‘हथकड़ी लगाओ, बेड़ियां बांधो, लेकिन जान बचाओ…’ यूपी पुलिस की कस्टडी से क्यों डरा गैंगस्टर राकेश पंपू?

by न्यूज डेस्क
‘हथकड़ी लगाओ, बेड़ियां बांधो, लेकिन जान बचाओ…’ यूपी पुलिस की कस्टडी से क्यों डरा गैंगस्टर राकेश पंपू?

उत्तर प्रदेश के शामली में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस ने इस हत्याकांड की साजिश में करनाल जेल में बंद गैंगस्टर राकेश उर्फ पंपू, तिहाड़ जेल में बंद रोहित मोई और कनाडा के टोरंटो में बैठे भोलू साहापुरिया को मुख्य साजिशकर्ताओं के तौर पर चिन्हित किया है। मामले की जांच यूपी पुलिस और एसटीएफ कर रही है। इसी बीच राकेश पंपू की एक चिट्ठी चर्चा में है। गैंगस्टर ने शामली के एसपी और उत्तर प्रदेश के डीजीपी को चार पन्नों का पत्र भेजकर अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उसने मांग की है कि अगर उसे प्रोडक्शन वारंट पर यूपी लाया जाता है तो उसकी आवाजाही पुलिस वाहन से कराई जाए और उसके हाथ-पैर में हथकड़ी व बेड़ियां लगाई जाएं। साथ ही पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने की मांग भी की गई है।

एनकाउंटर का डर या गैंगवार की आशंका?

राकेश पंपू पर आरोप है कि उसने जेल के भीतर से अंकित बालियान की हत्या की साजिश को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई। पुलिस के मुताबिक, उसने कथित तौर पर शूटरों को फंडिंग और हथियार उपलब्ध कराने में मदद की। शूटरों के एनकाउंटर के बाद शामली पुलिस ने पंपू का नाम सामने रखा था। इसके बाद अब पुलिस उससे पूछताछ के लिए रिमांड लेने की तैयारी कर रही है। इसी को लेकर पंपू ने अपनी सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को पत्र लिखा है। पत्र में उसने आशंका जताई है कि यूपी पुलिस की कस्टडी में उसके साथ कुछ अनहोनी हो सकती है। उसे कथित तौर पर एनकाउंटर के अलावा रास्ते में वाहन पलटने या जेल में विरोधी गैंग के हमले का भी डर है। इसी वजह से उसने कस्टडी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम और हर गतिविधि की रिकॉर्डिंग कराने की मांग की है।

18 राउंड फायरिंग में हुई थी अंकित की हत्या

शामली में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान पर दो मोटरसाइकिलों से आए चार हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। हमलावरों ने करीब 18 राउंड गोलियां चलाईं। इस दौरान एक गोली अंकित के सिर में लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद सोशल मीडिया पर गोगी गैंग की ओर से हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा करने वाली पोस्ट भी सामने आई थी। पुलिस इस पोस्ट और हत्याकांड के बीच संबंध की जांच कर रही है।

जेल से बैठकर फंडिंग और लोकेशन ट्रैक करने का आरोप

जांच में पुलिस को यह भी पता चला है कि हत्याकांड के लिए कथित तौर पर फंडिंग राकेश पंपू ने की थी। आरोप है कि उसने शूटरों को पैसे और हथियार उपलब्ध कराए। पुलिस के मुताबिक, फरार शूटर सत्यम कादयान पंपू का करीबी रिश्तेदार है। आरोप है कि सत्यम ने अंकित की गाड़ी में जीपीएस डिवाइस लगाया था और मोबाइल के जरिए उसकी लोकेशन पर नजर रखी जा रही थी। इससे हमलावरों को अंकित की गतिविधियों की जानकारी मिलती रही।

दो फरार शूटरों पर एक-एक लाख का इनाम

हत्याकांड में शामिल दो आरोपी शूटर अभी फरार हैं। पुलिस ने आर्यन और सत्यम कादयान पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद दोनों आरोपी राकेश पंपू के सिवाह गांव पहुंचे थे और वहां से फरार हो गए। बताया जा रहा है कि एनकाउंटर में मारे गए सुमित और मोहित के साथ आर्यन और सत्यम भी बैकअप टीम का हिस्सा थे। अब यूपी पुलिस की नजर राकेश पंपू पर है। उसकी रिमांड के दौरान पुलिस जेल से चलाए जा रहे कथित नेटवर्क, शूटरों से संपर्क, फंडिंग और हत्याकांड में शामिल अन्य लोगों की भूमिका को लेकर पूछताछ कर सकती है। दूसरी ओर, पंपू की चिट्ठी ने उसकी सुरक्षा को लेकर एक नया सवाल खड़ा कर दिया है—क्या उसे वाकई यूपी पुलिस की कस्टडी से एनकाउंटर का डर है?


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