कर्नाटक में SIR पर कांग्रेस मंत्री का समर्थन, बोले- हटाए गए नामों में मृत और डुप्लीकेट मतदाता शामिल
by डेस्क न्यूज़
कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का समर्थन करते हुए कहा कि राज्य में यह प्रक्रिया सही तरीके से पूरी की गई। उन्होंने करीब एक करोड़ नाम हटाए जाने के सवाल पर मृत, दूसरी जगह जा चुके और डुप्लीकेट मतदाताओं का हवाला दिया। हालांकि, उनके बयान में नाम हटाने के आंकड़े और उनके आधार की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस नेता और राज्य सरकार में मंत्री सतीश जारकीहोली ने अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में इस प्रक्रिया को लेकर उनकी आपत्ति नहीं थी। उनका सवाल दूसरे राज्यों में SIR लागू करने के तरीके को लेकर था। जारकीहोली के मुताबिक, बिहार, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में इस प्रक्रिया को जिस तरह अंजाम दिया गया, उस पर उन्होंने सवाल उठाए थे। उन्होंने कर्नाटक में मतदाता सूची की जांच को सही बताते हुए कहा कि दूसरे राज्यों में भी प्रक्रिया को उचित तरीके से लागू किया जाना चाहिए था।
मतदाता सूची से नाम हटाने पर क्या बोले मंत्री?
करीब एक करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने के सवाल पर जारकीहोली ने कहा कि इनमें मृत लोगों, दूसरी जगह स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं और एक से अधिक बार दर्ज नामों वाले लोगों की प्रविष्टियां शामिल थीं। उनका तर्क था कि मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए ऐसे नामों की पहचान करना जरूरी है। हालांकि, हटाए गए नामों की कुल संख्या, उनके वर्गीकरण और कार्रवाई के आधार को संबंधित आधिकारिक आंकड़ों से मिलाकर देखना जरूरी है।
कर्नाटक में प्रक्रिया सही रहने का बताया कारण
मंत्री ने कहा कि कर्नाटक में विरोध और लोगों को दी गई ट्रेनिंग का असर प्रक्रिया पर पड़ा। उनके अनुसार, राज्य में मतदाता सूची के पुनरीक्षण को सही तरीके से पूरा किया गया। उन्होंने दूसरे राज्यों में अपनाए गए तरीके पर अपनी असहमति दोहराई। उनके बयान का मुख्य जोर इस बात पर था कि SIR का विरोध करने और उसके क्रियान्वयन पर सवाल उठाने में अंतर है। वह कर्नाटक में हुई प्रक्रिया के समर्थन में हैं, लेकिन अन्य राज्यों में इसे लागू करने के तरीके पर आपत्ति जताते रहे हैं।
SIR को लेकर क्यों अहम है यह बयान?
मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके तहत मतदाताओं के रिकॉर्ड की जांच की जाती है, ताकि सूची में मौजूद त्रुटियों और अपात्र प्रविष्टियों की पहचान की जा सके। दूसरी ओर, नाम हटाने की प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रखना भी जरूरी है। ऐसे में सतीश जारकीहोली का बयान कर्नाटक में SIR को लेकर कांग्रेस के भीतर और अलग-अलग राज्यों में प्रक्रिया के क्रियान्वयन पर जारी बहस के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। हालांकि, किसी राज्य में प्रक्रिया को सही या गलत ठहराने के लिए संबंधित चुनावी रिकॉर्ड, हटाए गए नामों के आधिकारिक आंकड़े और शिकायतों के निपटारे की जानकारी भी देखना जरूरी होगा।