अब बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेगा कफ सिरप, स्वास्थ्य मंत्रालय का बड़ा फैसला
नई दिल्ली, 16 जून 2026: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने देशभर में कफ सिरप समेत कई सिरप फॉर्मूलेशन्स को ओवर-द-काउंटर (OTC) दवाओं की सूची से हटाने का बड़ा निर्णय लिया है। अब इन दवाओं की खरीद के लिए डॉक्टर की पर्ची अनिवार्य हो गई है। यह कदम बच्चों की सुरक्षा, दवा के दुरुपयोग और स्व-चिकित्सा की बढ़ती समस्या को रोकने के लिए उठाया गया है।
फैसले की मुख्य बातें
- ड्रग्स (फिफ्थ अमेंडमेंट) रूल्स, 2026 के तहत सिरप फॉर्म को शेड्यूल K की छूट वाली सूची से बाहर कर दिया गया है।
- सभी कफ सिरप, कोल्ड सिरप और संबंधित दवाएं अब शेड्यूल H या H1 की श्रेणी में आ जाएंगी, जिन्हें बिना वैध पर्चे के नहीं बेचा जा सकेगा।
- फार्मासिस्टों को हर पर्चे का रिकॉर्ड तीन साल तक रखना होगा और उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई होगी।
सरकार का कहना है कि पिछले सालों में कफ सिरप में डाई-एथिलीन ग्लाइकोल (DEG) जैसे जहरीले पदार्थों के कारण कई बच्चों की मौतें हुईं, जिनमें मध्य प्रदेश, राजस्थान और अन्य राज्यों के मामले शामिल हैं। इन घटनाओं के बाद केंद्र ने कड़े नियामक कदम उठाए हैं।
क्यों लिया गया यह फैसला?
- बच्चों की सुरक्षा: कई मामलों में बिना सलाह के बच्चों को कफ सिरप दिए जाने से गंभीर नुकसान हुआ। स्वास्थ्य मंत्रालय पहले ही 2 साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप न देने की एडवाइजरी जारी कर चुका है।
- दुरुपयोग की रोकथाम: कुछ लोग इन सिरपों का नशे के रूप में दुरुपयोग करते थे।
- स्व-चिकित्सा पर अंकुश: खांसी-जुकाम जैसी सामान्य बीमारियों में लोग खुद दवा खरीदकर लेते थे, जिससे एलर्जी, साइड इफेक्ट्स और प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है।
फार्मासिस्टों और दवा कंपनियों पर असर
- मेडिकल स्टोरों पर कफ सिरप सीधे काउंटर से नहीं मिलेंगे।
- कंपनियों को लेबलिंग में स्पष्ट चेतावनी छापनी होगी: “बिना डॉक्टर की सलाह के न लें”।
- ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य केंद्रों को अतिरिक्त सुविधाएं बढ़ाने की योजना है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “यह फैसला जन स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए है। हम चाहते हैं कि लोग छोटी-मोटी बीमारियों में भी डॉक्टर से परामर्श लें और घरेलू उपायों का सहारा लें।”
नागरिकों के लिए सलाह
- खांसी-जुकाम होने पर सबसे पहले डॉक्टर से संपर्क करें।
- पुरानी पर्ची से दवा न खरीदें।
- बच्चों को कभी भी बिना सलाह के कफ सिरप न दें।
- केवल अधिकृत मेडिकल स्टोर से ही दवा खरीदें।
यह नियम पूरे देश में लागू होगा और राज्यों को भी इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करना होगा। सरकार का मानना है कि इससे दवा संबंधी अनहोनियों में काफी कमी आएगी।
अपडेट: यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय की आधिकारिक अधिसूचना और हालिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। नियमों के पूर्ण क्रियान्वयन की निगरानी की जा रही है।