मथुरा में जन्माष्टमी पर सीएम योगी का बड़ा संदेश, बोले- ब्रजभूमि को संवारने में नहीं छोड़ेंगे कोई कसर

by न्यूज डेस्क
मथुरा में जन्माष्टमी पर सीएम योगी का बड़ा संदेश, बोले- ब्रजभूमि को संवारने में नहीं छोड़ेंगे कोई कसर

मथुरा: देशभर में आज भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी की धूम है। कृष्ण जन्मभूमि मथुरा में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक दिन पहले ही मथुरा पहुंचे थे। जन्माष्टमी के मौके पर उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मभूमि पहुंचकर पूजा-अर्चना की और भगवान के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने ब्रजवासियों और देशभर से आए श्रद्धालुओं को संबोधित किया। सीएम योगी ने कहा कि ब्रजभूमि के विकास और उसकी धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने में सरकार कोई कमी नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि भारत ने इतिहास में कई आक्रमण झेले हैं, लेकिन सनातन परंपरा और आस्था को खत्म करने की हर कोशिश नाकाम रही। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने सनातन आस्था को मिटाने का प्रयास किया, आज उनका अस्तित्व इतिहास में ही सिमटकर रह गया है।

अयोध्या की तरह भव्य बनेगा ब्रज क्षेत्र

मुख्यमंत्री ने अयोध्या में हो रहे विकास कार्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। सामान्य दिनों में करीब एक लाख लोग दर्शन के लिए आते हैं, जबकि रामनवमी और दीपावली जैसे बड़े पर्वों पर यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। योगी ने कहा कि इसके बावजूद अयोध्या में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहां अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, फोर लेन सड़कें और रेलवे की डबल लाइन जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। अयोध्या धाम अब एक नए और भव्य स्वरूप में नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि इसी तरह मथुरा-वृंदावन और पूरे ब्रज क्षेत्र के विकास पर भी सरकार का विशेष ध्यान है। ब्रज तीर्थ विकास परिषद के माध्यम से यहां धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को विकसित किया जा रहा है।

1528 का जिक्र कर बोले योगी- आस्था को खत्म करने की कोशिश नाकाम हुई

सीएम योगी ने अपने संबोधन में करीब 500 साल पुराने इतिहास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 1528 में विदेशी आक्रांताओं ने भारतीय आस्था और धार्मिक स्थलों को खत्म करने का प्रयास किया था। योगी ने कहा कि उस दौर में जिन लोगों को लगता था कि वे कभी पराजित नहीं होंगे, आज उनका कोई अस्तित्व नहीं है। वहीं अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अयोध्या में हुए बदलाव से खुश नहीं हैं और इसी वजह से शहर को बदनाम करने का प्रयास करते हैं।

कंस और योगमाया का प्रसंग भी सुनाया

मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से जुड़े प्रसंग का जिक्र करते हुए कहा कि जब कंस योगमाया का दर्शन कर रहा था, उसी समय योगमाया प्रकट हुईं और उन्होंने कंस के अहंकार को चुनौती दी। योगी ने कहा कि यही शक्ति बाद में विंध्यवासिनी के रूप में प्रकट हुई। उन्होंने बताया कि जब भी वे मथुरा आते थे, उन्हें विंध्यवासिनी धाम की याद आती थी। आज वहां भी श्रद्धा और आस्था के अनुरूप भव्य धार्मिक परिसर विकसित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि मथुरा-वृंदावन में भी अयोध्या और काशी की तर्ज पर ऐसा भव्य धार्मिक परिसर विकसित हो, जहां देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

'अर्जुन, तुम सिर्फ निमित्त हो... कर्म करते रहो'

गीता का संदर्भ देते हुए सीएम योगी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कर्म और कर्तव्य का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि इंसान को अपने कर्तव्य पर ध्यान देना चाहिए और परिणाम की चिंता नहीं करनी चाहिए। योगी ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति ईमानदारी और निष्काम भाव से अपना काम करता है तो उसके परिणाम भी बेहतर होते हैं। उन्होंने लोगों से देश, समाज और परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारियां ईमानदारी से निभाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश आगे बढ़ रहा है। युवाओं के लिए नए अवसर बन रहे हैं, महिलाओं को सुरक्षा का भरोसा मिला है और कामगारों व कारीगरों के लिए भी बेहतर माहौल तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि त्योहार समाज को जोड़ने और एक-दूसरे के करीब लाने का काम करते हैं। योगी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संदेश साफ है—कर्म करते रहिए और अपने कर्तव्य के रास्ते पर आगे बढ़िए, बाकी चिंता कृष्ण कन्हैया पर छोड़ दीजिए।

पिछली सरकारों पर भी साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकारों के समय नेता जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा आने से बचते थे। उन्होंने दावा किया कि इसकी वजह वोट बैंक की राजनीति का डर था। योगी ने जवाहर बाग की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि अब ब्रजभूमि की पहचान ऐसी घटनाओं से नहीं, बल्कि जन्मोत्सव, रंगोत्सव और वैष्णव कुंभ जैसे धार्मिक आयोजनों से हो रही है। उन्होंने कहा कि ब्रज में अब श्रद्धालु नई ऊर्जा और विश्वास के साथ पर्व मना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि भगवान श्रीकृष्ण के संदेश को अपने जीवन में उतारें और देश, समाज तथा परिवार के लिए ईमानदारी से काम करें। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत को विकसित राष्ट्र और उत्तर प्रदेश को विकसित प्रदेश बनाने के लक्ष्य को हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता।

रात 12 बजे होगा कान्हा का जन्म, जानिए कब खुलेंगे कपाट

श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर जन्माष्टमी का मुख्य आयोजन आधी रात को होगा। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इससे कुछ मिनट पहले रात 11:55 बजे करीब पांच मिनट के लिए गर्भगृह के कपाट बंद रहेंगे। इस दौरान पर्दे के पीछे भगवान श्रीकृष्ण को विशेष पंचरत्नी पीतांबरी पोशाक पहनाई जाएगी। रत्नों से जड़े मुकुट और आभूषणों से उनका श्रृंगार किया जाएगा। रात 12 बजे जन्म के बाद पर्दा हटाया जाएगा और भगवान की आरती होगी। इसके बाद प्रतिमा को गर्भगृह से बाहर लाकर श्रद्धालुओं को दर्शन कराए जाएंगे। भगवान का अभिषेक सोने से सजी चांदी की कामधेनु के दूध से किया जाएगा। इसके बाद चांदी के कमल पर भगवान को विराजमान कर पंचामृत स्नान कराया जाएगा। रात करीब 12:45 बजे शयन आरती के बाद प्रतिमा को दोबारा गर्भगृह में विराजमान कराया जाएगा और मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे।


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