनेट एजेंडे में ‘सरदार वल्लभ भाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र विकास योजना’ के तहत युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके साथ ही जन सेवा केंद्र 4.0 की नई नियमावली और संचालन योजना पर भी कैबिनेट की मंजूरी ली जा सकती है।

निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने पर जोर

औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत निवेश प्रस्तावों को मंजूरी देने का मामला भी बैठक में रखा जाएगा। इसके अलावा एफडीआई, विदेशी पूंजी निवेश, फॉर्च्यून ग्लोबल-500 और फॉर्च्यून निवेश से संबंधित प्रस्तावों पर भी चर्चा हो सकती है। निजी अस्पतालों में निवेश बढ़ाने और औद्योगिक क्षेत्र में नई परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने से जुड़े प्रस्ताव भी एजेंडे का हिस्सा हैं।

शिक्षा, पर्यटन और अन्य प्रस्ताव भी शामिल

कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना के दिशा-निर्देशों को मंजूरी देने का प्रस्ताव भी रखा गया है। वहीं ‘साक्षर भारत योजना’ के तहत काम कर रहे जिला और ब्लॉक समन्वयकों तथा शिक्षा प्रेरकों की बकाया देनदारी के भुगतान से संबंधित प्रस्ताव पर भी फैसला हो सकता है। मैनपुरी में समान पक्षी विहार के पास पर्यटन विकास के लिए 6 हेक्टेयर ग्राम सभा भूमि पर्यटन विभाग को निशुल्क हस्तांतरित करने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल है। इसके अलावा अभिभावकों को वसीयत में बदलाव से जुड़े मामलों में अधिकरण के समक्ष 60 दिन के भीतर दावा पेश करने की सुविधा देने वाले प्रस्ताव पर भी विचार होगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट कोर्ट मैनेजर्स सेंट्रलाइज्ड सर्विस रूल्स-2026 को मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। कुल मिलाकर योगी सरकार की यह बैठक रोजगार, पुलिस व्यवस्था, परिवहन, औद्योगिक निवेश, बुनियादी ढांचे और पर्यटन समेत कई क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, प्रस्तावों पर अंतिम फैसला कैबिनेट की बैठक में मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।


15 साल बाद कुंवर बासित अली बने पार्टी का बड़ा मुस्लिम चेहरा, BJP में शामिल होने पर कभी पिता ने जूतों-लाठियों से पीटा था

by पूजा झा

मेरठ: राजनीति में सफलता की राह अक्सर संघर्षों से होकर गुजरती है, लेकिन कुछ नेताओं का सफर राजनीतिक विरोध से कहीं ज्यादा निजी और सामाजिक चुनौतियों से भरा होता है। मेरठ के कुंवर बासित अली की कहानी भी ऐसी ही है। एक समय भारतीय जनता पार्टी से जुड़ने के फैसले पर उन्हें अपने ही परिवार और समाज के विरोध का सामना करना पड़ा था। आज करीब 15 साल बाद वही बासित अली भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। मेरठ के कायस्थ बड्ढा गांव से निकलकर राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने तक का उनका सफर संगठन में लंबे समय तक किए गए काम और कई व्यक्तिगत संघर्षों से जुड़ा रहा है। उनकी नियुक्ति की पुष्टि हाल में कई प्रमुख समाचार रिपोर्टों में भी हुई है।

2011 में BJP जॉइन करने के फैसले से घर में मचा था विवाद

कुंवर बासित अली ने वर्ष 2011 में भाजपा के साथ अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की थी। उस दौर में मुस्लिम समुदाय से आने वाले किसी युवा का भाजपा का झंडा लेकर सक्रिय राजनीति करना उनके लिए आसान नहीं था। बासित अली के मुताबिक, पार्टी से जुड़ने के फैसले का विरोध सबसे पहले उनके अपने परिवार में हुआ। उनके पिता हामिद अली उस समय गांव की राजनीति में सक्रिय थे और बसपा से जुड़े हुए बताए जाते हैं। बासित अली के भाजपा में शामिल होने की खबर जब अखबार में प्रकाशित हुई तो परिवार में नाराजगी बढ़ गई। उनके राजनीतिक फैसले को लेकर पिता और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मतभेद इतना बढ़ा कि उन्हें जूते और लाठियों से पिटाई तक झेलनी पड़ी। बासित अली के लिए यह सिर्फ राजनीतिक विरोध नहीं था, बल्कि परिवार और अपनी पसंद के बीच खड़ा एक कठिन फैसला था। इसके बावजूद उन्होंने भाजपा छोड़ने का फैसला नहीं किया।

एक ही दिन घर पर बसपा और BJP का कार्यक्रम

उनके राजनीतिक संघर्ष से जुड़ा एक और घटनाक्रम 2012 के विधानसभा चुनाव के दौरान सामने आया। उस समय उनके पिता बसपा की राजनीति से जुड़े थे और घर पर पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं की बैठकें होती थीं। बताया जाता है कि एक दिन उनके घर पर बसपा का कार्यक्रम तय था। इसी दौरान भाजपा की ओर से भी उसी दिन एक राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बन गई। बासित अली ने कार्यक्रम की तारीख बदलने की कोशिश की, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। सुबह घर पर बसपा का कार्यक्रम हुआ और शाम को उसी स्थान पर भाजपा का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जब पिता को इसकी जानकारी मिली तो नाराजगी और बढ़ गई। बासित अली के अनुसार, इस घटना के बाद उनके पिता ने उनकी लाठियों से पिटाई की। विरोध के डर से बासित अली कुछ समय के लिए घर से दूर भी रहे। बाद में परिवार के लोगों के हस्तक्षेप के बाद वह वापस घर लौटे। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बाद भी उन्होंने भाजपा से दूरी नहीं बनाई।

रोड शो के दौरान भी पिता से हुआ सामना

2012 के चुनाव प्रचार के दौरान बासित अली भाजपा के एक कार्यक्रम में शामिल थे। वह किठौर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा नेता जयपाल सिंह के साथ रोड शो कर रहे थे। इसी दौरान बाजार में उनके पिता की नजर उन पर पड़ गई। बासित अली के मुताबिक, पिता की नाराजगी उस समय भी सामने आई और उन्हें सार्वजनिक रूप से विरोध का सामना करना पड़ा। हालांकि इसके बाद उन्होंने पिता से साफ शब्दों में कहा कि वह अपनी राजनीतिक राह नहीं बदलेंगे और भाजपा में ही काम करते रहेंगे। बासित अली बताते हैं कि समय के साथ परिवार का विरोध कम होता गया। धीरे-धीरे उनके राजनीतिक काम और संगठन में बढ़ती जिम्मेदारियों ने परिवार के नजरिए में भी बदलाव लाया।
सामान्य कार्यकर्ता से राष्ट्रीय अध्यक्ष तक का सफर

कुंवर बासित अली का संगठनात्मक सफर पिछले डेढ़ दशक में लगातार आगे बढ़ता गया। उन्होंने भाजपा और उसके अल्पसंख्यक मोर्चे में विभिन्न स्तरों पर जिम्मेदारियां संभालीं। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने 2011 में संगठन के साथ सक्रिय राजनीतिक काम शुरू किया और बाद में जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक कई पदों पर काम किया। वह उत्तर प्रदेश भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। संगठन में सक्रिय रहते हुए उन्होंने मुस्लिम समाज के बीच संवाद बढ़ाने और पार्टी की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने पर काम किया। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से जुड़ी जिम्मेदारियों के साथ-साथ उन्होंने उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी में भी सदस्य के रूप में काम किया।
मुस्लिम समाज के बीच BJP की पहुंच बढ़ाने पर रहा फोकस

बासित अली के राजनीतिक सफर का बड़ा हिस्सा मुस्लिम समुदाय और भाजपा के बीच संवाद बढ़ाने की कोशिशों से जुड़ा रहा है। उन्होंने पार्टी के कार्यक्रमों और सरकार की योजनाओं को मुस्लिम बहुल क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए कई स्तरों पर काम किया। उन्होंने सामाजिक और धार्मिक संगठनों के साथ संवाद, मुस्लिम समुदाय के बीच चौपालों और बैठकों तथा विभिन्न जागरूकता अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई। पार्टी के भीतर उन्हें एक ऐसे संगठनकर्ता के तौर पर देखा गया, जिसने लंबे समय तक जमीनी स्तर पर काम किया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में बासित अली को जिम्मेदारी दिया जाना पार्टी की अल्पसंख्यक और खासकर मुस्लिम समुदाय तक पहुंच बढ़ाने की रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कभी विरोध करने वाले पिता आज बेटे की उपलब्धि पर खुश

बासित अली की कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू उनके पारिवारिक संघर्ष से जुड़ा है। जिस भाजपा में शामिल होने के फैसले पर कभी घर में इतना बड़ा विवाद हुआ था, आज उसी पार्टी में उन्हें राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी मिल चुकी है। मेरठ में उनकी नियुक्ति के बाद स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह देखने को मिला। रिपोर्टों के अनुसार, कार्यकर्ताओं ने उनके परिवार तक पहुंचकर बधाई दी और उनके पिता को भी बेटे की इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं।
कुंवर बासित अली का सफर इस बात की मिसाल है कि राजनीति में वैचारिक फैसले कई बार निजी रिश्तों और सामाजिक सोच के बीच टकराव पैदा कर देते हैं। लेकिन लंबे समय तक अपने फैसले पर टिके रहना और लगातार संगठन के लिए काम करना किसी कार्यकर्ता को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा सकता है। करीब 15 साल पहले भाजपा से जुड़ने के कारण जिस बासित अली को परिवार और समाज के विरोध का सामना करना पड़ा था, आज वही नेता भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर पार्टी के प्रमुख मुस्लिम चेहरों में शामिल हैं।


'भारत की परंपरा को कोसना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं', राहुल गांधी पर CM योगी का तीखा हमला

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रायबरेली में एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी के हालिया बयान का जिक्र करते हुए कहा कि भारत की परंपरा, संस्कृति और विरासत पर सवाल उठाना कुछ लोगों की आदत बन गई है। उन्होंने कहा कि जो समाज अपने पूर्वजों और अपनी जड़ों को भूल जाता है, उसका भविष्य भी संकट में पड़ सकता है। 
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि दुर्भाग्य से देश की परंपराओं और मूल्यों को भुलाकर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत के खिलाफ अलग-अलग स्तर पर षड्यंत्र किए जा रहे हैं और देश की सांस्कृतिक विरासत को निशाना बनाया जा रहा है।

राहुल गांधी के बयान पर योगी का पलटवार

योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में राहुल गांधी के महाराष्ट्र में दिए गए एक बयान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने हाल ही में रायबरेली के सांसद राहुल गांधी का बयान पढ़ा, जिसमें महिलाओं से मनुस्मृति के बंधनों से बाहर आने की बात कही गई थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि राहुल गांधी से देश को बहुत अधिक अपेक्षाएं नहीं हैं, लेकिन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते उनकी एक बड़ी जिम्मेदारी है। योगी ने कहा कि संविधान की शपथ लेने वाले व्यक्ति को देश, लोकतंत्र और समाज के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, “आप भारत की परंपरा और विरासत को कोसना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि राहुल गांधी उत्तर प्रदेश से बाहर जाकर राज्य की आलोचना करते हैं और विदेशों में भारत के बारे में नकारात्मक टिप्पणियां करते हैं।

