110 रन पर सिमटी पाकिस्तान की टीम, फिर भी बाबर-फखर पर कोच का भरोसा; फाइनल से पहले किया बड़ा दावा
by डेस्क न्यूज़
लाहौर: श्रीलंका के खिलाफ महज 110 रन पर ऑलआउट होने के बाद पाकिस्तान की बल्लेबाजी पर सवाल उठ रहे हैं। इसके बावजूद टीम के बैटिंग कोच माइक स्मिथ ने बाबर आजम और फखर जमां का समर्थन किया है। उन्हें उम्मीद है कि दोनों अनुभवी बल्लेबाज जल्द बड़ी पारियां खेलकर टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगे। पाकिस्तान को अब 31 अक्टूबर को वनडे ट्राई सीरीज के फाइनल में श्रीलंका का सामना करना है।
बाबर आजम की फॉर्म पर कोच ने क्या कहा?
श्रीलंका के खिलाफ पिछले मुकाबले में बाबर आजम 29 रन बनाकर आउट हो गए थे। वह इस टूर्नामेंट में अब तक अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलने में सफल नहीं रहे हैं। हालांकि, माइक स्मिथ इसे बड़ी चिंता नहीं मानते। कोच का कहना है कि बल्लेबाज के लिए क्रीज पर टिकना क्रिकेट की सबसे मुश्किल चुनौतियों में से एक है और बाबर कई बार आसानी से ऐसा कर रहे हैं। उनके मुताबिक, अगर बाबर अपनी किसी एक शुरुआत को बड़े स्कोर में बदल देते, तो उनकी फॉर्म पर सवाल उठाने की गुंजाइश कम होती। स्मिथ ने भरोसा जताया कि बाबर जल्द बड़ी पारी खेलेंगे। अब फाइनल में इस अनुभवी बल्लेबाज पर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी होगी।
फखर जमां से भी बड़ी पारी की उम्मीद
फखर जमां भी मौजूदा सीरीज में अपेक्षा के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। श्रीलंका के खिलाफ पिछले मुकाबले में वह सिर्फ 5 रन बनाकर आउट हो गए थे। इसके बावजूद बैटिंग कोच ने उनकी क्षमता पर भरोसा जताया है। स्मिथ के मुताबिक, फखर विश्वस्तरीय खिलाड़ी हैं और पहले भी अपनी बल्लेबाजी से यह साबित कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी के करियर में ऐसा दौर आता है, जब रन बनाने में मुश्किल होती है। कोच को उम्मीद है कि फखर अपनी आक्रामक शैली में लौटेंगे। उनके अनुसार, क्रीज पर जमने के बाद फखर मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में फाइनल में उनका प्रदर्शन पाकिस्तान के लिए अहम हो सकता है।
पाकिस्तान की बल्लेबाजी अभी 70 फीसदी क्षमता पर
बैटिंग कोच माइक स्मिथ ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान की पूरी बल्लेबाजी इकाई अभी अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर पर नहीं पहुंची है। उनके आकलन के मुताबिक, टीम सामूहिक रूप से अपनी क्षमता के करीब 70 फीसदी स्तर पर प्रदर्शन कर रही है। श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले में पाकिस्तान के बल्लेबाजों ने लगातार विकेट गंवाए और टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी। स्मिथ ने इसके पीछे खराब शॉट चयन और श्रीलंकाई गेंदबाजों की प्रभावी गेंदबाजी को अहम वजह बताया।
मिडिल ऑर्डर से मिली राहत
पाकिस्तान के शीर्ष क्रम के संघर्ष के बीच मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाजों ने टूर्नामेंट में कई मौकों पर अच्छा प्रदर्शन किया है। कोच ने इसे टीम के लिए सकारात्मक संकेत बताया। स्मिथ का मानना है कि यदि शीर्ष क्रम भी अपनी लय हासिल कर लेता है, तो पाकिस्तान की बल्लेबाजी और मजबूत हो सकती है। हालांकि, फाइनल में इस उम्मीद को नतीजे में बदलने के लिए बल्लेबाजों को मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
पिच को दोष देने के पक्ष में नहीं कोच
लाहौर की पिच को लेकर उठ रहे सवालों पर भी स्मिथ ने अपनी राय रखी। उन्होंने बल्लेबाजी में नाकामी के लिए पिच को जिम्मेदार ठहराने से इनकार किया। उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खिलाड़ियों को परिस्थितियों के हिसाब से अपनी रणनीति बदलनी पड़ती है। कोच ने यह भी कहा कि श्रीलंका के खिलाफ हार का असर फाइनल पर नहीं पड़ना चाहिए। उनके मुताबिक, खिताबी मुकाबले में दबाव को बेहतर ढंग से संभालने वाली टीम के पास जीतने का बेहतर मौका होगा। अब पाकिस्तान की नजरें 31 अक्टूबर को होने वाले फाइनल पर हैं। बाबर आजम और फखर जमां पर सबकी निगाहें रहेंगी। कोच का भरोसा तभी सही साबित होगा, जब दोनों बल्लेबाज अहम मुकाबले में बड़ी पारियां खेलकर टीम की जीत में योगदान देंगे।