फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को फर्रुखाबाद के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस लाइन मैदान में आयोजित कार्यक्रम में बाढ़ पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और राहत सामग्री वितरित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रदेश सरकार प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने गंगा की बाढ़ से प्रभावित 1,000 परिवारों को 26 तरह की जरूरी सामग्री से तैयार राहत किट वितरित की। इसके अलावा बाढ़ में अपना घर गंवाने वाले 31 लोगों को आवासीय भूमि का पट्टा दिया गया। इन लाभार्थियों को मकान बनाने के लिए 1.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक भी सौंपे गए।
हवाई सर्वेक्षण कर जानी बाढ़ की स्थिति
योगी आदित्यनाथ ने हेलीकॉप्टर से गंगा की बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जलभराव और बाढ़ से प्रभावित गांवों की स्थिति का जायजा लिया। सर्वेक्षण के बाद पुलिस लाइन मैदान में आयोजित जनसभा में उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा के दौरान सरकार की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और उन्हें समय पर राहत पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव अभियान में तेजी बनाए रखने और प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए।
70 गांव बाढ़ से प्रभावित
प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, फर्रुखाबाद में गंगा की बाढ़ से करीब 70 गांव प्रभावित हुए हैं। इन गांवों में लगभग 19,295 परिवारों के 78,671 लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं। बाढ़ के पानी से करीब 7,200 हेक्टेयर फसल को नुकसान पहुंचा है, जबकि 127 ग्रामीणों के बेघर होने की जानकारी सामने आई है।
पहले भी दी गई आर्थिक मदद और जमीन
प्रशासन के अनुसार, प्रभावित परिवारों को राहत देने का सिलसिला पहले से जारी है। अब तक 96 ग्रामीणों को मकान निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। वहीं 67 लोगों को आवासीय भूमि के पट्टे भी दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत के मुताबिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।