सेना और आतंकवाद के मुद्दे पर भी साधा निशाना

योगी आदित्यनाथ ने भारतीय सेना और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर भी राहुल गांधी को घेरा। उन्होंने कहा कि जब भारतीय सेना सीमाओं पर देश की सुरक्षा के लिए लड़ती है तो राहुल गांधी सेना से प्रमाण मांगते हैं। मुख्यमंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ देश की लड़ाई का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक बयान और गतिविधियां प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उन तत्वों को प्रोत्साहित करती हैं, जो देशहित के खिलाफ काम करते हैं। योगी ने अयोध्या और भगवान राम के मुद्दे को भी अपने भाषण में शामिल किया। उन्होंने कहा कि भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाने वाली राजनीति और भारतीय परंपराओं पर लगातार सवाल खड़े करने की प्रवृत्ति पर देश को विचार करना चाहिए।

आपातकाल का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 1975 के आपातकाल का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर लोकतंत्र को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि देश ने आपातकाल का दौर देखा है और उस समय लोकतांत्रिक संस्थाओं पर गंभीर असर पड़ा था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के प्रति निष्ठा केवल भाषणों से नहीं, बल्कि राजनीतिक आचरण से भी साबित होती है। योगी ने विपक्षी नेताओं से भारतीय इतिहास, संस्कृति और परंपराओं को समझने की अपील की।

'मनु को जानना है तो वेद और पुराण पढ़िए'

योगी आदित्यनाथ ने मनुस्मृति और मनु को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर किसी को मनु और भारतीय परंपरा के बारे में जानकारी हासिल करनी है तो उसे प्राचीन ग्रंथों का अध्ययन करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अथर्ववेद और मत्स्य पुराण का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय परंपरा को समझने के लिए उसके मूल स्रोतों को पढ़ना जरूरी है। उनका कहना था कि किसी भी ऐतिहासिक या धार्मिक विषय पर टिप्पणी करने से पहले उसके व्यापक संदर्भ और स्रोतों को समझना चाहिए।

राहुल गांधी ने क्या कहा था?

राहुल गांधी ने शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान महिलाओं की स्वतंत्रता और मनुस्मृति में वर्णित कुछ नियमों को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि महिलाएं स्वयं की होती हैं और उन्हें केवल पिता, पति या पुत्र जैसे पुरुष रिश्तेदारों के अधिकार के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। राहुल गांधी ने मनुस्मृति में महिलाओं से जुड़े उस विचार को शर्मनाक बताया था, जिसमें महिला के जीवन के अलग-अलग चरणों में पुरुष रिश्तेदारों के संरक्षण या अधिकार की बात कही जाती है। उन्होंने महिलाओं की स्वतंत्रता और समान अधिकारों की वकालत की थी। राहुल गांधी के इसी बयान के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रायबरेली में उन पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। योगी के बयान के बाद एक बार फिर भारतीय परंपरा, मनुस्मृति, महिलाओं के अधिकार और राजनीतिक विमर्श को लेकर बहस तेज हो गई है। रायबरेली में दिया गया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि राहुल गांधी इसी सीट से सांसद हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।


सीएम योगी के साथ सेल्फी लेने के लिए जापानी बच्चों में दिखा उत्साह, मुख्यमंत्री आवास पर लगी लाइन

by पूजा झा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ सेल्फी लेने को लेकर जापान से आए स्कूली बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। शुक्रवार को लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान जापानी विद्यार्थी सीएम योगी के साथ तस्वीर लेने के लिए लाइन में खड़े नजर आए। हर बच्चा मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी लेना चाहता था। बच्चों के चेहरों पर उत्साह और खुशी साफ दिखाई दे रही थी। मुख्यमंत्री ने भी बच्चों के साथ सहज अंदाज में तस्वीरें खिंचवाईं। इस मुलाकात की तस्वीरें सीएम योगी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी साझा कीं। दरअसल, मुख्यमंत्री आवास पर ‘ए डायलॉग विद द फ्यूचर’ कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में जापान के यामानाशी प्रांत से 13 विद्यार्थी और उनके साथ फैकल्टी सदस्य लखनऊ पहुंचे थे। जापानी विद्यार्थियों ने उत्तर प्रदेश के स्कूली छात्रों से मुलाकात की और भारत-जापान के बीच सांस्कृतिक संबंधों को समझने का प्रयास किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ यामानाशी प्रांत के गवर्नर कोटारो नागासाकी भी मौजूद रहे।

जापानी भाषा में सीएम योगी ने किया बच्चों का स्वागत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी विद्यार्थियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने जापानी भाषा में ‘ओहायो गोजाइमासु’ कहकर बच्चों का अभिवादन किया। इसके बाद उन्होंने भारत और जापान के रिश्तों तथा दोनों देशों के युवाओं की भूमिका पर बात की। सीएम योगी ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल दो देशों के विद्यार्थियों की मुलाकात नहीं है, बल्कि यह दो संस्कृतियों, दो परंपराओं और दो देशों की युवा पीढ़ियों के बीच संवाद का अवसर है। उन्होंने कहा कि भारत और जापान की भाषा, रहन-सहन और संस्कृति में अंतर जरूर है, लेकिन दोनों देशों के युवाओं के सामने अपने भविष्य को बेहतर बनाने का समान लक्ष्य है।  मुख्यमंत्री ने जापानी विद्यार्थियों को उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने अयोध्या, मथुरा, वाराणसी और सारनाथ जैसे प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जापानी छात्रों की भारत यात्रा उन्हें देश की प्राचीन सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को करीब से समझने का अवसर दे रही है। विद्यार्थियों ने आगरा पहुंचकर ताजमहल का भी दीदार किया।

भारत को सिर्फ बाजार नहीं, सभ्यतागत मित्र के तौर पर देखें

सीएम योगी ने कहा कि जापान की नई पीढ़ी को भारत को केवल एक बड़े बाजार के रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि एक ऐसे सभ्यतागत मित्र के रूप में भी समझना चाहिए, जिसके साथ उसके लंबे सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम दोनों देशों के युवाओं को एक-दूसरे को समझने और करीब आने का अवसर देते हैं। इससे भविष्य में भारत और जापान के बीच रिश्तों को और मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

जापान से अनुशासन सीखने की अपील

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय विद्यार्थियों से जापान की कार्यशैली और अनुशासन से सीख लेने की बात कही। उन्होंने समय की पाबंदी, टीमवर्क, स्वच्छता, आत्म-अनुशासन और एक-दूसरे के प्रति सम्मान जैसे मूल्यों का उल्लेख किया। सीएम योगी ने जापानी जीवन दर्शन की अवधारणा ‘इकीगाई’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने जीवन के उद्देश्य को समझते हुए आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने जापान की सेल्फ-डिसिप्लिन और इनोवेशन को उसकी बड़ी ताकत बताया, जबकि भारत की युवा आबादी, प्रतिभा और विविधता को देश की ताकत बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर भारत और जापान अपनी-अपनी खूबियों को एक साथ लेकर आगे बढ़ते हैं तो दोनों देशों के बीच सहयोग की नई संभावनाएं पैदा हो सकती हैं। इसका सकारात्मक असर वैश्विक स्तर पर भी देखने को मिल सकता है।

‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का भी किया जिक्र

कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने भारत की प्राचीन सोच ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में देखता है। वहीं जापान में भी सामाजिक सामंजस्य और आपसी सहयोग की मजबूत भावना देखने को मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे एक-दूसरे की भाषा सीखने का प्रयास करें। सिर्फ भाषा ही नहीं, बल्कि एक-दूसरे की भावनाओं, संस्कृति और जीवनशैली को भी समझना जरूरी है। इससे दोनों देशों के बीच रिश्ते और मजबूत होंगे।

जापानी छात्रों ने गीत से बांधा समां

कार्यक्रम में जापानी विद्यार्थियों ने अपनी भाषा में एक गीत प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति के दौरान मुख्यमंत्री आवास का माहौल खुशनुमा हो गया और तालियों की गूंज सुनाई दी। इसके बाद भारतीय छात्र ईशान ने भगवान श्रीराम को समर्पित ‘कौशल्या दशरथ के नंदन’ गीत प्रस्तुत किया। दोनों प्रस्तुतियों ने भारत और जापान की सांस्कृतिक विविधता के बीच एक भावनात्मक जुड़ाव दिखाया। भाषा अलग होने के बावजूद दोनों देशों के विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में दोस्ती और अपनापन साफ नजर आया। लखनऊ की छात्रा अक्षरा पांडेय ने भी जापानी विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने डोरेमोन का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के बच्चे जापान की इस लोकप्रिय कार्टून सीरीज को देखते हुए बड़े हुए हैं। उन्होंने जापानी विद्यार्थियों को अपना बताते हुए जापानी भाषा में ‘अरिगातो’ कहकर उनका स्वागत किया।

ताजमहल और बिंदी का अनुभव रहा खास

जापानी विद्यार्थियों ने भारत यात्रा के अपने अनुभव भी साझा किए। छात्र कजामा ने बताया कि भारत आना उसके लिए बेहद खास अनुभव है और यह उसकी पहली विदेश यात्रा है। उसने भारतीय लोगों के दोस्ताना व्यवहार की तारीफ की। ताजमहल की खूबसूरती ने भी उसे प्रभावित किया। उसने भारत और जापान के बीच दोस्ती को आगे बढ़ाने वाला सेतु बनने की इच्छा जताई। जापानी छात्रा मियागी मोतो ने भी भारत यात्रा को यादगार बताया। उसने ताजमहल देखने के अनुभव को शानदार बताया। इसके अलावा पहली बार बिंदी लगाने के अनुभव को भी उसने खास बताया। जापानी विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में ओरिगेमी बनाकर अपनी कला और संस्कृति का प्रदर्शन भी किया। कागज से बनाई गई इन खूबसूरत आकृतियों को उन्होंने मुख्यमंत्री को भेंट किया। इसके जरिए शांति और भारत-जापान की दोस्ती का संदेश दिया गया।

दोस्ती को आगे बढ़ाने का संदेश

यामानाशी के गवर्नर कोटारो नागासाकी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत और जापान के बीच दोस्ती केवल एक कार्यक्रम या एक दिन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। दोनों देशों के विद्यार्थियों को इस रिश्ते को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। कार्यक्रम के आखिर में माहौल और भी खास हो गया, जब जापानी विद्यार्थी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ सेल्फी लेने के लिए लाइन में लग गए। एक-एक कर बच्चों ने मुख्यमंत्री के साथ तस्वीर खिंचवाई। सीएम योगी ने भी बच्चों के साथ मुस्कुराते हुए तस्वीरें लीं। इस दौरान जापानी बच्चों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। मुख्यमंत्री आवास पर सेल्फी के लिए लगी यह लाइन भारत और जापान के बीच बढ़ती दोस्ती और दोनों देशों की युवा पीढ़ियों के बीच बनते नए रिश्ते की खूबसूरत तस्वीर बन गई।


लखनऊ के शीतला मंदिर में BJP विधायक को पूजा से रोके जाने का आरोप, जातिगत भेदभाव पर गरमाई सियासत

by पूजा झा

लखनऊ के काकोरी स्थित शीतला देवी मंदिर में जीर्णोद्धार के भूमिपूजन कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मलिहाबाद से भाजपा विधायक जय देवी कौशल ने मंदिर में पूजा के दौरान उनके साथ जातिगत भेदभाव और अपमान किए जाने का आरोप लगाया है। विधायक का दावा है कि उन्हें पूजा में बैठने नहीं दिया गया और न ही अगरबत्ती जलाने तथा नारियल फोड़ने की अनुमति दी गई। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। वहीं, मंदिर प्रबंधन और पुजारी ने विधायक के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मंदिर में सभी जाति और वर्ग के लोगों को पूजा का अधिकार है और किसी के साथ भेदभाव नहीं किया गया।

