रबी फसलों की खरीद 3,921 लाख मीट्रिक टन पहुंची, MSP भुगतान बढ़कर ₹8.36 लाख करोड़

रबी फसलों की खरीद 3,921 लाख मीट्रिक टन पहुंची, MSP भुगतान बढ़कर ₹8.36 लाख करोड़

केंद्र सरकार की ओर से जारी आधिकारिक फैक्टशीट के मुताबिक, छह रबी फसलों की खरीद वित्त वर्ष 2004-05 के 2,302 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 2025-26 में 3,921 लाख मीट्रिक टन हो गई है। इसी अवधि में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत किसानों को किया गया भुगतान ₹2.65 लाख करोड़ से बढ़कर ₹8.36 लाख करोड़ पहुंच गया है। सरकार ने 30 सितंबर को रबी विपणन सत्र (RMS) 2027-28 के लिए सभी निर्धारित रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी। इसके तहत 324 लाख मीट्रिक टन उपज की खरीद के लिए किसानों को करीब ₹90,962 करोड़ का भुगतान किए जाने का अनुमान है।

कुसुम के MSP में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी

फैक्टशीट के अनुसार, इस बार कुसुम के न्यूनतम समर्थन मूल्य में ₹675 प्रति क्विंटल की सबसे अधिक बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद रेपसीड और सरसों के MSP में ₹413 प्रति क्विंटल, मसूर में ₹390 प्रति क्विंटल और जौ में ₹136 प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। गेहूं और चने के MSP में भी पिछले साल के मुकाबले बढ़ोतरी हुई है।

गेहूं की लागत पर 106 फीसदी रिटर्न का अनुमान

उत्पादन लागत के मुकाबले अनुमानित रिटर्न के मामले में गेहूं सबसे आगे है। फैक्टशीट के मुताबिक, गेहूं पर 106 प्रतिशत, रेपसीड और सरसों पर 96 प्रतिशत, मसूर पर 92 प्रतिशत और चने पर 59 प्रतिशत रिटर्न का अनुमान लगाया गया है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से खरीद और भुगतान में तेजी

सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल से कृषि उपज की खरीद और भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाने में मदद मिल रही है। MSP के जरिए किसानों को उनकी उपज का निर्धारित मूल्य उपलब्ध कराने और फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। 19 अक्टूबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, ‘ई-संयुक्त’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से 43 लाख से अधिक किसानों से उपज खरीदी गई। इसके तहत 37.45 लाख मीट्रिक टन से अधिक उपज की खरीद हुई और किसानों के खातों में ₹13,000 करोड़ से अधिक की राशि जमा की गई। वहीं, ‘ई-समृद्धि’ प्लेटफॉर्म पर 1.37 करोड़ से अधिक किसान पंजीकृत हैं। इस प्लेटफॉर्म के जरिए 2.25 करोड़ यूनिट से अधिक उपज की खरीद की गई और किसानों को 81 लाख से अधिक बार भुगतान किया गया।

किसानों को उचित मूल्य दिलाने पर जोर

सरकार के मुताबिक, MSP में बढ़ोतरी, खरीद व्यवस्था का विस्तार और डिजिटल भुगतान प्रणाली का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना और बाजार तक उनकी पहुंच मजबूत करना है। केंद्र सरकार हर साल 22 प्रमुख कृषि फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करती है। ये दरें कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों के आधार पर तय की जाती हैं।


न्यूज़ डेस्क