विधायक ने लगाया जातिगत भेदभाव का आरोप

जय देवी कौशल के मुताबिक, काकोरी के शीतला मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए उनके प्रयासों से करीब 78 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई थी। जीर्णोद्धार के बाद मंदिर में भूमिपूजन और शिलान्यास का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। विधायक का आरोप है कि वह कार्यक्रम में पहुंचीं तो पूजा की तैयारियां पूरी थीं, लेकिन अनुष्ठान के दौरान उन्हें पूजा में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें खड़े रहने के लिए कहा गया और पूजा-अर्चना करने का मौका नहीं दिया गया। जय देवी कौशल ने आरोप लगाया कि उन्हें अगरबत्ती जलाने और नारियल फोड़ने से भी रोका गया। उन्होंने इसे जातिगत भेदभाव बताते हुए कहा कि वह पूरे मामले की शिकायत पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व से करेंगी। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में भी विधायक के इन्हीं आरोपों का उल्लेख है।

कौशल किशोर ने भी जताई नाराजगी

विधायक जय देवी कौशल के पति और पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने भी घटना पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए राशि स्वीकृत कराने में विधायक की भूमिका रही, लेकिन इसके बावजूद उन्हें धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई। कौशल किशोर ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने मंदिर परिसर पर अपना प्रभाव बना रखा है और इसी वजह से विधायक के साथ ऐसा व्यवहार किया गया। उन्होंने मामले को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सामने उठाने की बात कही है।

विधायक के बेटे ने भी उठाए सवाल

घटना के बाद विधायक के बेटे विकास किशोर ने भी सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई। उन्होंने सवाल उठाया कि देश की आजादी के इतने वर्षों बाद भी किसी जनप्रतिनिधि के साथ धार्मिक स्थल पर जाति के आधार पर भेदभाव का आरोप लगना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने मंदिर में मौजूद लोगों और आयोजन की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए।

मंदिर प्रबंधन ने आरोपों को किया खारिज

वहीं, मंदिर प्रबंधक रमाकांत गुप्ता और पुजारी शैलेंद्र बाजपेयी ने विधायक के आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि मंदिर में किसी भी जाति या वर्ग के व्यक्ति के साथ भेदभाव नहीं किया जाता। पुजारी के मुताबिक, भूमिपूजन का अनुष्ठान निर्धारित धार्मिक विधि और परंपरा के अनुसार कराया गया था। उन्होंने कहा कि विधायक को उनकी जाति के आधार पर पूजा से रोकने का आरोप सही नहीं है। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि मंदिर सभी श्रद्धालुओं के लिए खुला है और यहां पूजा-अर्चना को लेकर किसी तरह का जातिगत प्रतिबंध नहीं है।

मामले ने पकड़ा राजनीतिक तूल

विधायक के आरोपों के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी गरमा गया है। आजाद समाज पार्टी से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं ने घटना को लेकर विरोध जताया। पुलिस को भी मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। ऐसे में मंदिर में पूजा के दौरान कथित भेदभाव का मामला अब राजनीतिक बहस का मुद्दा बनता जा रहा है।

अब सूरज पासी के मंदिर जाने का ऐलान

विवाद के बीच लाखन आर्मी के प्रमुख सूरज पासी ने भी शीतला देवी मंदिर जाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि वह शुक्रवार को सुबह 11:30 बजे मंदिर जाकर पूजा करेंगे और देखेंगे कि उन्हें पूजा करने से कौन रोकता है। इस ऐलान के बाद मंदिर परिसर में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन सतर्क है। हालांकि, सूरज पासी के इस कार्यक्रम की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध प्रमुख मीडिया रिपोर्टों में स्पष्ट रूप से नहीं मिली है।

क्या है पूरा विवाद?

पूरा विवाद मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम से जुड़ा है। विधायक जय देवी कौशल का कहना है कि उनके प्रयासों से मंदिर के लिए सरकारी धन स्वीकृत कराया गया, लेकिन उसी मंदिर में उन्हें पूजा करने का अवसर नहीं दिया गया। वह इसे जातिगत भेदभाव मान रही हैं। दूसरी ओर, मंदिर प्रबंधन का कहना है कि पूजा निर्धारित विधि से हुई और किसी के साथ जाति के आधार पर भेदभाव नहीं किया गया। फिलहाल दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने हैं। ऐसे में घटना की वास्तविक स्थिति को लेकर अंतिम निष्कर्ष संबंधित प्रशासन की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जा सकेगा।


गोमतीनगर हत्याकांड: पत्नी की हत्या के बाद WhatsApp स्टेटस, बहन को मारकर खुदकुशी

by पूजा झा

लखनऊ के गोमतीनगर में गुरुवार को एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से सनसनी फैल गई। पुलिस के मुताबिक, मानस वाजपेयी ने पहले अपनी पत्नी दिव्या मिश्रा की बैंक के बाहर गोली मारकर हत्या की। इसके बाद वह अपने घर पहुंचा, जहां उसने अपनी बहन सीमा को गोली मार दी और फिर खुद भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

पत्नी की हत्या के बाद लगाया WhatsApp स्टेटस

पुलिस जांच के दौरान मानस का WhatsApp स्टेटस सामने आया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पत्नी की हत्या के बाद उसने अंग्रेजी में एक संदेश लगाया था, जिसमें उसने दिव्या पर उसे धोखा देने का आरोप लगाया। स्टेटस में उसने अपनी बहन और खुद को भी खत्म करने की बात कही थी। उसने दिव्या की बहन प्रज्ञा और भारत नाम के व्यक्ति का भी जिक्र किया था। पुलिस अब इस स्टेटस में किए गए दावों की सत्यता की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्य इस मामले की जांच में महत्वपूर्ण हैं।

बैंक के बाहर पत्नी को मारी गोली

जानकारी के मुताबिक, दिव्या मिश्रा गोमतीनगर स्थित एक बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के तौर पर काम करती थीं। गुरुवार को वह ड्यूटी के लिए बैंक पहुंची थीं। इसी दौरान मानस वहां पहुंचा और कथित तौर पर उन पर गोली चला दी। गंभीर रूप से घायल दिव्या की मौत हो गई। घटना के बाद मानस मौके से निकलकर अपने घर पहुंचा। कुछ देर बाद घर से गोली चलने की सूचना मिली। पुलिस जब वहां पहुंची तो मानस और उसकी बहन सीमा मृत मिले। पुलिस ने घटनास्थल से तीन हथियार बरामद किए हैं और उन्हें जांच का हिस्सा बनाया है।

करीब एक साल से अलग रह रहे थे पति-पत्नी

शुरुआती जांच में पति-पत्नी के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि दोनों करीब एक साल से अलग रह रहे थे और उनके बीच पारिवारिक न्यायालय में मामला भी लंबित था। हालांकि, पुलिस अभी यह स्पष्ट करने में जुटी है कि विवाद की वास्तविक प्रकृति क्या थी और हत्या के पीछे तत्काल कारण क्या रहा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वारदात की पहले से योजना बनाई गई थी या घटना किसी तत्काल विवाद के बाद हुई। CCTV फुटेज, मोबाइल फोन, WhatsApp स्टेटस और फोरेंसिक साक्ष्यों की मदद से घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।

पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़कर देखा तो मिलीं दो लाशें

मानस का WhatsApp स्टेटस देखने के बाद पड़ोसी को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने मानस को फोन किया, लेकिन काफी देर तक कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पड़ोसी उसके घर पहुंचे और दरवाजा खटखटाया। अंदर से प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर उन्होंने दरवाजा तोड़ दिया। घर के अंदर मानस और उसकी बहन सीमा के शव मिले। रिपोर्ट के अनुसार, उस समय घर में टीवी चल रहा था और हनुमान चालीसा बज रही थी।

मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक विवाद की भी जांच

परिवार और पड़ोसियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस मानस की मानसिक स्थिति से जुड़ी बातों की भी जांच कर रही है। रिपोर्टों में उसके लंबे समय से इलाज चलने का दावा किया गया है। हालांकि, इस दावे और घटना के बीच संबंध की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। मानस भारतीय स्टेट बैंक में सीनियर असिस्टेंट के पद पर कार्यरत था। उसके माता-पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी और उसकी बहन सीमा बीमार बताई जा रही है। फिलहाल पुलिस ने मामले के सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। पत्नी की हत्या, बहन की हत्या और उसके बाद आत्महत्या के बीच की पूरी कड़ी, WhatsApp स्टेटस में लगाए गए आरोप और पारिवारिक विवाद की भूमिका जांच का मुख्य हिस्सा हैं।


छात्रों के प्रदर्शन के बाद एक्शन में योगी सरकार, लापरवाह अफसरों पर होगी कार्रवाई

उत्तर प्रदेश में शिक्षण संस्थानों की व्यवस्थाओं को लेकर छात्रों के प्रदर्शन के बाद योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। लखनऊ, आजमगढ़, महोबा, हमीरपुर और उन्नाव समेत कई जिलों में सामने आई शिकायतों को सरकार ने गंभीरता से लिया है। शिक्षकों की कमी, प्रशासनिक लापरवाही और स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर शिक्षण संस्थानों की व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा के साथ उच्च शिक्षा, तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा, समाज कल्याण तथा श्रम विभाग के तहत आने वाले संस्थानों की भी निगरानी की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जहां भी लापरवाही या अव्यवस्था सामने आएगी, वहां जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान कर उनकी जवाबदेही तय की जाएगी। शिकायतों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण कराने पर भी जोर दिया गया है।

शिक्षकों की तैनाती में देरी पर भी नाराजगी

सर्वोदय विद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के बावजूद शिक्षकों की तैनाती में देरी को लेकर भी सरकार ने सवाल उठाए हैं। शिक्षकों की नियुक्ति के लिए जून में विज्ञापन जारी करने की प्रक्रिया में हुई देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने कहा है कि स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित करने वाली किसी भी तरह की लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

सोशल मीडिया शिकायतों पर DM की होगी नजर

स्कूलों से जुड़ी सोशल मीडिया पोस्ट और शिकायतों को लेकर भी प्रशासन को सक्रिय किया गया है। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को ऐसी पोस्ट पर नजर रखने और शिकायतों की तथ्यात्मक जांच कराने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारियों को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए जरूरी मामलों में तथ्यात्मक जवाब देने को कहा गया है। सरकार का उद्देश्य शिकायतों का जल्द समाधान करने के साथ गलत या भ्रामक सूचनाओं का तथ्य के आधार पर खंडन करना है। अधिकारियों को भ्रामक खबरें प्रसारित करने वाले यूट्यूब चैनलों और अन्य सोशल मीडिया माध्यमों पर भी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

स्कूलों की सुविधाओं पर भी फोकस

सरकार ने बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में साफ-सफाई, अवस्थापना सुविधाओं और छात्रों-अभिभावकों के साथ नियमित संवाद को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। प्राथमिक विद्यालयों के छात्रों को पाठ्य-पुस्तक, यूनिफॉर्म, जूते-मोजे और स्कूल बैग के लिए निर्धारित राशि शत-प्रतिशत अभिभावकों के खातों में पहुंचाने तथा जरूरी सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। बारिश के मौसम में स्कूलों में जलभराव और स्वच्छता से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए ब्लॉक स्तर पर जरूरी कदम उठाने को कहा गया है। इस पूरे एक्शन प्लान का मकसद छात्रों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई, स्कूलों की व्यवस्थाओं में सुधार और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करना है।


गंगा के उफान में डूबी सैकड़ों बीघे सब्जी की खेती, किसानों की लागत पर संकट

पूर्वी उत्तर प्रदेश के चंदौली में लगातार बारिश के बीच गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी के उफान से तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हालांकि फिलहाल रिहायशी क्षेत्रों में बाढ़ का पानी नहीं पहुंचा है, लेकिन गंगा के कछार में की गई सब्जी की खेती बुरी तरह प्रभावित हुई है। कई जगह खेत पानी में डूब गए हैं, जिससे किसानों को फसल के साथ खेती में लगी लागत डूबने की भी चिंता सताने लगी है। सबसे ज्यादा असर चंदौली के सहजौर गांव में देखने को मिल रहा है। यहां गंगा किनारे कछार क्षेत्र में सैकड़ों बीघे में सब्जियों की खेती की गई है। पिछले करीब एक सप्ताह से जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण कई खेत पानी में समा गए हैं। किसान पानी में डूबी परवल की फसल को किसी तरह बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

10 बीघे में बोई परवल, 8 बीघे में भर गया पानी

सहजौर गांव के किसान अजय ने गंगा किनारे करीब 10 बीघे जमीन पर परवल की खेती की थी। बढ़ते जलस्तर के कारण उनके 8 बीघे खेत में पानी भर चुका है। अब उन्हें बाकी 2 बीघे फसल की भी चिंता सता रही है। किसान के मुताबिक, खेती में काफी पैसा लगाया गया था। अगर पानी और बढ़ा तो पूरी फसल बर्बाद हो सकती है और लागत की भरपाई करना भी मुश्किल हो जाएगा। गांव के ही किसान गुड्डू ने करीब 3 बीघे में परवल की खेती की है। इनमें से 1 बीघा खेत पानी की चपेट में आ चुका है और फसल बर्बाद हो गई है। अब उनकी चिंता बाकी खेतों को लेकर है।

फसल के साथ लागत डूबने का डर

किसानों का कहना है कि गंगा का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में और खेत जलमग्न हो सकते हैं। इससे सब्जियों की फसल बर्बाद होने के साथ-साथ बीज, खाद, सिंचाई और दूसरी खेती की लागत भी डूबने का खतरा है। कछार क्षेत्र में हर साल किसान गंगा की नमी और उपजाऊ मिट्टी का फायदा उठाकर सब्जियों की खेती करते हैं। लेकिन नदी का जलस्तर बढ़ने पर यही खेत सबसे पहले प्रभावित होते हैं।

रिहायशी इलाकों में फिलहाल राहत

फिलहाल चंदौली में गंगा किनारे बसे रिहायशी इलाकों में बाढ़ का पानी नहीं पहुंचा है और आबादी वाले क्षेत्र सुरक्षित बताए जा रहे हैं। हालांकि खेतों में पानी बढ़ने से किसानों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। किसानों की नजर अब गंगा के जलस्तर पर टिकी है। उन्हें उम्मीद है कि जलस्तर जल्द कम होगा, ताकि बची हुई फसल को नुकसान से बचाया जा सके। लेकिन अगर नदी का पानी इसी तरह बढ़ता रहा, तो आने वाले दिनों में सैकड़ों बीघे सब्जी की खेती पर और बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। 


भारत-जापान साझेदारी से बढ़ेंगे निवेश और रोजगार के अवसर- CM योगी

उत्तर प्रदेश में जापानी निवेश और औद्योगिक साझेदारी को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और कदम आगे बढ़ाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान के यामानाशी प्रांत के गवर्नर और राजदूत समेत 8 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच निवेश, तकनीक, क्लीन एनर्जी और रोजगार के अवसरों को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से भारत-जापान संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और दोनों देशों की साझेदारी नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जापान के साथ दीर्घकालिक और भरोसेमंद साझेदारी के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार का लक्ष्य जापानी निवेश को प्रदेश में लाकर रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।

ऑटोमोबाइल और हाइड्रोजन एनर्जी पर फोकस

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ऑटोमोबाइल, हाइड्रोजन एनर्जी समेत कई क्षेत्रों में निवेश की बड़ी संभावनाएं हैं। जापानी कंपनियों के लिए राज्य में निवेश के अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि जापान से मिलने वाले निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने में सरकार सफल होगी। भारत-जापान साझेदारी को सिर्फ राजनयिक संबंधों तक सीमित रखने के बजाय उसे निवेश, रोजगार और तकनीकी सहयोग में बदलने पर जोर दिया जा रहा है।

यामानाशी के साथ बढ़ेगा तकनीकी सहयोग

मुख्यमंत्री ने कहा कि यामानाशी प्रांत के साथ उत्तर प्रदेश की साझेदारी अब साझा सांस्कृतिक विरासत से आगे बढ़कर तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों तक पहुंच रही है। सरकार का प्रयास है कि इस सहयोग का लाभ प्रदेश में ठोस निवेश और रोजगार के रूप में दिखाई दे। योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा और निवेश के अनुकूल नीतियां मौजूद हैं। राज्य की युवा आबादी और जापान की तकनीकी विशेषज्ञता के बीच बेहतर तालमेल से विकास की नई संभावनाएं तैयार हो सकती हैं।
23 अगस्त तक चलेगा जापानी प्रतिनिधिमंडल का दौरा

जापानी प्रतिनिधिमंडल का उत्तर प्रदेश और भारत दौरा 23 अगस्त तक प्रस्तावित है। 19 अगस्त को दिल्ली में बातचीत के बाद प्रतिनिधिमंडल नोएडा पहुंचेगा। इसके बाद 21 अगस्त को लखनऊ में मुख्य निवेश सम्मेलन आयोजित होगा। प्रतिनिधिमंडल के कार्यक्रम में आगरा, ग्रेटर नोएडा और वाराणसी भी शामिल हैं, जहां निवेश और साझेदारी से जुड़े कार्यक्रम होंगे। 22 अगस्त को प्रतिनिधिमंडल वाराणसी पहुंचेगा और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करेगा। सरकार को उम्मीद है कि इस दौरे से उत्तर प्रदेश और जापान के बीच आर्थिक, तकनीकी और निवेश संबंध और मजबूत होंगे और प्रदेश में नए निवेश तथा रोजगार के रास्ते खुलेंगे।  


जापान के 200 से ज्यादा उद्योगपति यूपी में तलाशेंगे निवेश के मौके, 3,191 करोड़ की परियोजनाओं पर भी फोकस

उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक और वैश्विक निवेश केंद्र के तौर पर विकसित करने की योगी सरकार की कोशिशों को जापान के साथ आर्थिक साझेदारी से नई गति मिलने की उम्मीद है। 18 से 23 अगस्त तक उत्तर प्रदेश और दिल्ली में ‘यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026’ का आयोजन किया जा रहा है। इसमें जापान के 200 से ज्यादा प्रमुख उद्योगपति, सीईओ, कारोबारी प्रतिनिधि और नीति-निर्माता शामिल होंगे। इस पांच दिवसीय आयोजन का मकसद जापानी कंपनियों की उत्तर प्रदेश में कारोबारी रुचि को निवेश, तकनीकी सहयोग, संयुक्त परियोजनाओं और रोजगार सृजन में बदलना है। कार्यक्रम के दौरान मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर, क्लीन और ग्रीन एनर्जी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल डेवलपमेंट और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी।

जापानी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई करेंगे यमानाशी के गवर्नर

जापान से आने वाले उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व यमानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर कोटारो नागासाकी करेंगे। प्रतिनिधिमंडल 18 अगस्त को नई दिल्ली पहुंचेगा, जहां केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसका स्वागत करेंगे। इसके बाद दिल्ली, लखनऊ, ग्रेटर नोएडा, आगरा और वाराणसी में अलग-अलग कार्यक्रम और निवेश सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में जापानी कंपनियों के प्रतिनिधियों की केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों, भारतीय उद्योग जगत तथा शिक्षण संस्थानों के साथ सीधी बातचीत होगी। योगी सरकार के लिए यह आयोजन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के साथ विदेशी निवेश को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

19 अगस्त को दिल्ली में CEO राउंडटेबल

निवेश सम्मेलन का एक प्रमुख कार्यक्रम 19 अगस्त को नई दिल्ली के ताज पैलेस में हाई-लेवल CEO राउंडटेबल होगा। इसके साथ उद्घाटन सत्र भी आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल होंगे। राउंडटेबल में जापानी उद्योग जगत के शीर्ष प्रतिनिधियों के साथ निवेश के नए अवसरों, आधुनिक तकनीक, औद्योगिक सहयोग और भविष्य की कारोबारी रणनीति पर चर्चा होगी।

21 अगस्त को लखनऊ में मुख्य निवेश सम्मेलन

21 अगस्त को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में राज्य स्तरीय मुख्य निवेश सम्मेलन आयोजित होगा। यहां Government-to-Business (G2B) और Business-to-Business (B2B) मैचमेकिंग सत्र होंगे। इन सत्रों में जापानी निवेशकों को राज्य सरकार के अधिकारियों और भारतीय कारोबारी समूहों के साथ सीधे बातचीत का अवसर मिलेगा। संभावित निवेश परियोजनाओं, संयुक्त उद्यम, तकनीकी साझेदारी और परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर चर्चा की जाएगी।

जापान की कई बड़ी कंपनियां होंगी शामिल

सम्मेलन में जापान से जुड़े कई बड़े कारोबारी समूहों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। इनमें JETRO, Escorts Kubota, Kubota Corporation Japan, Toshiba India, Motherson Group, Setolias Asia, Honda Trading Corporation India, Daikin Airconditioning India, Sumitomo Corporation India, Spark Minda, Toyo Denso और Panasonic जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। इन कंपनियों के प्रतिनिधि उत्तर प्रदेश में अपने कारोबार के विस्तार और नई निवेश संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। सम्मेलन में निवेश प्रस्तावों से आगे बढ़कर जमीन पर उतर रही परियोजनाओं को भी प्रमुखता दी जाएगी। Escorts Kubota और Minda Corporation की परियोजनाओं की वर्चुअल ग्राउंड-ब्रेकिंग सेरेमनी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण होगी। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी YEIDA क्षेत्र को जापानी मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में काम चल रहा है।

ग्रीन हाइड्रोजन और सेमीकंडक्टर पर नजर

यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट में भविष्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े सेक्टरों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें रिन्यूएबल एनर्जी, क्लीन टेक्नोलॉजी, ग्रीन हाइड्रोजन, ऑटो कंपोनेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर शामिल हैं। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और डेटा सेंटर जैसे सेक्टरों में निवेश की संभावनाओं पर भी जापानी कंपनियों के साथ चर्चा होगी। सरकार का फोकस सिर्फ निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं है। उद्योगों की जरूरत के मुताबिक कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में ग्रेटर नोएडा की गलगोटियास यूनिवर्सिटी में अकादमिक-इंडस्ट्री संवाद आयोजित किया जाएगा, जिसमें तकनीकी कौशल और उद्योगों की जरूरत के मुताबिक युवाओं को तैयार करने पर चर्चा होगी।

वाराणसी और आगरा में पर्यटन की संभावनाएं

जापान और उत्तर प्रदेश के रिश्ते सिर्फ उद्योग और निवेश तक सीमित नहीं रहेंगे। पर्यटन और संस्कृति को भी इस साझेदारी का हिस्सा बनाया गया है। जापान के बौद्ध सांस्कृतिक जुड़ाव को देखते हुए वाराणसी, सारनाथ और कुशीनगर के बौद्ध सर्किट में पर्यटन और उससे जुड़ी अवस्थापना के विकास की संभावनाएं जापानी निवेशकों के सामने रखी जाएंगी। वहीं आगरा में पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और स्मार्ट सिविक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े निवेश अवसरों को प्रदर्शित किया जाएगा।

यूपी सरकार के कई मंत्री और अधिकारी होंगे शामिल

सम्मेलन में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, औद्योगिक विकास एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी और आईआईडीसी दीपक कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। सरकार के मुताबिक, जापान के साथ यह साझेदारी उत्तर प्रदेश में निवेश, तकनीक, मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकती है। कुल मिलाकर, यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 का फोकस निवेश प्रस्तावों की घोषणा से आगे बढ़कर उन्हें जमीन पर उतारने पर है। 3,191 करोड़ रुपये की प्रस्तावित परियोजनाओं, 10 हजार से ज्यादा संभावित रोजगार और 500 एकड़ की प्रस्तावित जापानी सिटी के जरिए उत्तर प्रदेश जापानी कंपनियों के लिए एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग बेस तैयार करने की कोशिश कर रहा है। अगर प्रस्तावित परियोजनाएं तय समय के अनुसार आगे बढ़ती हैं, तो इससे प्रदेश के औद्योगिक इकोसिस्टम, तकनीकी क्षमता और रोजगार बाजार को आने वाले वर्षों में बड़ा फायदा मिल सकता है।


चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय-अनिल मिश्रा को SIT की क्लीन चिट, 8 लोगों को बनाया आरोपी

अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी के आरोपों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के गृह विभाग को सौंप दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा को मामले में आरोपी नहीं माना गया है। SIT की जांच में कुल आठ लोगों को चढ़ावा चोरी के मामले में आरोपी माना गया है। इनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू के नाम शामिल हैं। राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों के बाद उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया था। जांच के दौरान चंपत राय और अनिल मिश्रा के नाम भी चर्चा में आए थे। हालांकि, SIT की रिपोर्ट में दोनों को आरोपी के तौर पर शामिल नहीं किया गया है।

जांच शुरू होने के बाद दोनों ने छोड़े थे पद

मामले में जांच शुरू होने के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद चंपत राय ने अयोध्या में चार महीने की चातुर्मास साधना करने का फैसला किया। वह 21 नवंबर तक अयोध्या में रहकर राम मंत्र का जाप और रामचरितमानस का पाठ करेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, वह रोज करीब छह घंटे मौन रहकर साधना कर रहे हैं और 7 जून से रामकोट स्थित तीर्थ क्षेत्र भवन में एकांतवास में हैं।

राम मंदिर ट्रस्ट के CEO की रेस में कौन?

इसी बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए चयन प्रक्रिया भी अंतिम दौर में पहुंच गई है। पद के लिए इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और तीन नामों का फाइनल पैनल तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के दो चर्चित अधिकारियों योगेश्वर राम मिश्रा और राजेश पांडे के नाम इस दौड़ में प्रमुखता से चर्चा में हैं। हालांकि, अंतिम नियुक्ति को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

5,585 आवेदनों से शुरू हुई थी प्रक्रिया

राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए चयन प्रक्रिया काफी व्यापक रही। शुरुआत में देशभर से कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 3,877 उम्मीदवारों ने अपना विस्तृत CV उपलब्ध कराया, जिसके बाद उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट कर इंटरव्यू की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। अब चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और तीन नामों के पैनल में से किसी एक की नियुक्ति पर फैसला होना बाकी है।


लखनऊ में नगर निगम-पुलिस टीम पर हमला, दो महिलाएं गिरफ्तार; करीब एक दर्जन आरोपी फरार

लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र के बुद्धेश्वर इलाके में पशु पकड़ने पहुंची नगर निगम की टीम और पुलिसकर्मियों पर हमला करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि करीब एक दर्जन आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जानकारी के मुताबिक, सोमवार को अवैध दूध डेरियों और इलाके में फैली गंदगी की शिकायत के बाद नगर निगम की टीम बुद्धेश्वर क्षेत्र में जांच और पशु पकड़ने पहुंची थी। टीम ने जैसे ही पशुओं को पकड़ने की कार्रवाई शुरू की, डेरियों से जुड़े लोगों ने इसका विरोध कर दिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और भीड़ ने नगर निगम कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों को घेरकर पथराव शुरू कर दिया। हमले में चार सरकारी वाहनों के शीशे टूट गए। नगर निगम कर्मचारियों के अलावा बुद्धेश्वर चौकी प्रभारी विनय पटेल के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। आरोप है कि हमलावरों ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की और उन्हें जंजीर से बांधकर पीटने की कोशिश की। घटना के दौरान मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा।

कार्रवाई के दौरान 18 भैंसें पकड़ी गईं

भारी विरोध और पथराव के बावजूद नगर निगम की टीम ने कार्रवाई जारी रखी और मौके से 18 भैंसों को पकड़ लिया। घटना के बाद नगर निगम अधिकारी और चौकी प्रभारी की तहरीर पर दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए खुशबून और आफरीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब पुलिस पथराव और हमले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। उनके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।

सामने आया कथित अतीक कनेक्शन

मामले में आरोपियों के कथित माफिया कनेक्शन की बात भी सामने आई है। पुलिस टीम पर हमला करने वाले कुछ आरोपियों के अतीक अहमद से संबंध होने के दावे किए जा रहे हैं। हालांकि, इस कनेक्शन की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और कथित कनेक्शन के संबंध में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच में यदि किसी तरह के आपराधिक कनेक्शन के ठोस प्रमाण सामने आते हैं, तो उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से आरोपियों की संपत्तियों और कथित अवैध निर्माण की भी जांच किए जाने की बात सामने आई है।


रक्षाबंधन से पहले यूपी की महिलाओं के लिए सियासी दांव, BJP के ₹50 हजार के प्रस्ताव पर अखिलेश का ₹40 हजार का ऐलान

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले महिला वोटरों को साधने की कवायद तेज होती नजर आ रही है। सत्तारूढ़ बीजेपी की ओर से महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता वाली योजना पर विचार किए जाने की खबरों के बीच समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी बड़ा सियासी दांव चला है। अखिलेश यादव ने महिलाओं को ₹40 हजार से आर्थिक सहायता शुरू करने और हर साल इसमें बढ़ोतरी करने की बात कही है। हालांकि, बीजेपी की ओर से जिस योजना की चर्चा सामने आई है, उसका अंतिम स्वरूप अभी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, लाभार्थियों की संख्या और बजट को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

BJP की प्रस्तावित योजना में क्या है?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, योगी सरकार विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को आर्थिक सहायता देने वाली योजना पर विचार कर रही है। प्रस्ताव के तहत पात्र महिलाओं को कुल ₹50 हजार की सहायता देने की बात सामने आई है। चर्चा है कि चुनाव से पहले ₹20 हजार की पहली किस्त दी जा सकती है। इसके बाद बीजेपी की सरकार बनने पर बाकी रकम ₹10-10 हजार की तीन किस्तों में देने का प्रस्ताव बताया जा रहा है। संभावित लाभार्थियों में SC और ST परिवारों की महिलाएं, BPL परिवारों की महिलाएं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाएं शामिल हो सकती हैं। इसके अलावा ₹12 लाख तक सालाना आय वाले परिवारों की महिलाओं को भी योजना में शामिल करने का प्रस्ताव बताए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी योजना के अंतिम स्वरूप की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

अखिलेश यादव ने किया ₹40 हजार का वादा

बीजेपी की प्रस्तावित योजना की खबरों के बीच अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने बीजेपी पर चुनाव के समय महिलाओं को आर्थिक मदद का वादा करने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार ने पिछले वर्षों में महिलाओं के अधिकारों का पैसा नहीं दिया। अखिलेश ने अपने बयान में दावा किया कि अगर महिलाओं को हर साल ₹50 हजार दिए जाते तो पिछले 10 वर्षों में उन्हें ₹5 लाख मिल चुके होते। उन्होंने बीजेपी सरकार पर महिलाओं के हिस्से की रकम नहीं देने का आरोप लगाते हुए इसे चुनावी वादा बताया।

‘हम ₹40 हजार से करेंगे शुरुआत’

अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा कि समाजवादी पार्टी महिलाओं के लिए ₹40 हजार से शुरुआत करेगी और इसमें हर साल बढ़ोतरी की जाएगी। उन्होंने बीजेपी की प्रस्तावित योजना को लेकर भी सवाल खड़े किए और सरकार पर चुनाव से पहले आर्थिक सहायता के जरिए वोटरों को प्रभावित करने का आरोप लगाया। अखिलेश ने यह भी कहा कि बीजेपी के पास चुनाव जीतने के लिए पैसे के अलावा कुछ नहीं बचा है। उन्होंने सरकार पर कई अन्य मुद्दों को लेकर भी निशाना साधा।

क्या महिलाओं के खाते में सच में आएंगे पैसे?

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि महिलाओं को कितनी आर्थिक सहायता मिलेगी और योजना कब लागू होगी। बीजेपी की ₹50 हजार वाली योजना अभी प्रस्ताव के स्तर पर बताई जा रही है, जबकि अखिलेश यादव की ओर से ₹40 हजार से शुरुआत करने का राजनीतिक ऐलान किया गया है। योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, किस्तों की तारीख और लाभार्थियों की संख्या को लेकर तस्वीर सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होगी। ऐसे में रक्षाबंधन और आगामी विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता का मुद्दा यूपी की सियासत में बड़ा चुनावी मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है।


61 किलो फूल, बुलडोजर और बोल बम के जयकारे, योगी के हेलीकॉप्टर के बाद कांवड़ियों पर बरसे फूल

कांवड़ यात्रा 2026 के दौरान मेरठ में कांवड़ियों के स्वागत का एक अनोखा नजारा देखने को मिला. दिल्ली-हरिद्वार नेशनल हाईवे-58 पर स्थित सिवाया टोल प्लाजा पर बुलडोजर से कांवड़ियों पर फूलों की बारिश की गई. हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने घरों की तरफ लौट रहे कांवड़ियों पर फूल बरसाए गए. इस दौरान हाईवे पर बोल बम के जयकारे लगातार गूंजते रहे. 
सिवाया टोल प्लाजा पर एक बुलडोजर खड़ा किया गया था. इसके ऊपर आधा दर्जन से ज्यादा लोग सवार हुए. इसके बाद बुलडोजर के जरिए कांवड़ लेकर गुजर रहे श्रद्धालुओं पर फूलों की बारिश की गई. कांवड़िए भी इस स्वागत के बीच आगे बढ़ते नजर आए. मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरे नजारे को अपने मोबाइल फोन के कैमरों में कैद किया...  पुष्प वर्षा के साथ सिवाया टोल प्लाजा पर कांवड़ियों के लिए सूक्ष्म जलपान की भी व्यवस्था की गई थी. यहां उन्हें केले, कोल्ड ड्रिंक और सॉफ्ट ड्रिंक वितरित किए गए. हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रहे श्रद्धालुओं के स्वागत में टोल प्लाजा पर श्रद्धा और उत्साह का माहौल दिखाई दिया. आयोजकों के मुताबिक, कांवड़ियों पर करीब 61 किलो फूलों से पुष्प वर्षा की गई. पुष्प वर्षा के दौरान बड़ी संख्या में कांवड़िए हाईवे से गुजर रहे थे. फूलों की बारिश के बीच बोल बम के जयकारे सुनाई देते रहे... 

सिवाया टोल पर गूंजे बोल बम के जयकारे

इस आयोजन के पीछे एक खास वजह भी बताई गई. सिवाया टोल प्लाजा के सुरक्षा अधिकारी मनिंदर विहान और उनके साथियों की ओर से कांवड़ियों के स्वागत के लिए यह आयोजन किया गया था. आयोजकों का कहना है कि प्रदेश में बुलडोजर लंबे समय से चर्चा का हिस्सा रहा है. इसी वजह से उन्होंने बुलडोजर के जरिए कांवड़ियों का स्वागत करने का फैसला किया. 
दरअसल, शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मेरठ पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने एनएच-58 पर कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा की थी. कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर से भी फूल बरसाए गए थे. इसी क्रम में स्थानीय स्तर पर भी कांवड़ियों के स्वागत के लिए पुष्प वर्षा का आयोजन किया गया. सिवाया टोल प्लाजा पर हुए इस आयोजन में बुलडोजर को पुष्प वर्षा के लिए इस्तेमाल किया गया. बुलडोजर के ऊपर खड़े लोग लगातार कांवड़ियों पर फूल बरसाते रहे. सड़क से गुजर रहे कांवड़िए फूलों की बारिश के बीच आगे बढ़ते रहे.

प्रदेश में चर्चा का हिस्सा रहा बुलडोजर

हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर लौट रहे कांवड़ियों के स्वागत के इस अनोखे तरीके ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींचा. कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाए. पुष्प वर्षा के दौरान पूरे माहौल में बोल बम के जयकारे सुनाई देते रहे. सिवाया टोल प्लाजा पर कांवड़ियों के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई थी. केले, कोल्ड ड्रिंक और सॉफ्ट ड्रिंक बांटे गए. इस तरह पुष्प वर्षा के साथ कांवड़ियों का स्वागत और उनके लिए जलपान की व्यवस्था की गई.
 


लखनऊ अग्निकांड: 15 सपनों को भस्म कर गई एक लापरवाही की आग

by newsdesk

22 जून को लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में लगी आग ने पूरे शहर को सदमे में डाल दिया। इस हादसे में 15 युवा अपनी जान गंवा बैठे, जिनमें ज्यादातर 20-24 साल के छात्र और कर्मचारी शामिल थे। कई लोग घायल भी हुए, जिनका इलाज चल रहा है।

घटना का क्रम

दोपहर के वक्त इमारत के निचले हिस्से में संभवतः एसी या शॉर्ट सर्किट से आग भड़की। तेजी से फैलती लपटों और घने धुएं ने ऊपरी मंजिलों पर मौजूद लोगों को फंसाकर रखा। ग्रिल्स, डिजिटल लॉक और अवरुद्ध निकास मार्गों के कारण कई युवा बाहर नहीं निकल पाए। कुछ छात्रों ने पहली मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान बचाने की कोशिश की। दमकल की टीमों को दीवारें तोड़कर अंदर पहुंचना पड़ा और कई शवों को बाहर निकाला गया।

इमारत में गेमिंग जोन, एनिमेशन स्टूडियो, कोचिंग सेंटर और पेट शॉप जैसे कई व्यवसाय चल रहे थे। मूल रूप से आवासीय उपयोग के लिए मंजूर यह बिल्डिंग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल हो रही थी, और इसमें अग्नि सुरक्षा के मानक पूरी तरह से लापरवाही का शिकार थे।

वर्तमान स्थिति

  • मृत्यु: 15 (ज्यादातर युवा छात्र)।
  • घायल: कई, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
  • राहत कार्य: बचाव अभियान पूरा हो चुका है। मृतकों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए।
  • सरकारी कार्रवाई: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दुख जताया और मुआवजे की घोषणा की। चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, और पूरे मामले की जांच चल रही है।

यह हादसा सिर्फ एक आग नहीं, बल्कि लालच और सुरक्षा उपेक्षा की कहानी है। शहर की कई इमारतों में ऐसी लापरवाहियां आम हैं, जो भविष्य में और बड़े खतरे पैदा कर सकती हैं।



UP SIR फाइनल लिस्ट: 2.05 करोड़ नाम कटने से BJP में हड़कंप, सत्ताधारी दल को बड़ा झटका

by KhabarCafe

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में Special Intensive Revision (SIR) के बाद जारी फाइनल वोटर लिस्ट ने BJP की चिंता बढ़ा दी है। चुनाव आयोग के अनुसार, पूरे राज्य में 2.05 करोड़ से ज्यादा नाम काट दिए गए हैं, जबकि सिर्फ 84 लाख नए मतदाताओं को जोड़ा गया है।

फाइनल लिस्ट में कुल 13.39 करोड़ मतदाता बचे हैं। नाम कटने की सबसे ज्यादा संख्या BJP प्रभाव वाले क्षेत्रों में बताई जा रही है, जिससे सत्ताधारी दल के अंदर असमंजस की स्थिति है।

विपक्षी पार्टियां इसे BJP के खिलाफ बड़ा राजनीतिक कदम बता रही हैं, जबकि BJP इसे सामान्य प्रक्रिया बताते हुए नए मतदाताओं को जोड़ने पर जोर दे रही है।


दिल्ली के एलजी अनिल बैजल कोरोना की चपेट में, खुद को किया आइसोलेट

दिल्ली में कोरोना जमकर उत्पात मचा रहा है।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना तांडव मचा रहा है और ताजा अब दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। इसकी जानकारी उन्होंने खुद दी है। अनिल बैजल द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक, वह कोरोना वायरस संक्रमित हो गए है। उनकी कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उपराज्यपाल अनिल बैजल ने खुद को घर के कमरे में आइसोलेट कर लिया है।

उपराज्यपाल अनिल बैजल ने अपील की है कि जो भी हाल-फिलहाल में उनके संपर्क में आए हैं, वे अपना कोरोना का टेस्ट करवा लें। साथ ही उपराज्यपाल ने यह भी जानकारी ट्वीट में दी है कि हल्के लक्षण है, इसलिए घर पर ही रहूंगा। 


बता दें कि दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और इसी के साथ मौतों की संख्या में इजाफा हो रहा है। बृहस्पतिवार को दिल्ली में 24 घंटे के दौरान 24235 नए मामले सामने आए, जबकि 395 लोगों की मौत हो गई। यह अब तक सबसे बड़ा आंकड़ा है।


मजबूरी ! दिलवालों की दिल्ली में कुत्तों के श्मशान में हो रहा इंसानों का अंतिम संस्कार

दिल्ली में कोरोना से हालात बद से बदतर हो चले हैं।

नई दिल्ली: कोरोना वायरस से दिल्ली में हालात इतने बेकाबू हो चुके हैं कि अब तो श्मशान में लाशों को जलाने के लिए जगह ही नहीं बची हुई है। मजबूरन इंसानों का अंतिम संस्कार अब पशुओं के श्मशान घाट में किया किया जा रहा है। आपको जानकर हैरानी होगी कि अब दिलवालों की दिल्ली में नौबत यहां तक आ गई है कि अब कुत्तों के श्मशान घाटों पर इंसानों के अंतिम संस्कार का इंतज़ाम किया जा रहा है। 

Coronavirus: amid surge in covid deaths dog cremation grounds in delhi are  being used for humans - दिल्ली में टूट रहा मौतों का रिकॉर्ड, पशुओं के श्मशान  घाट पर हो रहा इंसानों

दिल्ली में हर रोज़ कोरोना से मरने वालों का रिकार्ड टूट रहा है। हालात इतने ख़राब हो चुके हैं कि श्मशान घाट पूरी तरह से भरे हुए है। दिल्ली के हर श्मशान घाट पर 5-6 घंटे का वेटिंग है, श्मशान घाटों पर भारी दबाव को देखते हुए दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने द्वारका के कुत्ता श्मशान घाट को इंसानों के श्मशान घाट में तब्दील करने का फ़ैसला किया है।


बता दें कि यहां पर कुल 50 पल्टेफॉर्म बनाए जा रहे हैं। चिता जलाने ले लिए लकड़ियां भी इकट्ठा की जा रही हैं। वहीं, दिल्ली के सरकारी आंकड़ों में जितनी मौतें बताई जा रही हैं, हक़ीक़त उससे काफी अलग है। श्मशानों में जितने शव पहुंच रहे हैं, वो सरकारी आंकड़ों से काफ़ी ज़्यादा हैं। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में मौत का आंकड़ा और ऊपर जाने की आशंका है। ऐसे में श्मशानों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। 


दिल्ली को अभी तक नहीं मिला वैक्सीन, CM केजरीवाल की अपील-‘कल सेंटर्स पर ना लगाएं लाइन’

सीएम केजरीवाल ने दिल्ली को आश्वस्त किया है कि अगले तीन महीने में सभी को वैक्सीन लग जाएगी।

नई दिल्ली : 1 मई 2021 से 18 साल से ऊपर के लोगों को वैक्सीन लगने वाले हैं लेकिन देश की राजधानी दिल्ली में अभी तक वैक्सीन पहुंची ही नहीं है। जी हां! दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने लोगों से अपील की है कि वह सेंटर्स पर कल (1 मार्च 2021) को लाइन ना लगाएं क्योंकि दिल्ली सरकार को अभी तक वैक्सीन नहीं मिल सकी है।

शुक्रवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सीएम केजरीवाल ने कहा कि 1 मई से 18-44 साल के लोगों को टीका लगना शुरू होना है। इसके लिए बहुत सारे लोगों ने रजिस्टर किया है। अभी तक हमारे पास वैक्सीन नहीं पहुंची है। हम लगातार कंपनी के टच में हैं। हमको उम्मीद है कल या परसों में वैक्सीन जाएगी। कल या परसों सबसे पहले 3 लाख कोविशील्ड वैक्सीन आएगी। अभी कल आप टीका लगवाने के लिए लाइन में मत लगना। जैसे ही वैक्सीन आएगी हम आपको बताएंगे तब आप आना। 

वैक्सीन सबको लगेगी

केजरीवाल ने कहा कि जिस-जिस का रजिस्ट्रेशन होगा, अपॉइंटमेंट होगा वह लोग वैक्सीन लगवाने के लिए आना। वैक्सीन सबको लगेगी, लेकिन सबका सहयोग चाहिए। उम्मीद है कल या परसों आ जाएगी। दोनों वैक्सीन कंपनियां 67-67 लाख डोज़ हमको देंगी। यह अगले 3 महीने में उपलब्ध कराएं, हम पैसे चुकाएंगे। इन कंपनियों से हमने शेड्यूल मांगा है कि वह कब-कब सप्लाई कर सकती हैं। 

3 महीने में पूरी दिल्ली को टीका लगाने का लक्ष्य

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी कोशिश है कि अगले 3 महीने में पूरी दिल्ली के लोगों को टीका लगा दें। हम पूरी कोशिश करेंगे और हमने इसकी पूरी प्लानिंग कर ली है, इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार कर लिया है लेकिन निर्भर इस बात पर करेगा कि दोनों कंपनियां हमें कब तक वैक्सीन देंगी।

उन्होंने कहा कि अगर पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध कराई गई तो अगले 3 महीने में सबको टीका लग जाएगा। सब लोग वैक्सीन जरूर लगवाएं। वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। आप सब लोगों का सहयोग चाहिए। अगर दिल्लीवासी सहयोग करेंगे तभी हम अगले 3 महीने में सबको लगा पाएंगे। यह बहुत बड़ा कार्यक्रम है। आपसे बस यही निवेदन है कि अगले कुछ दिनों में टीकाकरण केंद्र में भीड़ मत लगाना।


राजधानी दिल्ली में कोरोना का तांडव जारी, 24 घंटे में रिकॉर्ड 395 मरीजों की मौत

राजधानी दिल्ली में कोरोना का तांडव जारी, 24 घंटे में रिकॉर्ड 395 मरीजों की मौत

by News9India desk

देश में जारी कोरोना की सूनामी के बीच राजधानी दिल्ली में कोरोना का तांडव जारी है। पिछले 24 घंटे में दिल्ली में रिकॉर्ड 395 मरीजों की मौत हई, जो महामारी की शुरुआत के बाद अबतक सबसे ज्यादा है। इससे पहले 368 लोगों ली मौत हुई थी।

वहीं पिछले 24 घंटे में कोरोना 24,235 नए संक्रमण के केस सामने आए। दिल्ली में संक्रमण दर अब भी लगातार 30 फीसदी से ज्यादा बना हुआ है। आज ये 32.82 फिसदी है।
लगातार आठवें दिन 300 से ज्यादा मौतें हुई है। अब तक 15772 लोगों की मौत दिल्ली में हुई है। हालाँकि 24 घंटे में 25,615 मरीज़ बीमारी को मात देने में कामयाब रहे।

हर दिन कोरोना के नए मामलों के साथ-साथ मौतों का आंकड़ा भी बढ़ रहा है। दूसरी ओर अस्पतालों की स्थिति भी बेहतर नहीं हुई है, मरीजों को अभी भी बेड्स और ऑक्सीजन के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। वहीँ देश मे कोरोना के बढ़ते मामले चिंता का विषय है।


कोरोना से हज़ारों की मौत के बाद एक्शन में CM दिल्ली सरकार, खरीदेगी 21 पोर्टेबल ऑक्सीजन प्लांट!

by राजन सिंह


News9इंडिया ब्यूरो: राजधानी दिल्ली में कोरोना की सुनामी जारी है। हर रोज़ सैकड़ों मरीज़ों के मौत के बाद अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी दूर करने के तात्कालिक प्लान एक्शन मोड में दिल्ली सरकार।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि "ऑक्सीजन की कमी दूर करन लिए दिल्ली सरकार बैंकॉक से 18 ऑक्सीजन टैंकर भी मंगवा रही है। ये टैंकर कल से आने चालू हो जाएंगे। इसके लिए केंद्र सरकार से हमने एयरपोर्ट से जहाज देने की रिक्वेस्ट की है।उनका काफी सकारात्मक रवैया रहा है।
केजरीवाल ने कहा "हमें केंद्र सरकार का इसमें पूरा सहयोग मिल रहा है. उम्मीद है जल्द यह काम होगा। टैंकर आने के बाद ऑक्सीजन इम्पोर्ट की समस्या खत्म हो जाएगी।"
अरविंद केजरीव के मुताबिक कोरोना के इस भीषण संकट काल में राजधानी दिल्ली के अस्पतालों के सामने ऑक्सीजन की कमी भी एक बड़ी समस्या बनकर खड़ी हो गयी है। इसी संकट से निपटने के लिए केजरीवाल सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।
 मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज बताया कि फ्रांस से 21 रेडी टू यूज़ ऑक्सीजन प्लांट मंगवाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ''हम फ्रांस से 21 रेडी टू यूज़ ऑक्सीजन प्लांट निर्यात कर रहे हैं।
 इनका इस्तेमाल तुरंत किया जा सकता है। इन्हें दिल्ली के अलग अलग अस्पतालों में लगाया जाएगा।
इससे ऑक्सीजन संकट से जूझ अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी दूर करने में मदद मिलेगी।''
इससे पहले आज सीएम केजरीवाल ने दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल का दौरा किया। अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद केजरीवाल ने कहा, ''दिल्ली सरकार युद्ध स्तर पर ICU बेड तैयार कर रही है।
 GTB अस्पताल के सामने वाले राम लीला ग्राउंड में 500 ICU बेड तैयार हो रहे हैं. 500 ICU BED दिल्ली के मुख्य राम लीला मैदान में बन रहे हैं. इसके साथ ही 200 ICU BED राधा स्वामी सत्संग ब्यास में तैयार हो रहे हैं. कुल 1200 ICU बेड 10 मई तक तैयार हो हो जाएंगे।''


हम किसानों को यहां से जाने के लिए नहीं कहेंगे', जानें कोरोना वैक्‍सीनेशन को लेकर क्‍या बोले राकेश ट‍िकैत

by राजन सिंह

देशभर में कोरोना के केस रोजाना नए र‍िकॉर्ड बना रहे हैं, वहीं द‍िल्‍ली बॉर्डर पर क‍िसान नेता डटे हुए हैं. ऐसे में जब क‍िसान नेता राकेश ट‍िकैत ने कहा क‍ि हम किसानों को यहां से जाने के लिए नहीं कहेंगे. हम 5 महीनें से यहां हैं, ये तो अब हमारा गांव है. यहां कैंप लगवाया जाए, हम वैक्सीन लगवाएंगे. हम यहां कम लोगों को रखेंगे और बैठक नहीं होगी, लोग आते जाते रहेंगे. आज हम 2 दिन के लिए हरियाणा जाएंगे. हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा क‍ि हरियाणा की सीमा पर बैठे किसानों के कोरोना टेस्ट और वैक्सीन लगाने के लिए किसान नेताओं के साथ आज शाम 4 बजे अधिकारियों की बैठक होगी. किसान नेताओं के मानते ही स्वास्थ्य विभाग अपना काम शुरू कर देगा.

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा क‍ि किसान अपने घर पर हैं. हम उन्हें और कहां जाने के लिए कहेंगे? क्या यहां से कोरोना फैल रहा है? हम पिछले 5 महीनों से यहां रह रहे हैं, यह अब हमारा घर है. कई किसानों ने टीका लगवा लिया है, लेकिन दूसरी खुराक पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. हमने अधिकारियों को यहां शिविर लगाने के लिए कहा है. जब सोशल मीडिया पर उनके हालिया इफ्तार पार्टी के वायरल वीड‍ियो के बारे में पूछा गया तो उन्‍होंने कहा क‍ि लोग एक-दूसरे से थोड़ी दूरी पर बैठे थे. सरकार द्वारा 50 लोगों की अनुमति दी है लेक‍िन वहां स‍िर्फ 22-35 लोग थे. कोई एक दूसरे से नहीं मिल रहा था और ना ही किसी ने हाथ म‍िलाया.

कोरोना केस 3 लाख 14 हजार के पार
देश में गुरुवार को कोविड-19 के अब तक के सर्वाधिक 3.14 लाख से ज्यादा मामले आने के साथ ही संक्रमितों की संख्या बढ़ कर 1,59,30,965 हो गई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सुबह आठ बजे अद्यतन किए गए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 3,14,835 मामले आए जबकि 2104 और मरीजों की मौत हो जाने से अब तक इस महामारी की वजह से जान गंवो वालों की संख्या बढ़ कर 1,84,657 हो गई है. लगातार 43 वें दिन उपचाराधीन मरीजों की संख्या भी बढ़ी और 22,91,428 हो गयी है जो कि संक्रमण के कुल मामलों का 14.38 प्रतिशत है। देश में कोविड-19 से ठीक होने की दर 84.46 प्रतिशत हो गयी है.
संक्रमण से ठीक हुए लोगों की संख्या 1,34, 54,880 हो गयी है। मृत्यु दर 1.16 प्रतिशत हो गयी है. भारत में कोविड-19 के मामले पिछले साल सात अगस्त को 20 लाख की संख्या पार कर गए थे. इसके बाद संक्रमण के मामले 23 अगस्त को 30 लाख, पांच सितंबर को 40 लाख और 16 सितंबर को 50 लाख के पार चले गए थे. वैश्विक महामारी के मामले 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख, 20 नवंबर को 90 लाख और 19 दिसंबर को एक करोड़ से अधिक हो गए थे. इसके बाद 19 अप्रैल को संक्रमितों की संख्या 1.50 करोड़ से ज्यादा हो गयी. भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के मुताबिक, 21 अप्रैल तक 27,27,05,103 नमूनों की जांच की जा चुकी है जिनमें से 16,51,711 नमूनों की जांच बुधवार को की गई.


दिल्ली में श्मशान घाटों और कब्रिस्तानों में खाली जगह है या नहीं! बताएगा रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम

by राजन सिंह

नई दिल्ली. दिल्ली में कोविड-19 (Coronavirus In Delhi) के कारण होने वाली मौत के मामलों में बढ़ोतरी के मद्देनजर दिल्ली में निगम अधिकारियों ने श्मशान घाटों और कब्रिस्तानों की वास्तविक समय में निगरानी के लिये तंत्र बनाने और एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष बनाने पर काम शुरू किया है. श्मशान घाटों और कब्रिस्तानों में महामारी के कारण जान गंवाने वालों के अंतिम संस्कार के लिये भीड़ लगातार बढ़ रही है.

दिल्ली में आईटीओ के पास सबसे बड़ी मुस्लिम कब्रगाह कब्रिस्तान अहले इस्लाम में अपनों को सुपुर्द-ए-खाक करने के लिये पहुंचने वाले लोगों को पर्चियां जारी कर रहे मशकूर राशिद ने कहा कि स्थिति 'बेहद खराब' है.

कब्रिस्तान प्रबंधन समिति के सदस्य राशिद कहते हैं, 'हम औसतन रोजाना कोरोना के कारण जान गंवाने वाले 18 से 20 लोगों को बीते कुछ दिनों से यहां सुपुर्द ए खाक कर रहे हैं.' दिल्ली सरकार के मुताबिक मंगलवार को कोविड-99 से देश में 277 लोगों की मौत हुई जो पिछले साल मार्च में इस महामारी के फैलने के बाद से सबसे ज्यादा है.



केंद्रीय नियंत्रण कक्ष बनाने के लिये कहा गया
उत्तरी दिल्ली के महापौर जयप्रकाश ने कहा कि अधिकारियों को वास्तविक समय में निगरानी व्यवस्था कायम करने और एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष बनाने के लिये कहा गया है. उन्होंने कहा, 'उत्तरी दिल्ली नगर निगम के दायरे में आने वाले सभी श्मशान घाटों और कब्रिस्तान को एकीकृत प्रणाली से जोड़ा जाएगा. लोगों को यह पता चल सकेगा कि अंतिम संस्कार के लिये किन स्थानों पर जगह उपलब्ध है.'


Noida News: परिजनों ने दर-दर भटक किया ऑक्‍सीजन का इंतजाम, फिर भी कुछ घंटे में 2 सगे भाइयों ने तोड़ दिया दम

Noida News: परिजनों ने दर-दर भटक किया ऑक्‍सीजन का इंतजाम, फिर भी कुछ घंटे में 2 सगे भाइयों ने तोड़ दिया दम

by राजन सिंह

ग्रेटर नोएडा. देश की राजधानी दिल्‍ली से सटे यूपी के नोएडा और गाजियाबाद शहर न सिर्फ कोरोना वायरस (Coronavirus) की बढ़ती रफ्तार से जूझ रहे हैं बल्कि अस्‍पतालों में ऑक्‍सीजन (Oxygen Crisis In Hospitals) की कमी से हर किसी की टेंशन बढ़ रही हैं. हालांकि स्थानीय प्रशासन हालात पर नियंत्रण में होने का दावा कर रहा है, लेकिन नोएडा के बरौला में कोविड वॉर्ड में भर्ती दो सगे भाइयों के दम तोड़ने के बाद एक बार फिर प्रशासन के दावों की पोल खुल गयी है.

बता दें कि प्रिंटिंग प्रेस चलाने वाले सुनील गहलोत (43) और पेशे से वकील नटवर गहलोत (41) ने 17 अप्रैल को सांस लेने में दिक्कत की शिकायत की थी और उनका ऑक्सिजन लेवल भी 90 से नीचे चला गया. इसके बाद वह कई अस्‍पताल गए, लेकिन बिना कोविड टेस्ट रिपोर्ट के सभी ने भर्ती करने से मना कर दिया. हालांकि किसी तरह से ग्रेटर नोएडा के नवीन अस्‍पताल में दोनों भाइयों को भर्ती कराया गया.

10 किलो के ऑक्‍सीजन सिलेंडर के बाद भी...
सुनील और नटवर के परिजनों ने बताया कि दोनों भाइयों की तबीयत बिगड़ गयी थी और अस्‍पताल मैनेजमेंट ने उनके लिए ऑक्‍सीजन का इंतजाम करने को कहा. हमने इधर उधर दौड़ कर 10 किलो के ऑक्‍सीजन के सिलेंडर का इंतजाम किया और रविवार की शाम अस्पताल को सौंप दिया. हालांकि इसके बाद सोमवार की रात दोनों की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गयी. बड़े भाई ने रात, तो छोटे भाई ने सुबह दम तोड़ दिया. परिजनों का आरोप है कि अगर समय रहते इलाज मिल जाता तो ऐसा नहीं होता.
ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे अस्‍पताल


यूपी के गाजियाबाद और नोएडा में कम से कम 12 अस्पतालों ने बुधवार को ऑक्‍सीजन की कमी रिपोर्ट की. जबकि नोएडा सेक्टर 39 के सरकारी अस्पताल की हालत खराब है. जबकि इस बीच गाजियाबाद के इंदिरापुरम के एक नामी अस्‍पताल के पास ऑक्‍सीजन का स्‍टॉक कुछ घंटे के लिए बचा होने की खबर ने वहां भर्ती कोरोना मरीजों के परिजनों की टेंशन बढ़ा दी थी. हालांकि किसी तरह वहां ऑक्‍सीजन का इंतजाम किया गया. यही नहीं, इस बीच अधिकांश अस्‍पताल मरीजों के परिजनों पर ऑक्‍सीजन का प्रबंध करने के दवाब भी बना रहे हैं.


Delhi News: ऑक्‍सीजन हवाई मार्ग से दिल्‍ली लाने की कोशिश, CM केजरीवाल बोले- केंद्र और अदालत ने की मदद

Delhi News: ऑक्‍सीजन हवाई मार्ग से दिल्‍ली लाने की कोशिश, CM केजरीवाल बोले- केंद्र और अदालत ने की मदद

by राजन सिंह

नई दिल्‍ली. कोरोना संक्रमण (Corona Infection) से भयावह होते हालात के बीच दिल्‍ली (Delhi) के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) ने चौंकाने वाला दावा किया है. उन्‍होंने गुरुवार को कहा कि ऑक्‍सीजन लेकर दिल्‍ली आ रहे ट्रकों को कुछ राज्‍यों में रोका जा रहा है. सीएम ने बताया कि ओडिशा से दिल्‍ली के कोटे की ऑक्‍सीजन आनी है, जिसे हवाई मार्ग से लाने की कोशिश की जा रही है. उन्‍होंने कहा कि केंद्र और अदालत ने काफी मदद की है. केजरीवाल ने कहा कि उनकी  सरकार 6 दिन के लॉकडाउन में हाथ पर हाथ नहीं रखेगी, बल्कि इस वक्‍त का इस्‍तेमाल स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी सुविधाओं को दुरुस्‍त करने में किया जाएगा.

बता दें कि दिल्ली में लॉकडाउन (Lockdown) के तीसरे दिन भी कोरोना (Coronvirus) के आंकड़े डराने वाले हैं. बुधवार को 24 घंटे के जो आंकड़े आए हैं, उसके बाद दिल्ली सरकार (Delhi Government) की नींद और उड़ सकती है. दिल्ली में बीते 24 घंटे में कोरोना के 24638 नए मामले सामने आए हैं और 249 लोगों की मौत हुई है. अब दिल्ली में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 9,30, 179 हो गई है. इनमें से 83, 19, 28 लोग स्वस्थ हो चुके हैं. वहीं, कोरोना से अब तक 12, 887 लोगों की मौत हो चुकी है. अगर पॉजिटिविटी रेट की बात करें तो यह आंकड़ा लगातार 31.28-प्रतिशत तक बना हुआ है. दिल्ली में इस समय कोरोना एक्टिव मरीजों की संख्या 85, 364 है. दिल्ली में सोमवार रात 10 बजे से लॉकडाउन लागू है.

दिल्ली में कोरोना के आ रहे आंकड़े लगातार डराने वाले हैं
दिल्‍ली में मंगलवार को भी कोरोना के आंकड़े हैरान करने वाले थे. बीते मंगलवार को दिल्ली में एक दिन में सबसे ज्यादा केस के साथ सबसे ज्यादा मौत और अब तक की सबसे बड़ी संक्रमण दर भी सामने आई थी. मंगलवार को कोरोना के 28, 395 नए मामले सामने आए थे और 277 लोगों की मौत हुई थी. बुधवार को पॉजिटिविटी रेट 32.82 प्रतिशत तक पंहुच गई थी. ऑक्सीजन की कमी भी लगातार अस्पतालों में बनी हुई है.


Amazon ऐप के पांच आसान सवाल आपको जिता सकते हैं 5,000 रुपये! जानें घर बैठे कैसे मिलेगा फायदा

by राजन सिंह

Amazon App Quiz April 21, 2021: ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेज़न (Amazon) पर डेली ऐप क्विज़ (Daily App Quiz) का नया एडिशन शुरू हो गया है. ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म Amazon आज अपने Quiz में अमेजन पे बैलेंस (Amazon Pay Balance) पर 5,000 रुपये जीतने का मौका दे रहा है. ये क्विज़ अमेज़न के मोबाइल ऐप पर मौजूद है. जानकारी के लिए बता दें कि ये डेली क्विज़ हर दिन सुबह 8 बजे शुरू होती है और रात 12 बजे तक चलती रहती है.

GK पर आधारित होती है क्विज़:  क्विज़ में सामान्य ज्ञान (GK) और करंट अफेयर्स के पांच सवाल होते हैं. इस तरह के ढेर सारे इनाम जीतने के लिए आपको क्विज में पूछे गए सभी सवालों के सही जवाब देना होते हैं. क्विज के दौरान पूछे गए हर सवाल में चार ऑप्शन दिए जाते हैं. आज के क्विज के विजेता का नाम 22 अप्रैल को घोषित किया जाएगा. उसे लकी ड्रा (lucky draw) के ज़रिए चुना जाएगा.


देश में कोरोना केस 10 लाख पार, इन 9 राज्यों के आंकड़े गंभीर होते खतरे का दे रहे संकेत

भारत में कोरोना वायरस के मामलों की रफ्तार अब तेजी से बढ़ रही है. कुल मामलों की संख्या दस लाख के पार हो गई है, जबकि 25 हजार लोगों की मौत हुई है.

  • देश में कोरोना वायरस की रफ्तार बढ़ी
  • दस लाख से अधिक हुए कुल केस

भारत में कोरोना वायरस के कुल मामले दस लाख का आंकड़ा पार कर चुके हैं. दुनिया में ये आंकड़ा पार करने वाला भारत सिर्फ तीसरा देश है. देश में कोरोना वायरस के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं और हर रोज 35 हजार के करीब मामले दर्ज किए जा रहे हैं. जैसे-जैसे टेस्टिंग बढ़ रही है, वैसे-वैसे ही हर रोज नए रिकॉर्ड बनते और टूटते हुए दिख रहे हैं.

महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश समेत ऐसे कई राज्य हैं जहां पर हर रोज हजारों की संख्या में केस आ रहे हैं, जो देश में आने वाले वक्त में कोरोना वायरस की लड़ाई को और भी मुश्किल कर सकते हैं.

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इन राज्यों में हालात हुए बेकाबू...

देश में महाराष्ट्र ऐसा राज्य है, जहां कुल आंकड़ों के करीब 30 फीसदी मामले सामने आ रहे हैं. महाराष्ट्र में हर दिन नया रिकॉर्ड बन रहा है और अब तो 8000 केस प्रति दिन के हिसाब से आ रहे हैं. दूसरी ओर तमिलनाडु और कर्नाटक में भी हर रोज चार हजार नए मामले दर्ज किए जा रहे हैं. जिन राज्यों में हर रोज सबसे अधिक मामले आ रहे हैं, उनपर एक नज़र डालिए...

राज्य24 घंटे में केस कुल केस
महाराष्ट्र 8641 2.84 लाख
तमिलनाडु 4549 1.56 लाख
दिल्ली 1652 1.18 लाख
कर्नाटक 4169 51 हजार
उत्तर प्रदेश 2058 43 हजार
आंध्र प्रदेश 2593 38 हजार
बिहार 1385 21 हजार
पश्चिम बंगाल 1690 36 हजार
तेलंगाना 1676 41 हजार

गौरतलब है कि देश में करीब दस राज्य ऐसे हैं, जहां कुल केसों का अधिकतर हिस्सा है. ऐसे में इन राज्यों को लेकर लगातार चिंता बढ़ रही है. हालांकि, अगर टेस्टिंग के आंकड़ों को देखें तो अब हर तीन दिन में दस लाख टेस्ट किए जा रहे हैं और एक लाख केस सामने आ रहे हैं. यानी देश में अभी भी पॉजिटिविटी रेट दस फीसदी के आस-पास बना हुआ है.

लाइव अपडेट्स के लिए क्लिक करें...

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के कारण ही उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल, कर्नाटक, तमिलनाडु जैसे कई राज्यों ने एक बार फिर लॉकडाउन लगाया है. कुछ जगह कुछ दिनों के लिए लॉकडाउन लगाया गया है, तो वहीं कुछ जगह वीकेंड के हिसाब से लॉकडाउन है.

अगर देश में कोरोना वायरस की रफ्तार को देखें, तो शुरुआती एक लाख मामले में करीब 110 दिन लगे थे. लेकिन उसके बाद ये रफ्तार तेजी से बढ़ी. अब पिछले दो लाख मामले सिर्फ 6 दिनों में आए हैं, यानी हर तीन दिन में एक लाख नया केस. रोज आने वाले केस के मामले में भारत अब सिर्फ अमेरिका से ही पीछे है.


ईरान ने भारत को दिया एक और बड़ा झटका, अहम प्रोजेक्ट से ONGC बाहर

चाबहार-जाहिदान रेलवे प्रोजेक्ट से भारत के बाहर होने की खबरों के आने के बाद अब ईरान एक और बड़ी परियोजना पर अकेले आगे बढ़ सकता है. यह परियोजना गैस फील्ड फारजाद-बी ब्लॉक के विकास को लेकर है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने गुरुवार को प्रेस ब्रीफिंग के दौरान बताया कि ईरान ने भारत को सूचित किया है कि वह फिलहाल गैस फील्ड को अकेले ही विकसित करने जा रहा है. ईरान ने कहा है कि भारत इस परियोजना में बाद में शामिल हो सकता है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "फरजाद-बी गैस फील्ड समझौते को लेकर भी कई खबरें चल रही हैं. इसमें एक्सप्लोरेशन स्टेज में भारत की ओएनजीसी (ऑयल एंड नैचुरेल गैस कॉर्पोरेशन) कंपनी भी शामिल थी. हालांकि, ईरान की तरफ से नीतिगत बदलाव के चलते द्विपक्षीय सहयोग पर असर पड़ा है. जनवरी 2020 में हमें बताया गया था कि भविष्य में ईरान अपने आप इस गैसफील्ड का विकास करेगा और वह बाद के चरण में भारत की मौजूदगी चाहता है. इस मामले पर चर्चा जारी है."